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गैर-बासमती के निर्यात पर लगी 20 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वापस ले केंद्र सरकार : भूपेंद्र हुड्डा

Sun, 11 Sep 2022 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 12:24 AM IST
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Central government should withdraw 20 percent excise duty on non-basmati exports: Bhupendra Hooda
पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व मुख्य मंत्री भूपेन्द्र सिह हुड्डा। अमर उजाला
रोहतक। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार का गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 20 फीसदी एक्साइज ड्यूटी और टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किसान विरोधी हैं। क्योंकि इससे रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पैदा हुए हालात और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनाज की ऊंची कीमतों का लाभ किसानों को नहीं मिल पाएगा। किसानों के हित में सरकार तत्काल दोनों फैसले वापस ले। साथ ही प्रदेश में 20 सितंबर से मंडियों में धान की खरीद शुरू करे। हुड्डा शनिवार को डी पार्क स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
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हुड्डा ने कहा कि मारुति के खरखौदा स्थित प्लांट को लगाने का निर्णय कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो गया था। मुख्यमंत्री के तौर पर वे जब जापान दौरे पर गए तो उस समय मानेसर, रोहतक और खरखौदा में निवेश पर सहमति बन गई थी, लेकिन भाजपा सरकार के चलते प्लांट आठ साल लेट हो गया। हुड्डा ने नौकरियों के सवाल पर कहा कि प्रदेश में परचून की दुकान के सामान की तरह नौकरियां बिक रही हैं। सरेआम नौकरियों की बोली लगी रही है, सरकार इसी को पारदर्शिता का नाम दे रही है। एक के बाद एक हो रहे खुलासों ने विपक्ष के आरोपों को सही साबित कर दिया है। इस मुद्दे को कांग्रेस ने सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाया। सरकार की तरफ से कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन, एचएसएससी से लेकर एचपीएससी तक में भ्रष्टाचार के सबूत सामने आने और एचपीएससी दफ्तर से लाखों रुपये पकड़े जाने के बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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सरकार सोनाली फोगाट केस की सीबीआई से खुद करवाए जांच
हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार सोनाली फोगाट की हत्या के मामले में सीबीआई जांच से क्यों किनारा कर रही है। जबकि परिवार बार-बार सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहा है। मृतक सोनाली के परिवार की आशंकाओं को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं स्कूलों को बंद करने के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार स्कूलों को बंद कर शिक्षा का निजीकरण करना चाह रही है। बीजेपी-जेजेपी सरकार ने ‘परिवार पहचान पत्र’ को बुजुर्गों की पेंशन काटने का हथियार बना लिया है, लेकिन कांग्रेस सरकार बनने पर पीपीपी को खत्म किया जाएगा और सभी बुजुर्गों की पेंशन फिर से बहाल की जाएगी। एसवाईएल मुद्दे पर उन्होंने दोहराया कि पानी पर हरियाणा का पूर्ण अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा केस जीत चुका है। प्रदेश को पानी दिलाना केंद्र व प्रदेश सरकार का काम है। अगर पंजाब सरकार पानी नहीं दे रही है तो हरियाणा सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस दायर करना चाहिए।
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