मेरे खिलाफ सीबीआई जांच तो खनन माफिया के खिलाफ भी हो : हुड्डा

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 06 Sep 2016 01:48 AM IST
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bhupinder singh hudda
bhupinder singh hudda - फोटो : file photo

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सीबीआई के छापों के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के तेवर तल्ख हो गए हैं। उन्होंने कई मामलों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए सीबीआई जांच की मांग की। हुड्डा ने कहा कि जब उनके खिलाफ सीबीआई जांच हो सकती है तो प्रदेश में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। लेकिन नहीं, खनन में सरकार के ही कुछ लोग शामिल हैं ऐसे में उनके फंसने का डर है। 
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सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज भी अपने बयान पर कायम हूं कि मैं दूध का धुला हुआ हूं। सरकार मेरे खिलाफ चाहे सीबीआई या कोई भी जांच करा ले, लेकिन जांच में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना नहीं होनी चाहिए, जोकि इस समय सीबीआई जांच में दिख रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति द्वेष इसी से साफ हो जाता है कि अधिकतर मामलों में मुकदमा दर्ज करने की जगह सीबीआई को केस सौंपा जाता है, जिससे वह प्राइमरी जांच कर सके। जबकि मेरे मामले में पहले मुकदमा दर्ज कराया गया, उसके बाद सीबीआई को जांच सौंपी गई, जिससे जांच एजेंसी अपनी प्राइमरी जांच न कर सके। 
हुड्डा ने कहा कि जिस नीति के तहत इस समय जमीनों के सीएलयू और अधिग्रहण हो रहे हैं, उसी नीति के तहत हमारी सरकार में भी किया गया था। ऐसे में वह गलत कैसे हो सकता है? उन्होंने बावल, डीघल, महम आदि जगहों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पहले की नीति के तहत ही कार्रवाई हुई है। 
अपने घर सीबीआई छापे पर उन्होंने कहा कि उनके यहां छापे डलवाये गए, लेकिन एक भी कागज ऐसा नहीं मिला है जिससे किसी तरह का आरोप लगाया जा सके। सीबीआई केवल मेरे और भाइयों की जमीन एवं गाड़ियों के कागज लेकर गई है, जो एक प्रक्रिया के तहत लेकर जाती है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार चाहे कितने भी छापे डलवा ले, लेकिन मेरी आवाज कोई नहीं दबा सकता, न मुझे झुका सकता है। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। इसलिए वहां का दरवाजा खटखटाना पड़ा तो खटखटाएंगे। 

दंगों पर सरकार को घेरा, प्रकाश सिंह की चिट्ठी मांगी
पूर्व सीएम हुड्डा ने भाजपा सरकार को दंगों पर भी घेरा और वित्तमंत्री का नाम लिए बिना ही कहा कि क्या दंगे में केवल एक कोठी जली थी जो उसकी सीबीआई जांच कराई जा रही है? दंगे में पूरा प्रदेश जला था, उसकी भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। ऐसा भी नहीं होता है तो हाईकोर्ट या सुप्रीमकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए। लेकिन ऐसा होने पर सरकार खुद ही फंस जाएगी।

प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर कहा कि उसमें सरकार खुद ही फंसती दिख रही थी, इसलिए दूसरी रिपोर्ट पेश ही नहीं करने दी गई। उल्टा प्रकाश सिंह पर ही आरोप लगा दिया गया कि वह नौकरी लेना चाहते थे। अगर उन्होंने सरकार से नौकरी मांगी है तो कोई ऐसी चिट्ठी दिखाएं जो उन्होंने सरकार को दी हो। 

सरकार से फायदा लेने को कई लोग झूठी गवाही देने को तैयार
भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ गवाही देने के लिए सीबीआई को चिट्ठी लिखने वाले डीएसपी पर पूर्व सीएम ने कहा कि इस समय सरकार उन सभी को अपना करीबी मान रही है और उनका फायदा करने को तैयार है जो मेरे खिलाफ बोल रहे हैं। इसलिए ऐसे लोग सामने आ रहे हैं, जिनको मैं जानता भी नहीं और कभी मेरे साथ रहे भी नहीं।

वह मेरे खिलाफ झूठी गवाही देकर सरकार के करीबी बनना चाहते हैं और फायदा लेना चाहते हैं। इनमें वह लोग भी शामिल हैं जो रिटायर्ड हो चुके हैं या होने वाले होने हैं। उनको सरकार मेरे खिलाफ बोलने पर आगे नौकरी दे सकती है। 
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