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Rohtak News: नक्शा पास के बिना नहीं बदली जाएगी प्रॉपर्टी आईडी में श्रेणी
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रोहतक। नगर निगम में अब नक्शा पास होने के बाद ही प्रॉपर्टी आईडी की श्रेणी बदली जाएगी। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच को निगम आयुक्त ने इस संबंध में सख्त दिशा निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि किसी तरह की गड़बड़ी होने पर जांच नहीं, बल्कि एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
शहर में 2 लाख 20 हजार के करीब प्रॉपर्टी आईडी हैं। 2021 में निजी एजेंसी ने सर्वे किया था, इसमें अनियमितताएं बरतीं गई थीं। जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी का नाम, मोबाइल नंबर गलत कर दिया, तो किसी का क्षेत्र ही बदल दिया। पिछले तीन साल से लोग प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं।
टैक्स ब्रांच में हो चुकी हैं गड़बड़ी, एफआईआर तक हो चुकी है दर्ज
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अप्रैल में निगम की टैक्स ब्रांच में दबिश देकर चार प्रॉपर्टी आईडी की गड़बड़ी उजागर की थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर आर्य नगर थाने में निगम के दो पूर्व जेडटीओ (क्षेत्रीय काराधान अधिकारी) और दो क्लर्क के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में गड़बड़ी सामने आने पर ब्रांच से पुराने क्लर्क और अधिकारियों को बदला जा चुका है।
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हर रोज आ रहीं शिकायतें
निगम की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स की त्रुटियों को लेकर शिकायतें ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन भी मांगी जाती हैं। औसतन निगम में पहले प्रतिदिन 100 से ज्यादा शिकायतें आती थीं। अब इनकी संख्या आधी रह गई है। गड़बड़ी की शिकायतों के बाद पूर्व निगम आयुक्त अजय कुमार ने टैक्स ब्रांच के क्लर्क स्तर का पूरा स्टाफ बदल दिया था।
इसलिए पड़ी नक्शे की शर्त की जरूरत
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों ने जब मकान बनाया, तो उस समय पूरा क्षेत्र रिहायशी था। बाद में दुकान या वर्कशॉप भी बना दी गई। कागजों में पूरी प्रॉपर्टी रिहायशी है, जबकि हकीकत में कुछ हिस्सा कामर्शियल है। इसलिए वर्तमान स्थिति व नक्शे का मिलान करना अनिवार्य है।
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कामकाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों व टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों को हिदायत दी है कि प्रॉपर्टी आईडी के अंदर श्रेणी बिना नक्शे के नहीं बदले। पहले प्रॉपर्टी का नक्शा मांगा जाए। उस नक्शे में संबंधित प्रॉपर्टी रिहायशी है या कामर्शियल, साथ ही मौजूदा स्थिति क्या है, यह भी देखा जाए।
डॉक्टर ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त नगर निगम
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शहर में 2 लाख 20 हजार के करीब प्रॉपर्टी आईडी हैं। 2021 में निजी एजेंसी ने सर्वे किया था, इसमें अनियमितताएं बरतीं गई थीं। जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी का नाम, मोबाइल नंबर गलत कर दिया, तो किसी का क्षेत्र ही बदल दिया। पिछले तीन साल से लोग प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए निगम के चक्कर काट रहे हैं।
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टैक्स ब्रांच में हो चुकी हैं गड़बड़ी, एफआईआर तक हो चुकी है दर्ज
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अप्रैल में निगम की टैक्स ब्रांच में दबिश देकर चार प्रॉपर्टी आईडी की गड़बड़ी उजागर की थी। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर आर्य नगर थाने में निगम के दो पूर्व जेडटीओ (क्षेत्रीय काराधान अधिकारी) और दो क्लर्क के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में गड़बड़ी सामने आने पर ब्रांच से पुराने क्लर्क और अधिकारियों को बदला जा चुका है।
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हर रोज आ रहीं शिकायतें
निगम की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स की त्रुटियों को लेकर शिकायतें ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन भी मांगी जाती हैं। औसतन निगम में पहले प्रतिदिन 100 से ज्यादा शिकायतें आती थीं। अब इनकी संख्या आधी रह गई है। गड़बड़ी की शिकायतों के बाद पूर्व निगम आयुक्त अजय कुमार ने टैक्स ब्रांच के क्लर्क स्तर का पूरा स्टाफ बदल दिया था।
इसलिए पड़ी नक्शे की शर्त की जरूरत
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों ने जब मकान बनाया, तो उस समय पूरा क्षेत्र रिहायशी था। बाद में दुकान या वर्कशॉप भी बना दी गई। कागजों में पूरी प्रॉपर्टी रिहायशी है, जबकि हकीकत में कुछ हिस्सा कामर्शियल है। इसलिए वर्तमान स्थिति व नक्शे का मिलान करना अनिवार्य है।
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कामकाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों व टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों को हिदायत दी है कि प्रॉपर्टी आईडी के अंदर श्रेणी बिना नक्शे के नहीं बदले। पहले प्रॉपर्टी का नक्शा मांगा जाए। उस नक्शे में संबंधित प्रॉपर्टी रिहायशी है या कामर्शियल, साथ ही मौजूदा स्थिति क्या है, यह भी देखा जाए।
डॉक्टर ब्रह्मजीत सिंह रांगी, आयुक्त नगर निगम