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Rohtak News: मां के दरबार में माथा टेका, फसल का लगाया भोग
Tue, 23 Apr 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 23 Apr 2024 01:32 AM IST
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बेरी माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए लगीं हुई श्रद्वालुओं की भीड़ ।संवाद
बेरी। मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में चौदस के अवसर पर सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेकते हुए अपने परिवार के लिए मंगल कामना की। परंपरा के अनुसार किसान परिवार के साथ यहां आते हैं और अपनी फसल का भोग लगाकर माथा टेककर अगले साल भी अच्छी फसल होने और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
चौदस के दिन अल सुबह ही श्रद्धालु यहां पहुंचने शुरू हो गए थे। चौदस के दिन भी यहां पहुंचकर मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बाद यहां लगे मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की और से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए थे। फसल की अच्छी ब्रिकी पर किसान मां भीमेश्वरी के मंदिर में आए और फसल का भोग लगाया।
श्रद्धालु प्रेम कंसल, प्रविंद्र, रमेश बंसल, सुरेंद्र कादयान, हितेंद्र कादयान, संजय सिंघल, मनीष नंबरदार दुजाना ने बताया कि यह मान्यता महाभारत काल से चली आ रही है मां के दरबार में हर कोई अपनी हाजिरी लगाना चाहता है। सुबह साढ़े चार बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना करवाई। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वैसे तो हर महीने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन हर छठे महीने मेला लगता है। जिसमें देश के कोने -कोने से श्रद्धालु आते है। मां के दरबार में हाजिरी
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लगाते है मां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है। बेरी शहर चौकी प्रभारी प्रदीप दलाल ने बताया कि पुलिस की और से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे।
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चौदस के दिन अल सुबह ही श्रद्धालु यहां पहुंचने शुरू हो गए थे। चौदस के दिन भी यहां पहुंचकर मां की प्रतिमा के दर्शन करने की परंपरा है। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेकने के बाद यहां लगे मेले में जमकर खरीदारी की। प्रशासन की और से भी मेले के मद्देनजर पुख्ता इंतजाम किए थे। फसल की अच्छी ब्रिकी पर किसान मां भीमेश्वरी के मंदिर में आए और फसल का भोग लगाया।
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श्रद्धालु प्रेम कंसल, प्रविंद्र, रमेश बंसल, सुरेंद्र कादयान, हितेंद्र कादयान, संजय सिंघल, मनीष नंबरदार दुजाना ने बताया कि यह मान्यता महाभारत काल से चली आ रही है मां के दरबार में हर कोई अपनी हाजिरी लगाना चाहता है। सुबह साढ़े चार बजे मां की प्रतिमा को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा अर्चना करवाई। मंदिर के पुजारी ने बताया कि वैसे तो हर महीने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है लेकिन हर छठे महीने मेला लगता है। जिसमें देश के कोने -कोने से श्रद्धालु आते है। मां के दरबार में हाजिरी
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लगाते है मां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती है। बेरी शहर चौकी प्रभारी प्रदीप दलाल ने बताया कि पुलिस की और से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए थे।