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बड़ा राजनीतिक संदेश देने की जंग: हुड्डा के गढ़ में भाजपा बनाम निर्दलीय मुकाबला, पिता-पुत्र प्रचार से रहे दूर

Mon, 11 May 2026 11:36 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक
अमर उजाला नेटवर्क, रोहतक Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 11 May 2026 11:36 AM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके की एकमात्र नगर पालिका सांपला में भाजपा बनाम निर्दलीय के बीच मुकाबला दिखाई दिया। कस्बे से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की जंग दिखी। कांग्रेस के हुड्डा पिता-पुत्र चुनाव प्रचार से दूर रहे। प्रवीण कोच, सुधीर ओहल्याण और अंकित ओहल्याण के बीच टक्कर दिखी है।

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BJP vs Independents in Hudda's Stronghold Sampla Congress's Hudda Father-Son Duo Stay Away From Campaign
मतदान के लिए लाइन में लगे लोग - फोटो : संवाद

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हलके की एकमात्र नगर पालिका सांपला में रविवार को मुकाबला भाजपा बनाम निर्दलीय नजर आया। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच, पूर्व चेयरमैन सुधीर ओहल्याण और युवा प्रत्याशी अंकित ओहल्याण के बीच मुख्य टक्कर दिखाई दी। 
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भाजपा के बागी उम्मीदवार कितने वोट हासिल करते हैं, इसका सीधा असर पार्टी प्रत्याशी की हार-जीत के अंतर पर पड़ सकता है। अब 13 मई को मतगणना के बाद तय होगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा लेकिन सांपला की हार-जीत का राजनीतिक संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा।
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सांपला कस्बा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक ओर खेड़ी सांपला गांव है तो दूसरी ओर सांपला कस्बा। इस बार चुनाव में जातीय समीकरणों से ज्यादा विकास बड़ा मुद्दा बना रहा। कांग्रेस की ओर से चुनाव नहीं लड़ने के कारण मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच सिमट गया।
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चेयरमैन पद के लिए 10 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रवीण कोच, निर्दलीय सुधीर ओहल्याण और अंकित ओहल्याण के बीच माना गया। भाजपा के बागी और अन्य प्रत्याशी वोट काटने की भूमिका में जरूर नजर आए लेकिन मुकाबले में मजबूत स्थिति में नहीं दिखे। 

 

शांति स्कूल में मतदान करने पहुंचे युवा मतदाता नवीन ने कहा कि उनके लिए विकास सबसे बड़ा मुद्दा है। बिजली, पेयजल और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

भाजपा-कांग्रेस के बीच संदेश की सियासत
सांपला नगर पालिका चुनाव जीतकर भाजपा पूरे प्रदेश में यह संदेश देना चाहती है कि उसने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ में जीत हासिल की है। यही वजह रही कि भाजपा पहली बार चेयरमैन के साथ वार्ड चुनाव भी पार्टी सिंबल पर लड़ रही है।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद सांपला पहुंचकर प्रचार कर चुके हैं। उनके अलावा कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृष्ण लाल पंवार और विपुल गोयल ने भी चुनाव प्रचार किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली भी मुख्यमंत्री के साथ प्रचार में पहुंचे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने नगर पालिका चुनाव पार्टी चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा। 
 

कांग्रेस के हुड्डा पिता-पुत्र चुनाव प्रचार से रहे दूर
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और सांसद दीपेंद्र हुड्डा चुनाव प्रचार से पूरी तरह दूर रहे। दोनों नेताओं ने चुनाव को लेकर कोई सार्वजनिक बयान भी जारी नहीं किया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा को निर्दलीय उम्मीदवार से हार मिलती है तो इसे कांग्रेस की नैतिक जीत माना जाएगा। वहीं भाजपा की जीत को पार्टी हुड्डा के गढ़ में बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में पेश करेगी।
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