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Rohtak News: वारंटी अवधि में बैटरी दे गई जवाब, 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटानी होगी मूल राशि
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रोहतक। तय अवधि से पहले बैटरी खराब होने पर विक्रेता को 6 हजार रुपये जुर्माना और 9 प्रतिशत ब्याज सहित मूल राशि लौटानी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग की ओर से बहुअकबपुर निवासी सुखबीर सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया गया।
सुखबीर सिंह ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की कि उसने शीला बाईपास के नजदीक एक बैटरी विक्रेता से 28 अक्तूबर 2017 को 22 हजार रुपये की लागत से ट्यूबलर बैटरी खरीदी थी। इसकी तीन साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन बैटरी 2019 में ही खराब हो गई। उसने विक्रेता को बताया तो उस ने दोनों बैटरी वापस ले ली और सर्विस बैटरी के तौर पर दो छोटी बैटरी दे दी। उसने कहा कि छोटी बैटरी जल्द बदल देगा। उसने विक्रेता को कई बार फोन किया। वह बैटरियां बदलने का झूठा आश्वासन देता। इतना ही नहीं, बाद में उसने दुकान भी बदल ली। आयोग ने बैटरी विक्रेता को नोटिस भेजा।
जवाब में बैटरी विक्रेता ने कहा कि बैटरी बेचते समय शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से बताया था कि यदि बैटरी में कोई खराबी आती है तो उसे सर्विस सेंटर को सूचित करना होगा। उसकी बैटरी की मरम्मत कर दी जाएगी। बैटरियों में कोई खराबी होने पर उसे ठीक करना सर्विस सेंटर का कर्तव्य है और यह बात शिकायतकर्ता को बताई गई थी। साथ ही शिकायतकर्ता को अच्छी गुणवत्ता वाली बैटरी की आपूर्ति की है। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस के बाद पाया कि बैटरी वारंटी अवधि में खराब हुई हैं। ऐसे में उपभोक्ता को बैटरी की लागत राशि 16 हजार 800 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाई जाए। साथ ही 6 हजार रुपये कानूनी खर्चे केतौर पर दिए जाएं।
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सुखबीर सिंह ने उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की कि उसने शीला बाईपास के नजदीक एक बैटरी विक्रेता से 28 अक्तूबर 2017 को 22 हजार रुपये की लागत से ट्यूबलर बैटरी खरीदी थी। इसकी तीन साल की वारंटी दी गई थी, लेकिन बैटरी 2019 में ही खराब हो गई। उसने विक्रेता को बताया तो उस ने दोनों बैटरी वापस ले ली और सर्विस बैटरी के तौर पर दो छोटी बैटरी दे दी। उसने कहा कि छोटी बैटरी जल्द बदल देगा। उसने विक्रेता को कई बार फोन किया। वह बैटरियां बदलने का झूठा आश्वासन देता। इतना ही नहीं, बाद में उसने दुकान भी बदल ली। आयोग ने बैटरी विक्रेता को नोटिस भेजा।
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जवाब में बैटरी विक्रेता ने कहा कि बैटरी बेचते समय शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से बताया था कि यदि बैटरी में कोई खराबी आती है तो उसे सर्विस सेंटर को सूचित करना होगा। उसकी बैटरी की मरम्मत कर दी जाएगी। बैटरियों में कोई खराबी होने पर उसे ठीक करना सर्विस सेंटर का कर्तव्य है और यह बात शिकायतकर्ता को बताई गई थी। साथ ही शिकायतकर्ता को अच्छी गुणवत्ता वाली बैटरी की आपूर्ति की है। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस के बाद पाया कि बैटरी वारंटी अवधि में खराब हुई हैं। ऐसे में उपभोक्ता को बैटरी की लागत राशि 16 हजार 800 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाई जाए। साथ ही 6 हजार रुपये कानूनी खर्चे केतौर पर दिए जाएं।
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