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बजरंग भवन फाटक 30 दिन के लिए होगा बंद
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रोहतक। एलिवेटेड रेल ट्रैक निर्माण के चलते कार्यदायी संस्था एक से तीन नवंबर के बीच में 30 दिन के लिए बजरंग भवन फाटक बंद करने जा रही है। फाटक को बंद करने के लिए रेलवे और जिला प्रशासन की तरफ से क्लीन चिट मिल गई है।
शहर के बीचोंबीच से रोहतक - गोहाना रेलवे मार्ग गुजरता है, जिस समय ट्रेन का आवागमन होता है, उस समय एकसाथ बजरंग भवन फाटक, सोनीपत रोड और बस स्टैंड मार्ग के रेलवे क्रासिंग फाटकों को बंद कर दिया जाता है। इससे शहर में जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। इस ट्रैक से दिन में करीब 35 ट्रेनें गुजरती हैं। इस समस्या के निदान के लिए 4.8 किमी. लंबा एलिवेटेड रेल ट्रैक बनाया जा रहा है, जो चिन्योट कालोनी के पास से शुरू होगा और आईटीआई के पास खत्म होगा। इसके बनने के बाद शहर से काफी हद तक जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। कार्यदायी संस्था बस स्टैंड रेलवे क्रासिंग और सोनीपत रोड क्रासिंग पर पिलर बनाने का काम कर चुकी है। अब बजरंग भवन फाटक पर काम होना बाकी है। हालांकि सितंबर में बजरंग भवन फाटक को बंद किया जाना था। मगर विधानसभा चुनाव की वजह से जिला प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर फाटक को बंद करके पिलर बनाने का काम स्थगित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह पहले रेलवे अधिकारियों की दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें एक से तीन नवंबर के बीच में फाटक बंद करने का फैसला लिया गया। इसके बार में जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया जिस पर जिला प्रशासन ने भी अपनी मोहर लगा दी है। फाटक बंद होने के दौरान जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर जिला पुलिस को ट्रैफिक प्लान के साथ-साथ रूट डायवर्जन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
एक नवंबर की है तिथि, एक - दो दिन आगे पीछे हो सकता है
प्रोजेक्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम सागर गोयल ने बताया कि बजरंग भवन फाटक वैसे तो एक नवंबर को बंद किया जाना है। किसी वजह से एक - दो दिन आगे पीछे हो सकते हैं। इसलिए एक से तीन नवंबर के बीच में फाटक को बंद करके एलीवेटेड रेल ट्रैक के पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था जिला प्रशासन को करनी है। यदि इसमें हमारे सहयोग की जरूरत होगी तो जरूर किया जाएगा।
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इन इलाकों के लोगों को होगी काफी परेशानी
बजरंग भवन फाटक बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी जवाहर नगर, गांधी कैंप, डीएलएफ कॉलोनी, झंग कालोनी, डी-पाक, मॉडल टाउन, मानसरोवर कालोनी आदि इलाकों के लोगों को होगी। इसकी वजह चंद कदम की दूरी पर जाने के लिए दो से ढाई किमी. का लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। मेडिकल, बिजली निगम, पब्लिक हेल्थ कार्यालय, कोर्ट, लघु सचिवालय, जिला विकास भवन, रेलवे स्टेशन आदि जाने के लिए भी लंबा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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शहर के बीचोंबीच से रोहतक - गोहाना रेलवे मार्ग गुजरता है, जिस समय ट्रेन का आवागमन होता है, उस समय एकसाथ बजरंग भवन फाटक, सोनीपत रोड और बस स्टैंड मार्ग के रेलवे क्रासिंग फाटकों को बंद कर दिया जाता है। इससे शहर में जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। इस ट्रैक से दिन में करीब 35 ट्रेनें गुजरती हैं। इस समस्या के निदान के लिए 4.8 किमी. लंबा एलिवेटेड रेल ट्रैक बनाया जा रहा है, जो चिन्योट कालोनी के पास से शुरू होगा और आईटीआई के पास खत्म होगा। इसके बनने के बाद शहर से काफी हद तक जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। कार्यदायी संस्था बस स्टैंड रेलवे क्रासिंग और सोनीपत रोड क्रासिंग पर पिलर बनाने का काम कर चुकी है। अब बजरंग भवन फाटक पर काम होना बाकी है। हालांकि सितंबर में बजरंग भवन फाटक को बंद किया जाना था। मगर विधानसभा चुनाव की वजह से जिला प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर फाटक को बंद करके पिलर बनाने का काम स्थगित कर दिया गया। आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह पहले रेलवे अधिकारियों की दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें एक से तीन नवंबर के बीच में फाटक बंद करने का फैसला लिया गया। इसके बार में जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया जिस पर जिला प्रशासन ने भी अपनी मोहर लगा दी है। फाटक बंद होने के दौरान जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके मद्देनजर जिला पुलिस को ट्रैफिक प्लान के साथ-साथ रूट डायवर्जन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
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एक नवंबर की है तिथि, एक - दो दिन आगे पीछे हो सकता है
प्रोजेक्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रेम सागर गोयल ने बताया कि बजरंग भवन फाटक वैसे तो एक नवंबर को बंद किया जाना है। किसी वजह से एक - दो दिन आगे पीछे हो सकते हैं। इसलिए एक से तीन नवंबर के बीच में फाटक को बंद करके एलीवेटेड रेल ट्रैक के पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था जिला प्रशासन को करनी है। यदि इसमें हमारे सहयोग की जरूरत होगी तो जरूर किया जाएगा।
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इन इलाकों के लोगों को होगी काफी परेशानी
बजरंग भवन फाटक बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी जवाहर नगर, गांधी कैंप, डीएलएफ कॉलोनी, झंग कालोनी, डी-पाक, मॉडल टाउन, मानसरोवर कालोनी आदि इलाकों के लोगों को होगी। इसकी वजह चंद कदम की दूरी पर जाने के लिए दो से ढाई किमी. का लंबा चक्कर काटना पड़ेगा। मेडिकल, बिजली निगम, पब्लिक हेल्थ कार्यालय, कोर्ट, लघु सचिवालय, जिला विकास भवन, रेलवे स्टेशन आदि जाने के लिए भी लंबा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा।