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रिश्तेदार और जानकार ही कर रहे बच्चों का शोषण : अनिल
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विद्यार्थियों को संबोधित करते अनिल मलिक।
रोहतक। एमडीएन पब्लिक स्कूल में स्टेट काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर की ओर से मनोवैज्ञानिक परामर्श के माध्यम से जीवन कौशल (लाइफ स्किल थ्रू साइकोलॉजिकल काउंसलिंग) विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। यहां बच्चों के बढ़ते शोषण पर चिंता जताते हुए इनसे निपटने के उपाय पर चर्चा की गई। इसके लिए बच्चों को उत्पीड़न संबंधी सही व पूरी जानकारी होने की आवश्यकता जताई गई।
सेमिनार में स्टेट नोडल ऑफिसर व रोहतक डिवीजन के चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर अनिल मलिक ने कहा कि दिन प्रतिदिन बच्चों पर शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादातर मामले उनके जानकार, रिश्तेदार और आसपास के लोग ही शोषण कर रहे हैं। इसलिए ऐसे मामलों से बचने के लिए विद्यार्थियों (बच्चों) को सही और पूरी जानकारी होना आवश्यक है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों के बजाय लड़कों पर 20 प्रतिशत ज्यादा शोषण हो रहे हैं। हम स्वयं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकर किशोरावस्था की विभिन्न समस्याओं को ठीक कर सकते हैं। अपने शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक कौशलों को विकसित कर सकते हैं।
जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने कहा कि किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न समस्याओं से बचा जा सकता है। अच्छे मार्ग पर चलकर भविष्य में सभ्य व सफल इंसान बन सकते हैं। इस सेमिनार के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न समस्याओं के बारे में जानने व उनके निदान की जानकारियां देना रहा। स्कूल प्रिंसिपल डॉ. लिली नागपाल ने मुख्य वक्ता अनिल मलिक और बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा को स्मृति चिह्न व पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूल कोऑर्डिनेटर डॉ. ललिता मलिक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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सेमिनार में स्टेट नोडल ऑफिसर व रोहतक डिवीजन के चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर अनिल मलिक ने कहा कि दिन प्रतिदिन बच्चों पर शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ज्यादातर मामले उनके जानकार, रिश्तेदार और आसपास के लोग ही शोषण कर रहे हैं। इसलिए ऐसे मामलों से बचने के लिए विद्यार्थियों (बच्चों) को सही और पूरी जानकारी होना आवश्यक है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार लड़कियों के बजाय लड़कों पर 20 प्रतिशत ज्यादा शोषण हो रहे हैं। हम स्वयं के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकर किशोरावस्था की विभिन्न समस्याओं को ठीक कर सकते हैं। अपने शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक कौशलों को विकसित कर सकते हैं।
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जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा हुड्डा ने कहा कि किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न समस्याओं से बचा जा सकता है। अच्छे मार्ग पर चलकर भविष्य में सभ्य व सफल इंसान बन सकते हैं। इस सेमिनार के आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न समस्याओं के बारे में जानने व उनके निदान की जानकारियां देना रहा। स्कूल प्रिंसिपल डॉ. लिली नागपाल ने मुख्य वक्ता अनिल मलिक और बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा को स्मृति चिह्न व पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर स्कूल कोऑर्डिनेटर डॉ. ललिता मलिक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
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