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Rohtak News: अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में रजिस्ट्री खुलने का इंतजार
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रोहतक। नगर निगम की नौ व डिस्टि्रक टाउन प्लानर की 23 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की मंजूरी मिलते ही इनकी रजिस्ट्री खुलने का इंतजार है। प्लाट धारक समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें करना क्या है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यदि कोई नगर निगम से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लाता है तो वह रजिस्ट्री कर देंगे। फिलहाल अभी तहसील में इन एरिया से रजिस्ट्री करवाने के लिए प्लाटधारक नहीं आ रहे हैं।
शहर की विभिन्न आउटर कॉलोनियों के नियमतिकरण करने की प्रक्रिया जारी है। 35 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की फाइल मंडल कमिश्नर के पास है और 72 कॉलोनियों का सर्वे चल रहा है। वहीं 32 पास हो चुकी कॉलोनियों की रजिस्ट्री का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम के पार्षद अशोक खुराना ने बताया कि जो एरिया अप्रूव हुए हैं, उनका कलेक्टर रेट के हिसाब से डेवलपमेंट चार्ज जमा करवाना है। इसके बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट नगर निगम से जारी होगा ओर उसी आधार पर रजिस्ट्री करवाई जा सकती है। नगर निगम कलेक्टर रेट पर विकास शुल्क चार प्रतिशत वसूलता है। गौरतलब है कि हर प्रापर्टी की आईडी बनी है और उसकी कीमत भी दर्ज है। इसी हिसाब से नगर निगम को विकास शुल्क देना अनिवार्य है।
वैध होने की घोषणा पर कटने लगीं अधिक अवैध कॉलोनियां
अवैध कॉलोनियों की घोषणा होते ही अवैध कॉलोनियों के कटने की संख्या में इजाफा हो गया है। आउटर में कॉलोनी काटने वाले अवैध कॉलोनाइजरों ने नए प्लाट तक बेचने शुरू कर दिए हैं। लोगों को कॉलोनी पास होने का दिलासा देकर प्लॉट धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। कोई फाइल जमा होने की बात कर रहा है तो कोई सर्वे में शामिल होने का दावा कर रहा है।
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तहसील में रजिस्ट्री का काम नहीं रुका है। नगर निगम से कोई नो ड्यूज सर्टिफिकेट जमा कर रजिस्ट्री करवा सकता है। फिलहाल नई कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए कोई आया नहीं है।
-मनोज कुमार, तहसीलदार
अवैध कॉलोनियों पर तोड़-फोड़ की कार्रवाई हम करते रहते हैं। यदि किसी को कॉलोनी के वैध या अवैध होने का संशय है तो वह कार्यालय में आकर पूछताछ कर सकता है।
-सुमनदीप, डीटीपी
कॉलोनी पास करवाने के लिए फाइल लगाई थी, इसमें डेवलपमेंट चार्ज भरने की बात कही गई है। हम भरने को तैयार हैं, लेकिन कहां भरें। नगर निगम के बाद डीटीपी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कॉलोनियों का अभी नोटिफिकेशन नहीं मिला है। इसके आने के बाद ही स्थिति तय हो पाएगी।
-बिजेंद्र शर्मा, वेलकम प्रॉपर्टी
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शहर की विभिन्न आउटर कॉलोनियों के नियमतिकरण करने की प्रक्रिया जारी है। 35 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की फाइल मंडल कमिश्नर के पास है और 72 कॉलोनियों का सर्वे चल रहा है। वहीं 32 पास हो चुकी कॉलोनियों की रजिस्ट्री का कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। नगर निगम के पार्षद अशोक खुराना ने बताया कि जो एरिया अप्रूव हुए हैं, उनका कलेक्टर रेट के हिसाब से डेवलपमेंट चार्ज जमा करवाना है। इसके बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट नगर निगम से जारी होगा ओर उसी आधार पर रजिस्ट्री करवाई जा सकती है। नगर निगम कलेक्टर रेट पर विकास शुल्क चार प्रतिशत वसूलता है। गौरतलब है कि हर प्रापर्टी की आईडी बनी है और उसकी कीमत भी दर्ज है। इसी हिसाब से नगर निगम को विकास शुल्क देना अनिवार्य है।
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वैध होने की घोषणा पर कटने लगीं अधिक अवैध कॉलोनियां
अवैध कॉलोनियों की घोषणा होते ही अवैध कॉलोनियों के कटने की संख्या में इजाफा हो गया है। आउटर में कॉलोनी काटने वाले अवैध कॉलोनाइजरों ने नए प्लाट तक बेचने शुरू कर दिए हैं। लोगों को कॉलोनी पास होने का दिलासा देकर प्लॉट धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। कोई फाइल जमा होने की बात कर रहा है तो कोई सर्वे में शामिल होने का दावा कर रहा है।
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तहसील में रजिस्ट्री का काम नहीं रुका है। नगर निगम से कोई नो ड्यूज सर्टिफिकेट जमा कर रजिस्ट्री करवा सकता है। फिलहाल नई कॉलोनियों की रजिस्ट्री के लिए कोई आया नहीं है।
-मनोज कुमार, तहसीलदार
अवैध कॉलोनियों पर तोड़-फोड़ की कार्रवाई हम करते रहते हैं। यदि किसी को कॉलोनी के वैध या अवैध होने का संशय है तो वह कार्यालय में आकर पूछताछ कर सकता है।
-सुमनदीप, डीटीपी
कॉलोनी पास करवाने के लिए फाइल लगाई थी, इसमें डेवलपमेंट चार्ज भरने की बात कही गई है। हम भरने को तैयार हैं, लेकिन कहां भरें। नगर निगम के बाद डीटीपी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कॉलोनियों का अभी नोटिफिकेशन नहीं मिला है। इसके आने के बाद ही स्थिति तय हो पाएगी।
-बिजेंद्र शर्मा, वेलकम प्रॉपर्टी