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ठंड में अनावश्यक यात्रा से बचें, गर्म तरल पदार्थ लें : डीसी
Wed, 07 Jan 2026 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 07 Jan 2026 01:21 AM IST
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रोहतक। लगातार बढ़ रही ठंड व शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि नागरिक एडवाइजरी का पालन करें। आपात स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। शीतलहर के बारे में रेडियो, टीवी व समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें।
डीसी ने कहा कि ऊनी कपड़ों से शरीर को ढक कर रखें। ठंड के कारण होने वाली बीमारियों जैसे जुकाम, बुखार, नाक से खून आना आदि लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें। अनावश्यक यात्रा से बचें। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। बंद कमरों में कोयला या अंगीठी न जलाएं।
विटामिन सी युक्त भोजन, फल व सब्जियों का सेवन करें
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और तापमान संतुलन बनाए रखने के लिए विटामिन सी युक्त भोजन करने के अलावा फल और सब्जियां आएं।
फसलों को हल्की सिंचाई करें
किसान फसलों को शीत लहर के प्रकोप से बचाने के लिए सिंचाई करें। स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएं। ठंड सहनशील फसलों का चयन करें। नर्सरी व पौधों को प्लास्टिक या पुआल से ढकें। ठंड के दौरान मिट्टी में उर्वरक न डालें एवं अनावश्यक जुताई से बचें। हवा की गति कम करने के लिए पवन अवरोध लगाएं। सब्जियाें को ठंड से होने वाली बीमारियों या क्षति के उपचार के लिए कॉपर ऑक्सी क्लोराइड का छिड़काव करें। बेहतर जड़ विकास के लिए फॉस्फोरस व पोटाश का प्रयोग करें। सब्जियों की मिश्रित खेती जैसे टमाटर, बैंगन के साथ सरसों जैसी ऊंची फसल उगाएं जो ठंडी हवाओं से सुरक्षा प्रदान करती है।
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पशुओं को वसा मुक्त आहार दें :
शीतलहर के दौरान पशुओं एवं मवेशियों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसलिए अधिक चारे की जरूरत पड़ती है। तापमान में उतार-चढ़ाव से पशुओं के प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। वसायुक्त पूरक आहार और सघन आहार दें। पशु मेलों से बचें और खुले में पशुओं को न छोड़ें। पोल्ट्री शेड में चूजों को गर्म रखने की व्यवस्था करें।
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डीसी ने कहा कि ऊनी कपड़ों से शरीर को ढक कर रखें। ठंड के कारण होने वाली बीमारियों जैसे जुकाम, बुखार, नाक से खून आना आदि लक्षण दिखने पर चिकित्सक से परामर्श लें। अनावश्यक यात्रा से बचें। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें। बंद कमरों में कोयला या अंगीठी न जलाएं।
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विटामिन सी युक्त भोजन, फल व सब्जियों का सेवन करें
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और तापमान संतुलन बनाए रखने के लिए विटामिन सी युक्त भोजन करने के अलावा फल और सब्जियां आएं।
फसलों को हल्की सिंचाई करें
किसान फसलों को शीत लहर के प्रकोप से बचाने के लिए सिंचाई करें। स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाएं। ठंड सहनशील फसलों का चयन करें। नर्सरी व पौधों को प्लास्टिक या पुआल से ढकें। ठंड के दौरान मिट्टी में उर्वरक न डालें एवं अनावश्यक जुताई से बचें। हवा की गति कम करने के लिए पवन अवरोध लगाएं। सब्जियाें को ठंड से होने वाली बीमारियों या क्षति के उपचार के लिए कॉपर ऑक्सी क्लोराइड का छिड़काव करें। बेहतर जड़ विकास के लिए फॉस्फोरस व पोटाश का प्रयोग करें। सब्जियों की मिश्रित खेती जैसे टमाटर, बैंगन के साथ सरसों जैसी ऊंची फसल उगाएं जो ठंडी हवाओं से सुरक्षा प्रदान करती है।
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पशुओं को वसा मुक्त आहार दें :
शीतलहर के दौरान पशुओं एवं मवेशियों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसलिए अधिक चारे की जरूरत पड़ती है। तापमान में उतार-चढ़ाव से पशुओं के प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। वसायुक्त पूरक आहार और सघन आहार दें। पशु मेलों से बचें और खुले में पशुओं को न छोड़ें। पोल्ट्री शेड में चूजों को गर्म रखने की व्यवस्था करें।