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संक्रमित होने से बचें, क्योंकि एक-एक सेकेंड अकेले कमरे में रहना अछूतों जैसा लगा

Thu, 16 Apr 2020 11:15 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2020 11:15 PM IST
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Avoid getting infected because every second of being in a room alone felt like untouchables.
मैं बिल्कुल स्वस्थ थी, लेकिन कोविड -19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आइसोलेशन में रखा गया। इस अवधि में उनका सारा समय एक कमरे में बीता। अधिकांश समय फोन पर घरवालों से बात करके ही गुजारती थी। डॉक्टर उनसे तबीयत पूछ कर चले जाते थे। लेकिन पूरा स्टाफ व डॉक्टर हौसला बढ़ाते रहते थे। 19 दिन एकांतवास में गुजारे। हर पल वहां रहना मुश्किल था क्योंकि संक्रमित होने के बाद परिवार, बच्चे, दोस्त, रिश्तेदार का दूर - दूर तक कोई संपर्क नहीं रह जाता। ऐसा लगता है जैसे अछूतों जैसा व्यवहार हो रहा है। इसलिए खुद को संक्रमित होने से बचाओ। पीजीआई में सुबह चाय, दलिया, ब्रेड मिलता था। दोपहर को दाल, चावल, रोटी, सब्जी, दही व रात को दाल, चावल, रोटी व एक मीठा दिया जाता था। खाना ठंडा होने के कारण अच्छा नहीं लगता था, लेकिन स्टाफ कहता था कि वह भी यही खाना खाता हैं। आज छुट्टी मिलने पर किसी ने सामान पैक करवाने में भी मदद नहीं की। सभी दूर से बात कर रहे थे, किसी ने कोई शुभकामना तक नहीं दी। लेकिन घर पर बच्चों से मिलने की खुशी में कुछ महसूस नहीं हुआ। एक बात प्रशासन से जरूर कहना चाहूंगी कि मरीजों के खाने की क्वालिटी में सुधार किया जाना चाहिए, ताकि उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आए। क्योंकि इस समय घर से भी खाना नहीं मंगाया जा सकता। वहीं लोगों से अपील है कि सभी इस वायरस से संक्रमित होने से बचें, क्योंकि इसकी चपेट में आने के बाद एक-एक सेकेंड गुजारना मुश्किल होता है। हमारे पास इसके संक्रमण से बचने का जब आसान रास्ता है तो स्वयं का और परिवार का जीवन खतरे में डालने की क्या जरूरत है। - जैसा कि पीजीआईएमएस में भर्ती रही सिरसा की महिला ने कोरोना को मात देने पर बताया
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मरीजों का खाना टिफिन में व चाय दूध थर्मस में आता है, जोकि गर्म रहता है। कोविड -19 के मरीज में संक्रमण को देखते हुए डिस्पोजल में खाने - पीने की चीज को दिया जाता है। यदि मरीज देरी से खाना खाएगा तो ठंडा ही लगेगा। बाद में डिस्पोजल को जला दिया जाता है। इसके अलावा मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद कोई नजदीक इसलिए नहीं जाता कि उसे अगले 14 दिन क्वारंटीन में गुजारने होते हैं। क्योंकि वायरस के संक्रमित होने का खतरा इस दौरान भी बना रहता है। मरीज की देखरेख व उसके खाने - पीने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती, लेकिन गाइड लाइन को ध्यान में रखा जाता है।
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- डॉ. गजेंद्र, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस
पीजीआईएमएस ने किया तीसरे कोविड -19 के मरीज को डिस्चार्ज
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक ने कोविड -19 के खिलाफ चल रही जंग में बुधवार को तीसरे मरीज को घर जाने की अनुमति दे दी है। हालांकि यह मरीज पहले के दो मरीजों की तरह अगले 14 दिन होम क्वारंटीन रहेगी। महिला मरीज से स्वास्थ्य विभाग सिरसा की टीम संपर्क में रहेगी। नियमानुसार यदि महिला को कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो वह चिकित्सकों को अपनी जानकारी देगी।
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पीजीआईएमएस में अब तक तीन मरीज कोविड-19 के मरीजों को छुट्टी मिल चुकी है। इसमें पहली महिला मरीज पानीपत से थी, जिसका मायका रोहतक में था। इसके बाद जींद के मरीज को कोविड-19 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद छुट्टी दी गई। बुधवार को दोपहर सिरसा की महिला की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे भी छुट्टी दे दी गई। महिला को छुट्टी देने के बाद उसे एंबुलेंस में घर तक टीम ने छोड़ा।
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