{"_id":"5834aaf34f1c1bc05513b204","slug":"auto-route-city-haryana-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में ऑटो के छह रूटों को दिया गया रंग, इसी से होगी पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में ऑटो के छह रूटों को दिया गया रंग, इसी से होगी पहचान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 23 Nov 2016 02:00 AM IST
विज्ञापन
अब शहर में छह रूटों पर ही चलेंगे ऑटो, दूसरे रूट पर चले तो होगा चालान पहले दिन 500 चालकों को मिला टोकन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में ऑटो से सफर करना है तो आपको कुछ रंग याद रखने होंगे। प्रशासन ने शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए ऑटो वालों के लिए छह रूट बनाए हैं। अब ऑटो वाले इसी रूट पर चलेंगे। रूट की पहचान के लिए सभी रूटों को एक रंग दिया गया है। कौन सा ऑटो किस रूट पर चलेगा इसी रंग से उसकी पहचान होगी। छह रूटों को हरे के साथ नीला, पीला, स्लेटी, मजंटा और गुलाबी रंग दिया गया है। इन्हीं रंगों को पहचान कर आपको अपनी मंजिल तक पहुंचना होगा। हालांकि, इस व्यवस्था में बहुत खामियां हैं। इससे जहां किसी हद तक जाम से निजात मिल सकती है, वहीं कई लोगों का सफर महंगा और लंबा हो सकता है। यही वजह है कि पुलिस प्रशासन समय के साथ इसमें सुधार करने की बातें कह रहा है।
ऑटो चालकों को मंगलवार को डीएसपी डॉ. रविंद्र की मौजूदगी में निर्धारित रूटों के लिए करीब 500 टोकन दिए गए। टोकन लेने के लिए दस बजे से ही ऑटो चालक पुराने आईटीआई मैदान में एकत्रित होने लगे थे। दोपहर 12 बजे से टोकन बंटने शुरू हुए। ऑटो यूनियन के प्रधान विक्की पहलवान का कहना है कि शहर में चलने के लिए 7500 ऑटो पंजीकृत हैं। जबकि जिले में 15 हजार से अधिक ऑटो चलते हैं।
ऑटो चालक ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), पहचान पत्र, परमिट और इंश्योरेंस के कागज लेकर पहुंचे थे। पहले चालकों के कागजों की जांच हुई। इसके बाद उन्हें उनकी इच्छानुसार निर्धारित रूट के लिए टोकन दिए गए। इस दौरान सैकड़ों ऑटो चालक रूट पर चलने के लिए टोकन लेने पहुंचे थे। कुछ चालक नई व्यवस्था से खुश थे तो कुछ को सिस्टम रास नहीं आ रहा था। टोकन बांटने के लिए यातायात निरीक्षक अत्तर सिंह की अगुवाई में करीब दर्जन भर यातायात पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी।
विज्ञापन
जिस रूट का निर्धारण नहीं, उसके भी टोकन बांटे
प्रशासन की ओर से छह रूट के लिए टोकन वितरित किए जाने थे, लेकिन प्रशासन ने पीजीआईएमएस से पुराना बस अड्डा के बजाय दिल्ली बाईपास से पुराने बस स्टैंड के रूट के टोकन वितरित कर दिए। यह रूट पहले से नहीं तय किया गया था।
अलग रूट के लिए अलग रंग के टोकन
क्रम संख्या रूट रंग टोकन संख्या
1. पुराना बस अड्डा से पीजीआईएमएस नीला 1-300
2. रेलवे स्टेशन से पीजीआईएमएस गुलाबी 1000-1300
3. दिल्ली बाईपास से पुराना बस अड्डा हरा 2000-2300
4. नया बस अड्डा से पीजीआईएमएस स्लेटी 3000-3300
5. नया बस अड्डा से पुराना बस अड्डा मजंटा 4000-4300
6. रेलवे स्टेशन से नया बस अड्डा पीला 5001-5300
नई में व्यवस्था में इनका समाधान नहीं
-सेक्टरों के लिए कोई रूट नहीं दिया गया है। ऐसे में सेक्टरों से रेलवे स्टेशन, पीजीआई, बस स्टैंड आदि जगह जाने के लिए यात्रियों को दिल्ली बाईपास या फिर शीला बाईपास पहुंचकर दूसरा ऑटो लेना होगा।
-रूट बनाए जाने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। अभी तक कहीं भी जाने के लिए दस रुपये खर्च होते थे। रूट से चलने पर दो या तीन जगह ऑटो बदलना पड़ सकता है। ऐसे में समय के साथ पैसा भी अधिक खर्च होगा।
- दूरी के हिसाब से ऑटो वालों का किराया तय नहीं किया गया है। ऐसे में तीन किमी की यात्रा करने वाले को भी पूरी यात्रा का किराया देना होगा। जबकि किलोमीटर के हिसाब किराया तय होने पर यात्रियों को किसी भी रूट से दूसरे रूट का ऑटो पकड़ने से कम पैसे खर्च करने पड़ते।
-रूट निर्धारित हो जाने से आटो वालों की कमाई सीमित हो जाएगी। इससे एक ही रूट पर कई ऑटो चलने से यात्रियों की संख्या पर भी असर पड़ेगा।
-कई रूटों का निर्धारण नहीं हुआ है। इससे चालकों समेत यात्रियों में ऊहापोह की स्थिति है।
-शहर से बाहर गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर रूट का निर्धारण नहीं होने से असमंजस की स्थिति है।
-बुकिंग करके चलने वाले ऑटो चालकों के लिए कोई नियम नहीं बनाया गया है। ऐसे में वह भी परेशानी में हैं।
-रेलवे स्टेशन, नया बस स्टैंड और पीजीआईएमएस से शहर के लगभग अन्य जगहों के लिए भी सवारियां जाती हैं। ऐसे में केवल छह रूट नाकाफी हैं।
बढ़ाए जाएंगे रूट
शहर में यह पहली बार अनोखी पहल की गई है। हमारी प्राथमिकता शहरवासियों को जाम से छुटकारा दिलवाना है। शुरूआत में कुछ परेशानियां आएंगी, लेकिन सप्ताह भर बाद इसकी समीक्षा करके जरूरत पड़ने पर अधिक रूटों का निर्धारण जल्द किया जाएगा।
- डॉ. रविंद्र कुमार, डीएसपी
नहीं होगी कोई समस्या
प्रशासन को पूरी तरह से सहयोग किया जाएगा। टोकन वितरण और रूट निर्धारण में आने वाली समस्या को प्रशासन के सहयोग से हल किया जाएगा। चालकों को कोई समस्या नहीं होगी।
- तसवीर सिंह टांक, प्रदेश अध्यक्ष, ऑटो यूनियन।
बैठा सकेंगे आठ सवारियां
स्टॉफ और चालकों की सुविधा के लिए प्रशासन से आगे की एक सीट बढ़ाने की मांग की है। चालक एक ऑटो में आठ सवारियां बैठा सकेंगे। शहर वाले ऑटो चालक शहर में और गांव वाले चालक ग्रामीण इलाकों में अपने वाहन चला सकेंगे।
- विक्की पहलवान, जिला प्रधान, ऑटो यूनियन।
बोले ऑटो चालक
इधर-उधर नहीं पड़ेगा भागना
मैंने दिल्ली बाईपास से पुराना बस स्टैंड का रूट लिया है। रूट निर्धारण से शहर में इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। अपने रूट की सवारी बैठाएंगे।
- हरिओम, ऑटो चालक, खरैंटी
आपसी कहासुनी से मिलेगी निजात
रूट निर्धारित होने के बाद सवारियों को बैठाने के चक्कर में आपस में होने वाली कहासुनी से निजात मिलेगी। अपने रूट रेलवे स्टेशन से पीजीआईएमएस की ही सवारियां बैठाएंगे।
- राजेश भूरू, ऑटो चालक, श्रीनगर कालोनी
नुकसान ही होगा, एक रूट से बंध जाएंगे
एक रूट पर ही चलने से कमाई सीमित हो जाएगी। इससे नुकसान होगा, लेकिन प्रशासन का फैसला है तो मानना पड़ेगा।
- बलजीत, ऑटो चालक, जसिया।
आज दस बजे से बटेंगे टोकन
जब तक सभी ऑटो चालकों को टोकन नहीं वितरित हो जाते हैं तब तक यह कार्य चलेगा। बुधवार को टोकन वितरण सुबह दस बजे से पुराना आईटीआई परिसर में शुरू होगा। डीएसपी के आदेश के बाद अभी और भी रूट का निर्धारण होगा। इसके लिए टोकन छपवाए जा रहे हैं।
- अत्तर सिंह, यातायात निरीक्षक
कुछ ऑटो चालकों ने रूट व्यवस्था पर जताया विरोध
रेलवे स्टेशन पर स्थित न्यू रोहतक ऑटो रिक्शा कल्याण समिति से जुड़े ऑटो चालकों ने रूट व्यवस्था पर रोष जताया है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन से सेक्टर 1, 2, 3 और 4 समेत कई रूट निर्धारित नहीं हुए हैं। इसके अलावा यात्रियों को रूट निर्धारण के बाद कुछ रूटों पर एक से दूसरे स्थान तक जाने के लिए कई बार ऑटो बदलना पड़ेगा। इससे न सिर्फ शारीरिक कष्ट होगा बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसान होगा। साथ ही समय की बर्बादी भी होगी। इस मौके पर समिति के जिला प्रधान प्रदीप, महासचिव सुरेश शर्मा समेत ऑटो चालक कमल, राजबीर, सतीश, विनोद, अनिल, प्रदीप, सोनू, दिनेश, संदीप, मोनू, सुरेश सिक्का, राजू, नरेश मलिक, सोहन, आजाद फौजी और महेंद्र मखना मौजूद रहे।
विज्ञापन
ऑटो चालकों को मंगलवार को डीएसपी डॉ. रविंद्र की मौजूदगी में निर्धारित रूटों के लिए करीब 500 टोकन दिए गए। टोकन लेने के लिए दस बजे से ही ऑटो चालक पुराने आईटीआई मैदान में एकत्रित होने लगे थे। दोपहर 12 बजे से टोकन बंटने शुरू हुए। ऑटो यूनियन के प्रधान विक्की पहलवान का कहना है कि शहर में चलने के लिए 7500 ऑटो पंजीकृत हैं। जबकि जिले में 15 हजार से अधिक ऑटो चलते हैं।
विज्ञापन
ऑटो चालक ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), पहचान पत्र, परमिट और इंश्योरेंस के कागज लेकर पहुंचे थे। पहले चालकों के कागजों की जांच हुई। इसके बाद उन्हें उनकी इच्छानुसार निर्धारित रूट के लिए टोकन दिए गए। इस दौरान सैकड़ों ऑटो चालक रूट पर चलने के लिए टोकन लेने पहुंचे थे। कुछ चालक नई व्यवस्था से खुश थे तो कुछ को सिस्टम रास नहीं आ रहा था। टोकन बांटने के लिए यातायात निरीक्षक अत्तर सिंह की अगुवाई में करीब दर्जन भर यातायात पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी।
विज्ञापन
जिस रूट का निर्धारण नहीं, उसके भी टोकन बांटे
प्रशासन की ओर से छह रूट के लिए टोकन वितरित किए जाने थे, लेकिन प्रशासन ने पीजीआईएमएस से पुराना बस अड्डा के बजाय दिल्ली बाईपास से पुराने बस स्टैंड के रूट के टोकन वितरित कर दिए। यह रूट पहले से नहीं तय किया गया था।
अलग रूट के लिए अलग रंग के टोकन
क्रम संख्या रूट रंग टोकन संख्या
1. पुराना बस अड्डा से पीजीआईएमएस नीला 1-300
2. रेलवे स्टेशन से पीजीआईएमएस गुलाबी 1000-1300
3. दिल्ली बाईपास से पुराना बस अड्डा हरा 2000-2300
4. नया बस अड्डा से पीजीआईएमएस स्लेटी 3000-3300
5. नया बस अड्डा से पुराना बस अड्डा मजंटा 4000-4300
6. रेलवे स्टेशन से नया बस अड्डा पीला 5001-5300
नई में व्यवस्था में इनका समाधान नहीं
-सेक्टरों के लिए कोई रूट नहीं दिया गया है। ऐसे में सेक्टरों से रेलवे स्टेशन, पीजीआई, बस स्टैंड आदि जगह जाने के लिए यात्रियों को दिल्ली बाईपास या फिर शीला बाईपास पहुंचकर दूसरा ऑटो लेना होगा।
-रूट बनाए जाने से यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। अभी तक कहीं भी जाने के लिए दस रुपये खर्च होते थे। रूट से चलने पर दो या तीन जगह ऑटो बदलना पड़ सकता है। ऐसे में समय के साथ पैसा भी अधिक खर्च होगा।
- दूरी के हिसाब से ऑटो वालों का किराया तय नहीं किया गया है। ऐसे में तीन किमी की यात्रा करने वाले को भी पूरी यात्रा का किराया देना होगा। जबकि किलोमीटर के हिसाब किराया तय होने पर यात्रियों को किसी भी रूट से दूसरे रूट का ऑटो पकड़ने से कम पैसे खर्च करने पड़ते।
-रूट निर्धारित हो जाने से आटो वालों की कमाई सीमित हो जाएगी। इससे एक ही रूट पर कई ऑटो चलने से यात्रियों की संख्या पर भी असर पड़ेगा।
-कई रूटों का निर्धारण नहीं हुआ है। इससे चालकों समेत यात्रियों में ऊहापोह की स्थिति है।
-शहर से बाहर गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर रूट का निर्धारण नहीं होने से असमंजस की स्थिति है।
-बुकिंग करके चलने वाले ऑटो चालकों के लिए कोई नियम नहीं बनाया गया है। ऐसे में वह भी परेशानी में हैं।
-रेलवे स्टेशन, नया बस स्टैंड और पीजीआईएमएस से शहर के लगभग अन्य जगहों के लिए भी सवारियां जाती हैं। ऐसे में केवल छह रूट नाकाफी हैं।
बढ़ाए जाएंगे रूट
शहर में यह पहली बार अनोखी पहल की गई है। हमारी प्राथमिकता शहरवासियों को जाम से छुटकारा दिलवाना है। शुरूआत में कुछ परेशानियां आएंगी, लेकिन सप्ताह भर बाद इसकी समीक्षा करके जरूरत पड़ने पर अधिक रूटों का निर्धारण जल्द किया जाएगा।
- डॉ. रविंद्र कुमार, डीएसपी
नहीं होगी कोई समस्या
प्रशासन को पूरी तरह से सहयोग किया जाएगा। टोकन वितरण और रूट निर्धारण में आने वाली समस्या को प्रशासन के सहयोग से हल किया जाएगा। चालकों को कोई समस्या नहीं होगी।
- तसवीर सिंह टांक, प्रदेश अध्यक्ष, ऑटो यूनियन।
बैठा सकेंगे आठ सवारियां
स्टॉफ और चालकों की सुविधा के लिए प्रशासन से आगे की एक सीट बढ़ाने की मांग की है। चालक एक ऑटो में आठ सवारियां बैठा सकेंगे। शहर वाले ऑटो चालक शहर में और गांव वाले चालक ग्रामीण इलाकों में अपने वाहन चला सकेंगे।
- विक्की पहलवान, जिला प्रधान, ऑटो यूनियन।
बोले ऑटो चालक
इधर-उधर नहीं पड़ेगा भागना
मैंने दिल्ली बाईपास से पुराना बस स्टैंड का रूट लिया है। रूट निर्धारण से शहर में इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। अपने रूट की सवारी बैठाएंगे।
- हरिओम, ऑटो चालक, खरैंटी
आपसी कहासुनी से मिलेगी निजात
रूट निर्धारित होने के बाद सवारियों को बैठाने के चक्कर में आपस में होने वाली कहासुनी से निजात मिलेगी। अपने रूट रेलवे स्टेशन से पीजीआईएमएस की ही सवारियां बैठाएंगे।
- राजेश भूरू, ऑटो चालक, श्रीनगर कालोनी
नुकसान ही होगा, एक रूट से बंध जाएंगे
एक रूट पर ही चलने से कमाई सीमित हो जाएगी। इससे नुकसान होगा, लेकिन प्रशासन का फैसला है तो मानना पड़ेगा।
- बलजीत, ऑटो चालक, जसिया।
आज दस बजे से बटेंगे टोकन
जब तक सभी ऑटो चालकों को टोकन नहीं वितरित हो जाते हैं तब तक यह कार्य चलेगा। बुधवार को टोकन वितरण सुबह दस बजे से पुराना आईटीआई परिसर में शुरू होगा। डीएसपी के आदेश के बाद अभी और भी रूट का निर्धारण होगा। इसके लिए टोकन छपवाए जा रहे हैं।
- अत्तर सिंह, यातायात निरीक्षक
कुछ ऑटो चालकों ने रूट व्यवस्था पर जताया विरोध
रेलवे स्टेशन पर स्थित न्यू रोहतक ऑटो रिक्शा कल्याण समिति से जुड़े ऑटो चालकों ने रूट व्यवस्था पर रोष जताया है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन से सेक्टर 1, 2, 3 और 4 समेत कई रूट निर्धारित नहीं हुए हैं। इसके अलावा यात्रियों को रूट निर्धारण के बाद कुछ रूटों पर एक से दूसरे स्थान तक जाने के लिए कई बार ऑटो बदलना पड़ेगा। इससे न सिर्फ शारीरिक कष्ट होगा बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसान होगा। साथ ही समय की बर्बादी भी होगी। इस मौके पर समिति के जिला प्रधान प्रदीप, महासचिव सुरेश शर्मा समेत ऑटो चालक कमल, राजबीर, सतीश, विनोद, अनिल, प्रदीप, सोनू, दिनेश, संदीप, मोनू, सुरेश सिक्का, राजू, नरेश मलिक, सोहन, आजाद फौजी और महेंद्र मखना मौजूद रहे।