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दयालु योजना में मृत्यु या दिव्यांग होने पर दी जा रही सहायता : डीसी
Fri, 15 Nov 2024 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:23 AM IST
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झज्जर। हरियाणा सरकार ने किसी पारिवारिक सदस्य की आकस्मिक मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता होने की स्थिति में अंत्योदय परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना चलाई हुई है। दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के अंतर्गत योजना विभाग द्वारा यह वित्तीय सहायता दी जाती है।
डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि योजना विभाग ने हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास बनाया हुआ है, जिसके माध्यम से दयालु नाम से यह स्कीम चलाई जा रही है। जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये या इससे कम है, उन परिवारों को दयालु योजना का लाभ दिया जाता है।
पात्र परिवार हरियाणा प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। पात्र परिवार का बैंक में खाता हो और उसने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना या प्रधानमंत्री जीवन बीमा सुरक्षा योजना का फार्म भरा हुआ हो। उन्होंने बताया कि दयालु योजना में 6 से 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर एक लाख रुपये, 12 से 18 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा की मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष के युवा की मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये और 45 से 60 साल के व्यक्ति की मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि स्थाई दिव्यांग होने की स्थिति में दी जाएगी।
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डीसी ने बताया कि दयालु योजना का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करना है, जिससे उसे सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र में जो बैंक खाता नंबर दिया हुआ है, उसी में सहायता राशि को भेजा जाएगा। दुर्घटना होने के तीन माह के भीतर इस योजना के तहत आवेदन करना आवश्यक है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने दयालु पोर्टल बनाया हुआ है। इस पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
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डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि योजना विभाग ने हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास बनाया हुआ है, जिसके माध्यम से दयालु नाम से यह स्कीम चलाई जा रही है। जिन परिवारों की वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये या इससे कम है, उन परिवारों को दयालु योजना का लाभ दिया जाता है।
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पात्र परिवार हरियाणा प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। पात्र परिवार का बैंक में खाता हो और उसने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना या प्रधानमंत्री जीवन बीमा सुरक्षा योजना का फार्म भरा हुआ हो। उन्होंने बताया कि दयालु योजना में 6 से 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर एक लाख रुपये, 12 से 18 साल तक के बच्चे की मृत्यु होने पर दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा की मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष के युवा की मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये और 45 से 60 साल के व्यक्ति की मृत्यु होने पर तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि स्थाई दिव्यांग होने की स्थिति में दी जाएगी।
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डीसी ने बताया कि दयालु योजना का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करना है, जिससे उसे सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र में जो बैंक खाता नंबर दिया हुआ है, उसी में सहायता राशि को भेजा जाएगा। दुर्घटना होने के तीन माह के भीतर इस योजना के तहत आवेदन करना आवश्यक है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने दयालु पोर्टल बनाया हुआ है। इस पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।