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आशा बोली, मेरे जीवन में तो निराशा भर दी, तीन बच्चों को कैसे पालूंगी
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पति की मौत की सूचना के बाद बदहवास पत्नी आशा को संभालती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर के बाहर सोमवार दोपहर हंगामा हो गया। आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के चलते न्यायिक हिरासत के बाद जींद की जेल में बंद जुलाना के पप्पी (27) की रविवार रात को पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। परिजनों ने सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर जमकर जींद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जुलाना निवासी आशा ने रोते हुए बताया कि 13 अप्रैल को जुलाना पुलिस उसके घर आई। आते ही उसके पति पप्पी से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उठाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद रविवार शाम को पुलिस की तरफ से सूचना दी गई कि पप्पी की तबीयत ठीक नहीं है। उसे पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया गया है। तत्काल आ जाएं। उस समय परिवार करनाल गया हुआ था, जहां रिश्तेदारी में किसी का देहांत हो गया था। रविवार सुबह फोन गया कि पप्पी ने तो दम तोड़ दिया। दोपहर बाद तक न तो जुलाना पुलिस मौके पर आई और न किसी अधिकारी ने सुध ली।
बाक्स
अब मेरी बेटियों व बेटे को कौन पालेगा
सैकड़ों लोगों के बीच आशा ने कहा कि, उसके पति को उठाकर ले जाने वालों को मेरे सामने लेकर आओ। पूछूंगी अब मेरी दो बेटियों व बेटे को कौन पालेगा। कैसे परिवार का गुजारा होगा। इतना कहते ही आशा बेहोश होकर गिर पड़ी। साथ आई महिलाओं ने उसे संभाला। पिता के जाने के बाद मां की बिगड़ी तबीयत देखकर बेटियों का भी बुरा हाल था।
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पुलिस के खिलाफ जमकर की गई नारेबाजी
काफी देर तक पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर के बाहर जुलाना से आए सैकड़ों लोगों ने जींद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
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जुलाना निवासी आशा ने रोते हुए बताया कि 13 अप्रैल को जुलाना पुलिस उसके घर आई। आते ही उसके पति पप्पी से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उठाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद रविवार शाम को पुलिस की तरफ से सूचना दी गई कि पप्पी की तबीयत ठीक नहीं है। उसे पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया गया है। तत्काल आ जाएं। उस समय परिवार करनाल गया हुआ था, जहां रिश्तेदारी में किसी का देहांत हो गया था। रविवार सुबह फोन गया कि पप्पी ने तो दम तोड़ दिया। दोपहर बाद तक न तो जुलाना पुलिस मौके पर आई और न किसी अधिकारी ने सुध ली।
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अब मेरी बेटियों व बेटे को कौन पालेगा
सैकड़ों लोगों के बीच आशा ने कहा कि, उसके पति को उठाकर ले जाने वालों को मेरे सामने लेकर आओ। पूछूंगी अब मेरी दो बेटियों व बेटे को कौन पालेगा। कैसे परिवार का गुजारा होगा। इतना कहते ही आशा बेहोश होकर गिर पड़ी। साथ आई महिलाओं ने उसे संभाला। पिता के जाने के बाद मां की बिगड़ी तबीयत देखकर बेटियों का भी बुरा हाल था।
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पुलिस के खिलाफ जमकर की गई नारेबाजी
काफी देर तक पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर के बाहर जुलाना से आए सैकड़ों लोगों ने जींद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।