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Rohtak News: सैनिक सम्मान के साथ सेना के हवलदार का अंतिम संस्कार
Thu, 28 Mar 2024 02:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 28 Mar 2024 02:42 AM IST
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बेरी। भारतीय सेना के हिसार कैंट में प्रमोशन के लिए ट्रेनिंग कर रहे सेना में हवलदार जवान की फैफडे में नस फट जाने से निधन हो गया। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव दूबलधन के पाना किरमाण गांव पहुंचा। जहां सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना के जवानों ने उन्हें हथियार उल्टे कर मातमी धुन बजाकर सलामी दी। बड़े भाई और पुत्र ने मुखाग्नि दी। प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
गांव दूबलधन पाना किरमाण निवासी सुरेंद्र (42) पुत्र जिले सिंह हिसार कैंट में हवलदार पद से प्रमोशन के लिए ट्रेनिंग कर रहे थे। मंगलवार को जब ट्रेनिंग के सुरेंद्र सिंह को दिक्कत हुई तो उसने अपने साथियों को बताया और हिसार कैंट के आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फैफडे मेें नस फट जाने से आर्मी अस्पताल में इलाज किया लेकिनज्यादा खून बहने के कारण आर्मी अस्पताल से जिंदल अस्पताल में रेफर किया गया। जिंदल अस्पताल में हवलदार सुरेंद्र का ऑपरेशन किया गया लेकिन हवलदार को बचाया नहीं जा सका। बुधवार को उनके पैतृक गांव में पार्थिव शरीर पहुंचा। सेना की गाड़ी से जब तिरंगे में लिपटा हुआ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुंचा तो ग्रामीणों ने भारत माता की जय, हवलदार सुरेंद्र सिंह अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया। उनके अंतिम संस्कार में पूर्व सैनिकों के साथ काफी संख्या में ग्रामीणों ने उनकी अंतिम यात्रा में भाग लिया।प्रशासन की तरफ से बेरी एसडीएम रविंद्र मलिक, नायब तहसीलदार जोगेंद्र, डीएसपी बेरी वहीं कुलबीर हुड्डा बेरी से विधायक डॉ रघुवीर सिंह कादयान, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम कादयान, ब्लॉक समिति चेयरमैन प्रतिनिधि प्रशांत कुमार, जिला पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण उर्फ फोर्ड मौजूद रहे।
2002 में हुए थे भर्ती
बड़े भाई अजय ने बताया कि हवलदार सुरेंद्र 2002 में भर्ती हुए थे और प्रमोशन के लिए हिसार कैंट में ट्रेनिंग कर रहे थे। सुरेंद्र सिंह को एक लड़की हर्षिका जोकि 13 वर्ष की 10 वीं कक्षा में पढ़ती है। लड़का दक्ष 11 वर्ष का हैं, वह 9 कक्षा में पढ़ाई करता है। हवलदार के दो बच्चे आर्मी पब्लिक स्कूल हिसार में पढ़ाई करते है।
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गांव दूबलधन पाना किरमाण निवासी सुरेंद्र (42) पुत्र जिले सिंह हिसार कैंट में हवलदार पद से प्रमोशन के लिए ट्रेनिंग कर रहे थे। मंगलवार को जब ट्रेनिंग के सुरेंद्र सिंह को दिक्कत हुई तो उसने अपने साथियों को बताया और हिसार कैंट के आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। फैफडे मेें नस फट जाने से आर्मी अस्पताल में इलाज किया लेकिनज्यादा खून बहने के कारण आर्मी अस्पताल से जिंदल अस्पताल में रेफर किया गया। जिंदल अस्पताल में हवलदार सुरेंद्र का ऑपरेशन किया गया लेकिन हवलदार को बचाया नहीं जा सका। बुधवार को उनके पैतृक गांव में पार्थिव शरीर पहुंचा। सेना की गाड़ी से जब तिरंगे में लिपटा हुआ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव में पहुंचा तो ग्रामीणों ने भारत माता की जय, हवलदार सुरेंद्र सिंह अमर रहे के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया। उनके अंतिम संस्कार में पूर्व सैनिकों के साथ काफी संख्या में ग्रामीणों ने उनकी अंतिम यात्रा में भाग लिया।प्रशासन की तरफ से बेरी एसडीएम रविंद्र मलिक, नायब तहसीलदार जोगेंद्र, डीएसपी बेरी वहीं कुलबीर हुड्डा बेरी से विधायक डॉ रघुवीर सिंह कादयान, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम कादयान, ब्लॉक समिति चेयरमैन प्रतिनिधि प्रशांत कुमार, जिला पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण उर्फ फोर्ड मौजूद रहे।
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2002 में हुए थे भर्ती
बड़े भाई अजय ने बताया कि हवलदार सुरेंद्र 2002 में भर्ती हुए थे और प्रमोशन के लिए हिसार कैंट में ट्रेनिंग कर रहे थे। सुरेंद्र सिंह को एक लड़की हर्षिका जोकि 13 वर्ष की 10 वीं कक्षा में पढ़ती है। लड़का दक्ष 11 वर्ष का हैं, वह 9 कक्षा में पढ़ाई करता है। हवलदार के दो बच्चे आर्मी पब्लिक स्कूल हिसार में पढ़ाई करते है।
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