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Rohtak News: पुलिस का तर्क- फाइल के मुताबिक न तो जेवरात बरामद हुए, न किसी को दिए, कोर्ट ने तत्कालीन थाना और जांच अधिकारी से मांगा जवाब
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रोहतक। शहर के बहुचर्चित विजय नगर हत्याकांड में वीरवार को शिवाजी कॉलोनी के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देशराज व एएसआई अश्वनी पेश हुए। एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत को बताया कि फाइल के मुताबिक न तो जेवरात बरामद हुए और न ही किसी को दिए गए। साथ ही वे उस समय न तो थाना प्रभारी थे और न ही जांच अधिकारी। अब अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी व जांच अधिकारी से 28 अगस्त तक जवाब मांगा है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान दो दशक से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। 27 अगस्त 2021 को बबलू, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा उर्फ तमन्ना व बबली की मां रोशनी की घर में सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए प्रॉपर्टी डीलर बबलू के इकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। अभिषेक तभी से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है। तीन अगस्त को अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया था कि 21 अगस्त 2021 को परिवार के चार लोगों की हत्या हुई। पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन घर के अंदर से जेवरात व दूसरी प्रॉपर्टी जब्त नहीं दिखाई। परिवार के एकमात्र जीवित बचे युवक अभिषेक उर्फ मोनू को ही पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वारदात के डेढ़ माह बाद 16 अक्टूबर 2021 को अभिषेक के नाना ने शिवाजी काॅलोनी थाने में शिकायत दी कि परिवार के रिश्तेदार ही जेवरात चोरी करके ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। दो आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। मामले में पुलिस ने कार्रवाई की जगह एफआईआर ही रद्द कर दी। न तो चोरी की गई प्रॉपर्टी बरामद की और न ही कोई ब्योरा अदालत को दिया। वह जेवरात व प्रॉपर्टी के कागजात कहां गए,पुलिस अदालत को बताएं। कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा था।
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अदालत में शिवाजी कॉलाेनी के मौजूदा थाना प्रभारी व एएसआई अदालत में हुए। कहा कि फाइल के मुताबिक जेवरात नहीं मिले और न किसी को सौंपे। अब अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी व जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। मामले की 28 अगस्त को सुनवाई होगी।
सुशील पांचाल, वकील बचाव पक्ष
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान दो दशक से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही प्रॉपर्टी डीलर का काम करते थे। 27 अगस्त 2021 को बबलू, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा उर्फ तमन्ना व बबली की मां रोशनी की घर में सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए प्रॉपर्टी डीलर बबलू के इकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। अभिषेक तभी से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है। तीन अगस्त को अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया था कि 21 अगस्त 2021 को परिवार के चार लोगों की हत्या हुई। पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन घर के अंदर से जेवरात व दूसरी प्रॉपर्टी जब्त नहीं दिखाई। परिवार के एकमात्र जीवित बचे युवक अभिषेक उर्फ मोनू को ही पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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वारदात के डेढ़ माह बाद 16 अक्टूबर 2021 को अभिषेक के नाना ने शिवाजी काॅलोनी थाने में शिकायत दी कि परिवार के रिश्तेदार ही जेवरात चोरी करके ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। दो आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। मामले में पुलिस ने कार्रवाई की जगह एफआईआर ही रद्द कर दी। न तो चोरी की गई प्रॉपर्टी बरामद की और न ही कोई ब्योरा अदालत को दिया। वह जेवरात व प्रॉपर्टी के कागजात कहां गए,पुलिस अदालत को बताएं। कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा था।
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अदालत में शिवाजी कॉलाेनी के मौजूदा थाना प्रभारी व एएसआई अदालत में हुए। कहा कि फाइल के मुताबिक जेवरात नहीं मिले और न किसी को सौंपे। अब अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी व जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। मामले की 28 अगस्त को सुनवाई होगी।
सुशील पांचाल, वकील बचाव पक्ष