फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Apply herbal colours, protect your skin and eyes from damage

Rohtak News: हर्बल रंग लगाएं, त्वचा और आंखों को नुकसान से बचाएं

Fri, 14 Mar 2025 03:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Mar 2025 03:51 AM IST
विज्ञापन
Apply herbal colours, protect your skin and eyes from damage
13सीटीके09...सुभाष चौक पर गुलाल से होली खेलते युवा। स्रोत: संवाद
रोहतक। बाजार में विभिन्न प्रकार के रसायन युक्त रंग बिक रहे हैं। रसायन युक्त रंग त्वचा रोग, आंखों के साथ ही दमा और अन्य प्रकार की समस्या पैदा कर सकते हैं। दुल्हेंडी में इन रंगों से खेलने के लिए बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। इन रंगों का इस्तेमाल करने के बजाय पर हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। हर्बल रंग आपकी त्वचा और आंखों को नुकसान होने से बचाएंगें।
विज्ञापन

अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में बाजार में सबसे अधिक रसायन युक्त रंग, गुलाल एवं अन्य नुकसान करने वाले रंग पहुंच रहे हैं। काले रंग में लैड ऑक्साइड पाया जाता है, लाल रंग में मरकरी सल्फाइड, एल्युमिनियम बोरोमाइड चांदी के जैसे दिखने वाले रंग में पाया जाता है। ये बहुत ही हानिकारक केमिकल है। ये शरीर में एलर्जी, खुजली कर देते है। ये त्वचा पर रूखापन और दानें कर देते है। इनसे त्वचा पर काफी नुकसान होता है।
विज्ञापन

रंगों से होने वाले नुकसान से ऐसे करें बचाव
होली में इन बातों पर विशेष ध्यान दें। रंग खेलने से पहले व स्नान करने के बाद चेहरे और शरीर पर मॉइस्चराइजर क्रीम या नारियल का तेल लगाएं। रंग को लंबे समय तक शरीर पर न रहने दें और ज्यादा समय तक धूप में न रहें। मुंह धोने और स्नान करने के बाद तुरंत मॉइस्चराइजर क्रीम का इस्तेमाल करें, और मेकअप ना करें। खुजली या रशेज होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। ये रंग त्वचा पर काफी समय तक नुकसान रखते है। ये रंग अगर आंखों में चले जाएं तो काफी नुकसान हो जाता है। इससे आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव पड़ता है। रंगों के कण शरीर के अंदर चले जाएं तो इससे दमा, सांस लेने में समस्या और खांसी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह ध्यान रखें
अगर यह केमिकल सांस के साथ अंदर चलें जाएं तो उल्टी आना, चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है। और केमिकल लगने के कारण बाल भी खराब हो जाते है। माथे पर दाने बन जाते है। अगर रंग ज्यादा लग गया है, तो ज्यादा मसलकर एक ही दिन में रंग उतारने की कोशिश ना करें। इन्हें खुद ही धीरे-धीरे शरीर से उतरने दें। रंग उतारने के लिए ज्यादा काॅस्टिक सोडा वाले साबुन का प्रयोग ना करें।

-------
समय के साथ रंगों में रसायनों का प्रयोग किया जाने लगा है। इसमें सिंथेटिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। ये सिंथेटिक रंग सस्ते मिलते है, यह त्वचा पर एलर्जी करते है, निशान बन जाते है। आंखों में जलन होती है। -डॉ. दिनेश मलिक, त्वचा रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed