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Rohtak News: एएमवीए ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे उठाए
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20सीटीके46...गौड कॉलेज में बैठक के दौरान मौजूद डॉ. आंबेडकर मिशनरीज विधार्थी एसोसिएशन के सदस्य।
रोहतक। डाॅ. आंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन की बैठक शनिवार को गौड़ कॉलेज में हुई। इसका नेतृत्व एसोसिएशन अध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया ने किया। यहां अनुसूचित जाति छात्र वर्ग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कॉलेज की मुख्य समस्याओं से प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा को अवगत कराया।
एएमवीए अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों व गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं और छात्रवृति योजना का लाभ देने लेने की शर्त 2.50 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 10 लाख रुपयेकी जाए। छात्र वर्ग की रुकी छात्रवृति जल्द जारी की जाए। जिन विद्यार्थियों के परिवारों की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये है। उनसे दाखिले फीस के रूप में किसी भी प्रकार का शुल्क न लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़े वर्ग का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए गरीबी रेखा का मापदंड 8 लाख रुपये वार्षिक आय तय किया है। इसका स्वागत करते हैं। दूसरी तरफ अनुसूचित जाति वर्ग की वार्षिक आय की 2.50 लाख रुपये है। यह बड़ी अनदेखी है। इसके तहत प्रदेश में 8 लाख रुपए वार्षिक आय वाला पिछड़ा वर्ग परिवार गरीब और ढाई लाख रुपये आय वाला अनुसूचित जाति वर्ग अमीर है।
प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा को एएमवीए ने विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराया। अमित कुमार नरवाल चेयरमैन एएमवीए ने सभी कॉलेज प्राचार्यों से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण किया। इस मौके पर दीपक सावरिया, दिनेश कांगड़ा, रमन कुमार, विक्की, सचिन, विकास, प्रदीप, अमित, रवि, कपिल, संदीप, सुरज, अजय, विजय, रोहित, संजय, अंकीत, आशीष कुमार समेत अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
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एएमवीए अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों व गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं और छात्रवृति योजना का लाभ देने लेने की शर्त 2.50 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर 10 लाख रुपयेकी जाए। छात्र वर्ग की रुकी छात्रवृति जल्द जारी की जाए। जिन विद्यार्थियों के परिवारों की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये है। उनसे दाखिले फीस के रूप में किसी भी प्रकार का शुल्क न लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़े वर्ग का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए गरीबी रेखा का मापदंड 8 लाख रुपये वार्षिक आय तय किया है। इसका स्वागत करते हैं। दूसरी तरफ अनुसूचित जाति वर्ग की वार्षिक आय की 2.50 लाख रुपये है। यह बड़ी अनदेखी है। इसके तहत प्रदेश में 8 लाख रुपए वार्षिक आय वाला पिछड़ा वर्ग परिवार गरीब और ढाई लाख रुपये आय वाला अनुसूचित जाति वर्ग अमीर है।
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प्राचार्य डॉ. जेपी शर्मा को एएमवीए ने विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराया। अमित कुमार नरवाल चेयरमैन एएमवीए ने सभी कॉलेज प्राचार्यों से मुलाकात के लिए प्रतिनिधिमंडल ने निर्माण किया। इस मौके पर दीपक सावरिया, दिनेश कांगड़ा, रमन कुमार, विक्की, सचिन, विकास, प्रदीप, अमित, रवि, कपिल, संदीप, सुरज, अजय, विजय, रोहित, संजय, अंकीत, आशीष कुमार समेत अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
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