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Rohtak News: विकास के दावों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से बहादुरगढ़ के उद्योग जगत में गरमाई सियासत
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फोटो-62: बहादुरगढ़ के गणपति धाम में बैठक करते टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट से जुड़े उद्यमी। स्रोत स्वयं
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ की सबसे पुरानी और बड़ी औद्योगिक संस्था बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआई) की 21 सदस्यीय कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर औद्योगिक क्षेत्र में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। 11 मई को होने वाले चुनाव में टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट और उद्योग विकास मंच आमने-सामने हैं।
दोनों पैनल जहां उद्योगों के विकास और अपने कार्यों को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं, वहीं एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। खासतौर पर ट्रांसपोर्ट यूनियन का पुराना मुद्दा फिर से चुनावी बहस के केंद्र में आ गया है।
वीरवार को गणपति धाम स्थित कार्यालय में बैठक करते हुए टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट ने उद्योगपतियों से मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव बहादुरगढ़ के औद्योगिक भविष्य का फैसला करेगा। पैनल से प्रवीण गर्ग व अन्य ने दावा किया कि उसका उद्देश्य सभी औद्योगिक क्षेत्रों का समान और निस्वार्थ विकास करना है।
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फ्रंट की ओर से कहा गया कि उनकी टीम लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी रही है और बिजली, सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए।
टीम ने सेक्टर-16, 17, 4बी और पुराने औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य, नए पावर स्टेशन, पार्कों से कब्जा हटवाने, स्वास्थ्य जांच शिविर और उद्योगों के लिए विशेष सुविधा केंद्र जैसी उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति बिगड़ी और विकास कार्यों में बाधाएं डाली गईं।
वहीं एमआईई में उद्यमियों के साथ बैठक करते हुए उद्योग विकास मंच ने प्रोग्रेसिव फ्रंट से जुड़े कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग पर उद्योग हितों के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए। मंच के प्रतिनिधि नरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों के खिलाफ चले संघर्ष में प्रवीण गर्ग की कोई सकारात्मक भूमिका नहीं रही।
मंच का दावा है कि उस समय उद्योगपतियों को राहत दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और अधिकारियों व यूनियनों के खिलाफ कार्रवाई करानी पड़ी। मंच ने आरोप लगाया कि अब चुनाव में लाभ लेने के लिए पुराने मुद्दों को अपने पक्ष में पेश किया जा रहा है।
दोनों गुटों के बीच बढ़ती बयानबाजी के चलते बीसीसीआई चुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है। उद्योगपतियों की नजर अब 11 मई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।
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दोनों पैनल जहां उद्योगों के विकास और अपने कार्यों को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं, वहीं एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। खासतौर पर ट्रांसपोर्ट यूनियन का पुराना मुद्दा फिर से चुनावी बहस के केंद्र में आ गया है।
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वीरवार को गणपति धाम स्थित कार्यालय में बैठक करते हुए टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट ने उद्योगपतियों से मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव बहादुरगढ़ के औद्योगिक भविष्य का फैसला करेगा। पैनल से प्रवीण गर्ग व अन्य ने दावा किया कि उसका उद्देश्य सभी औद्योगिक क्षेत्रों का समान और निस्वार्थ विकास करना है।
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फ्रंट की ओर से कहा गया कि उनकी टीम लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी रही है और बिजली, सड़क, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए।
टीम ने सेक्टर-16, 17, 4बी और पुराने औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य, नए पावर स्टेशन, पार्कों से कब्जा हटवाने, स्वास्थ्य जांच शिविर और उद्योगों के लिए विशेष सुविधा केंद्र जैसी उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति बिगड़ी और विकास कार्यों में बाधाएं डाली गईं।
वहीं एमआईई में उद्यमियों के साथ बैठक करते हुए उद्योग विकास मंच ने प्रोग्रेसिव फ्रंट से जुड़े कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग पर उद्योग हितों के खिलाफ काम करने के आरोप लगाए। मंच के प्रतिनिधि नरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट यूनियनों के खिलाफ चले संघर्ष में प्रवीण गर्ग की कोई सकारात्मक भूमिका नहीं रही।
मंच का दावा है कि उस समय उद्योगपतियों को राहत दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी और अधिकारियों व यूनियनों के खिलाफ कार्रवाई करानी पड़ी। मंच ने आरोप लगाया कि अब चुनाव में लाभ लेने के लिए पुराने मुद्दों को अपने पक्ष में पेश किया जा रहा है।
दोनों गुटों के बीच बढ़ती बयानबाजी के चलते बीसीसीआई चुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है। उद्योगपतियों की नजर अब 11 मई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।

फोटो-62: बहादुरगढ़ के गणपति धाम में बैठक करते टीम प्रोग्रेसिव फ्रंट से जुड़े उद्यमी। स्रोत स्वयं