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दिवाली की आतिशबाजी के बाद प्रदूषण, अधिकतम 470 पहुंचा एक्यूआई

Tue, 29 Oct 2019 03:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2019 03:51 AM IST
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air pollution
रोहतक। दिवाली की आतिशबाजी ने एक बार फिर प्रदूषण स्तर को बढ़ाकर हवा को जहरीला बना दिया है। 26 अक्तूबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 286 दर्ज किया गया जोकि 27 अक्तूबर छोटी दिवाली को 293 पहुंच गया। आतिशबाजी के बाद 28 अक्तूबर को एक्यूआई अधिकतम 470 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि औसतन 327 रहा। इस कारण वायुमंडल में फैले प्रदूषण ने लोगों के लिए घर में भी सांस ले पाना दूभर कर दिया।
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जागरूकता अभियान का असर इस बार की आतिशबाजी में देखने को भी मिला, क्योंकि पिछले साल एक्यूआई 345 पहुंच गया था, जोकि इस साल की तुलना में 18 अधिक था। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार 25 अक्तूबर को औसतन एक्यूआई 295 व अधिकतम 384, 26 को औसतन 286 व अधिकतम 357, 27 अक्तूबर को औसतन 293 व अधिकतम 349 व 28 अक्तूबर को औसतन एक्यूआई 327 व अधिकतम 470 दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आतिशबाजी के बाद यदि पराली और जलाई गई तो सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि हवा में प्रदूषण का स्तर पहले ही गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। इससे सांस के रोगियों को समस्या होने लगी है। अब इस बढ़ते प्रदूषण स्तर से बचने के लिए बरसात और तेज हवाओं का इंतजार रहेगा।
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शहर में धुआं ही धुआं, हवा और भी जहरीली
- पटाखों की धमक और धुएं ने बढ़ाया शहर के इलाकों में ध्वनि के साथ वायु प्रदूषण
रोहतक। प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली की रात पटाखे छोड़ने के लिए महज दो घंटे का समय निर्धारित किया था, लेकिन इस बार भी शहर के सभी इलाकों में खूब धूम धड़ाका हुआ। संवेदनशील क्षेत्र भी पटाखों के शोर और धुएं से बच नहीं सके। इससे हवा और भी जहरीली हो गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दिवाली से पहले और बाद में मापी गई प्रदूषण की मात्रा में वायु और ध्वनि प्रदूषण की मात्रा अधिक मिली। सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले आदेश दिए थे कि रात में 8:00 से 10:00 बजे तक ही पटाखे छोड़े जाएंगे, लेकिन इन आदेशों का कोई असर नहीं दिखाई दिया। शहर में दो स्थानों पर बड़े पटाखा बाजार लगे, लेकिन इनके अलावा भी बाजारों में पटाखे खूब बिके। इस बार भी प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की जमकर बिक्री हुई। दिवाली के दिन और इससे पहले प्रदूषण को जांचने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने दिवाली की रात प्रदूषण की मात्रा परखी। जांच रिपोर्ट में सभी स्थानों पर सामान्य से अधिक मात्रा में प्रदूषण मिला।
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जिले में दिवाली से पहले और दिवाली पर प्रदूषण की मात्रा जांचने के लिए कई स्थानों पर मानीटरिंग की गई थी। पिछले दिनों के मुकाबले प्रदूषण की मात्रा बढ़ी है। इसका मुख्य कारण मौसम में बदलाव, वाहनों की संख्या का बढ़ना, खुले में कूड़ा जलाना भी है। इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना होगा। फिलहाल जिले का प्रदूषण अन्य जनपदों को देखते हुए ठीक रहा है।
- कृष्ण कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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