{"_id":"570960464f1c1b5e2cc814d0","slug":"aipmt-paper-leak-case-police-catching-offenders-many-states-dangi-6-day-remand","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी कई राज्यों से पकड़ने हैं आरोपी, दांगी 6 दिन और रिमांड पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी कई राज्यों से पकड़ने हैं आरोपी, दांगी 6 दिन और रिमांड पर
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:49 AM IST
विज्ञापन
रूप सिंह दांगी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एआईपीएमटी पेपर लीक मामले में सरगना मदीना निवासी रूप सिंह दांगी को कोर्ट ने 6 दिन के और पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 8 दिन के रिमांड के बाद रविवार को पुलिस ने दांगी को कोर्ट में पेश किया। दलील दी कि अभी मामले में कई राज्यों में गिरफ्तारी करनी है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पटना जाएगी। छापामारी के दौरान दांगी का रिमांड पर होना बहुत जरूरी है। इस पर कोर्ट ने दांगी का रिमांड और 6 दिन के लिए बढ़ा दिया। अब दांगी को 15 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मई 2015 में एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। रोहतक पुलिस के खुलासे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पेपर रद्द कर दिया था। मामले के 11 माह बाद पुलिस प्रकरण के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को पकड़ सकी। उसे 1 अप्रैल को कोर्ट में पेश करके आठ दिन का रिमांड लिया था। इस रिमांड के दौरान पुलिस ने दांगी से पूछताछ के बाद पेपर लीक करने में उसकी मदद करने वाले एमडीएन स्कूल के पीटीआई गांव भगवतीपुर निवासी सतीश और रिठाल निवासी रवींद्र को काबू किया। कोर्ट दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। पुलिस का दावा है कि दांगी के रिमांड के दौरान कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं।
जिससे यह साफ हो गया है कि आरोपियों का जाल कई राज्यों में फैला है। पता चला है कि शिमला का सोनू, हरिद्वार से राजीव, दिल्ली से जगबीर, गोच्छी से मोनू भी दांगी के साथ पेपर लीक में शामिल रहे। मोनू ही मोबाइल लेकर स्कूल में दाखिल हुआ था और पीटीआई की मदद से पेपर लीक किया। इनके अलावा हिसार व अन्य कई जिलों में भी आरोपी मौजूद हैं। वहीं मोबाइल व लैपटाप भी अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।
विज्ञापन
दांगी से अभी काफी सामान बरामद कराया जाना है तो आरोपी भी पकड़े जाने हैं। इसलिए दांगी का दोबारा से रिमांड लिया गया है, जिससे अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके।
राकेश सैनी, प्रभारी सीआईए टू।
विज्ञापन
मई 2015 में एआईपीएमटी पेपर लीक प्रकरण का खुलासा हुआ। रोहतक पुलिस के खुलासे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पेपर रद्द कर दिया था। मामले के 11 माह बाद पुलिस प्रकरण के मास्टरमाइंड रूप सिंह दांगी को पकड़ सकी। उसे 1 अप्रैल को कोर्ट में पेश करके आठ दिन का रिमांड लिया था। इस रिमांड के दौरान पुलिस ने दांगी से पूछताछ के बाद पेपर लीक करने में उसकी मदद करने वाले एमडीएन स्कूल के पीटीआई गांव भगवतीपुर निवासी सतीश और रिठाल निवासी रवींद्र को काबू किया। कोर्ट दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। पुलिस का दावा है कि दांगी के रिमांड के दौरान कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं।
विज्ञापन
जिससे यह साफ हो गया है कि आरोपियों का जाल कई राज्यों में फैला है। पता चला है कि शिमला का सोनू, हरिद्वार से राजीव, दिल्ली से जगबीर, गोच्छी से मोनू भी दांगी के साथ पेपर लीक में शामिल रहे। मोनू ही मोबाइल लेकर स्कूल में दाखिल हुआ था और पीटीआई की मदद से पेपर लीक किया। इनके अलावा हिसार व अन्य कई जिलों में भी आरोपी मौजूद हैं। वहीं मोबाइल व लैपटाप भी अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं।
विज्ञापन
दांगी से अभी काफी सामान बरामद कराया जाना है तो आरोपी भी पकड़े जाने हैं। इसलिए दांगी का दोबारा से रिमांड लिया गया है, जिससे अन्य आरोपियों को पकड़ा जा सके।
राकेश सैनी, प्रभारी सीआईए टू।