{"_id":"696e890774ff1d970b07cad1","slug":"after-18-days-schools-reopened-with-renewed-enthusiasm-but-attendance-was-45-percent-lower-than-usual-rohtak-news-c-203-1-mgh1006-123388-2026-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: 18 दिन बाद विद्यालयों में लौटी रोनक, संख्या रही 45 प्रतिशत कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: 18 दिन बाद विद्यालयों में लौटी रोनक, संख्या रही 45 प्रतिशत कम
विज्ञापन
फोटो संख्या:54 पीएमश्री स्कूल में विद्यार्थियों का गृहकार्य करती शिक्षिका। संवाद
- फोटो : लापता अभिजीत सिंह उर्फ वंशु सिंह।
महेंद्रगढ़। खंड के राजकीय और निजी स्कूलों में 18 दिन बाद सोमवार को रौनक लौटी। पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही और केवल 55 फीसदी विद्यार्थी ही स्कूलों में पहुंचे। शिक्षकों की ओर से गृहकार्य जांचा गया।
शिक्षा विभाग की ओर से 18 जनवरी तक अवकाश बढ़ाया गया। अब 19 जनवरी को स्कूल खुले। पहले दिन राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही जबकि निजी स्कूलों में संख्या अधिक रही है।
शहर के प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की संख्या जांची गई। इस दौरान कक्षाओं में शिक्षक तो सभी मिले लेकिन विद्यार्थी कम मिले। शिक्षकों की ओर से विद्यार्थियों की कॉपी जांची गई।
विज्ञापन
पहले दिन पहुंचे विद्यार्थियों का गृहकार्य पूरा मिला और मौखिक टेस्ट में कुछ मिलाकर ठीक रहा। शिक्षकों का कहना है कि पहले दिन विद्यार्थी गृहकार्य जांच कराने से बचने के लिए कम आते हैं। दो दिन बाद स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या सामान्य हो जाती है।
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक की ओर से स्कूल प्राचार्यों को विद्यार्थियों के गृहकार्य की जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अब गृहकार्य अधूरा रखने वाले विद्यार्थियों की प्रदर्शन रिपोर्ट शिक्षक अभिभावक बैठक में बताई जाएगी।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग की ओर से 18 जनवरी तक अवकाश बढ़ाया गया। अब 19 जनवरी को स्कूल खुले। पहले दिन राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही जबकि निजी स्कूलों में संख्या अधिक रही है।
विज्ञापन
शहर के प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की संख्या जांची गई। इस दौरान कक्षाओं में शिक्षक तो सभी मिले लेकिन विद्यार्थी कम मिले। शिक्षकों की ओर से विद्यार्थियों की कॉपी जांची गई।
विज्ञापन
पहले दिन पहुंचे विद्यार्थियों का गृहकार्य पूरा मिला और मौखिक टेस्ट में कुछ मिलाकर ठीक रहा। शिक्षकों का कहना है कि पहले दिन विद्यार्थी गृहकार्य जांच कराने से बचने के लिए कम आते हैं। दो दिन बाद स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या सामान्य हो जाती है।
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक की ओर से स्कूल प्राचार्यों को विद्यार्थियों के गृहकार्य की जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अब गृहकार्य अधूरा रखने वाले विद्यार्थियों की प्रदर्शन रिपोर्ट शिक्षक अभिभावक बैठक में बताई जाएगी।