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Rohtak News: प्रशासन ने ताबड़तोड़ 42 निजी स्कूल बसों के किए चालान, 40 बसें इंपाउंड

Sun, 14 Apr 2024 01:40 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2024 01:40 AM IST
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Administration swiftly issued challans to 42 private school buses, 40 buses impounded
रोहतक।
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कनीना स्कूल बस हादसे के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने शनिवार को स्कूली बसों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एसडीएम के नेतृत्व में विभिन्न इलाकों में जांच अभियान चलाया गया। इसके तहत विभाग ने 124 बसें जांचीं। मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली 42 निजी स्कूल बसों के चालान किए जबकि 40 बसें इंपाउंड की गई। बसों में टूल बॉक्स और फर्स्टएड बॉक्स न मिलने पर स्कूल प्रबंधकों को फटकार लगाई।
रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार ने अपने क्षेत्राधिकार में लगभग 12 स्कूलों का दौरा कर बसों का निरीक्षण किया। उन्होने सौ से अधिक बसों की जांच की और निर्धारित मापदंड पूरे न करने पर 39 बसों का चालान कर 37 बसों को इंपाउंड कर लिया। सांपला एसडीएम सुभाष चंद्र जून के नेतृत्व में 21 बसों की जांच कर तीन बसों को कब्जे में लिया। महम एसडीएम दलबीर सिंह फोगाट के नेतृत्व में 21 बसों की जांच की गई।
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नामी स्कूलों की बसें ही निकलीं अनफिट
जांच में शहर के नामी स्कूलों की बसें की अनफिट मिली है। यह देखकर अधिकारी भी अचंभे में हैं। जांच टीम की मानें तो एक स्कूल की 26 बसें व दूसरे 10 बसें अनफिट पाई गई हैं। इसके चलते स्कूल संचालकों को हिदायत देते हुए वाहन इंपाउंड कर लिए गए हैं। इन हालातों को देखते प्रशासन रविवार को अवकाश के दिन भी अभियान जारी रखते हुए स्कूल वाहनों की फिटनेट जांच का कदम उठा सकता है।
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बस चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच शुरू
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि स्कूल संचालकों को बस जांच के दौरान निर्देश दिए गए हैं कि बस चालकों का नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराएं। किसी चालक को क्रॉनिक डिजीज है, तो उसकी सेवाएं लेने से परहेज रखा जाए। जब तक बच्चे बस में सही तरीके से न बैठा जाएं तब तक गाड़ी न चलाई जाए। बस चालक वाहनों को ओवरटेक न करें। बच्चों को उनके गंतव्य पर उतारते समय सभी सुरक्षा पहलुओं का अच्छे से ध्यान रखें। स्कूल बस का प्रत्येक वर्ष संबंधित अथॉरिटी से फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। चालक के पास हैवी लाइसेंस होना चाहिए। बस में अटेंडेंट का होना जरूरी है। ड्राइवर और अटेंडेट ड्रेस में होने चाहिएं। बस में आग बुझाने वाले यंत्र व फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य है। संख्या से अधिक बच्चों को बस में न बैठाएं। बस का रजिस्ट्रेशन कार्ड साथ रखें।
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