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Rohtak News: संघर्ष की लौ से पाया मुकाम...सरकारी स्कूल में पढ़ कैप्टन बनीं ज्योति
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कैप्टन ज्योति ढाका।
रतन चंदेल
रोहतक। जिले के सुंडाना गांव की बेटी ज्योति ढाका ने अपने जीवन के कठिन संघर्षों को पार करते हुए सेना में कैप्टन का पद हासिल किया है।
महज 12 साल की उम्र में ही सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता जगदीश ने बेटी को सेना में जाकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया था। बेटी ने भी इस संघर्ष की लौ को बुझने नहीं दिया और पिता से किया वादा पूरा किया।
बड़े भाई हरीश बताते हैं कि उनके परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि ने बहन ज्योति के भीतर राष्ट्र सेवा का बीज बोया और पिता जगदीश ने सैन्य मार्ग को अपनाने की प्रेरणा दी। वर्ष 2013 में पिता जगदीश का निधन हो गया था लेकिन इसके बावजूद ज्योति ने खुद को टूटने नहीं दिया। पिता की प्रेरणा को दृढ़ इच्छा शक्ति बनाकर कड़ी मेहनत की और परिवार के सहयोग की शक्ति से सेना में कैप्टन बनकर उनका सपना पूरा किया।
हरीश ने बताया कि ज्योति ने गांव के सरकारी स्कूल से 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिसार रोड से उन्होंने 12वीं पास की। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 12वीं परीक्षा पास करने के बाद सेना की तैयारी की। 2023 में लेफ्टिनेंट बनीं और अब इसी महीने वह कैप्टन बनी हैं। संवाद
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रोहतक। जिले के सुंडाना गांव की बेटी ज्योति ढाका ने अपने जीवन के कठिन संघर्षों को पार करते हुए सेना में कैप्टन का पद हासिल किया है।
महज 12 साल की उम्र में ही सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता जगदीश ने बेटी को सेना में जाकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया था। बेटी ने भी इस संघर्ष की लौ को बुझने नहीं दिया और पिता से किया वादा पूरा किया।
बड़े भाई हरीश बताते हैं कि उनके परिवार की सैन्य पृष्ठभूमि ने बहन ज्योति के भीतर राष्ट्र सेवा का बीज बोया और पिता जगदीश ने सैन्य मार्ग को अपनाने की प्रेरणा दी। वर्ष 2013 में पिता जगदीश का निधन हो गया था लेकिन इसके बावजूद ज्योति ने खुद को टूटने नहीं दिया। पिता की प्रेरणा को दृढ़ इच्छा शक्ति बनाकर कड़ी मेहनत की और परिवार के सहयोग की शक्ति से सेना में कैप्टन बनकर उनका सपना पूरा किया।
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हरीश ने बताया कि ज्योति ने गांव के सरकारी स्कूल से 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिसार रोड से उन्होंने 12वीं पास की। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 12वीं परीक्षा पास करने के बाद सेना की तैयारी की। 2023 में लेफ्टिनेंट बनीं और अब इसी महीने वह कैप्टन बनी हैं। संवाद
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