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गाजियाबाद जेल से लगाई अब्दुल करीम टुंडा ने हाजिरी, पते पर नहीं मिले गवाह
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शहर की पुरानी सब्जी मंडी व किला रोड बाजार में करीब ढाई दशक पहले हुए बम धमाकों के मामले की शुक्रवार को अतिरिक्त एवं सत्र जिला न्यायाधीश राजकुमार यादव की अदालत में सुनवाई हुई। यूपी के गाजियाबाद स्थित डासना जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा ने हाजिरी लगाई। मामले में गवाही के लिए तीन गवाहों को बुलाया गया था, लेकिन वे संबंधित पते पर नहीं मिले। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मई 2021 को होगी।
मामले के अनुसार 1997 में पुरानी सब्जी मंडी में फड़ी के पास अचानक धमाका हुआ। धमाके में गई लोग घायल हो गए। थोड़ी देर बाद किला रोड बाजार में एक रेहड़ी पर धमाका हुआ। घायलों को पीजीआईएमएस में दाखिल कराया गया। मामले में पुलिस ने दिल्ली के एक युवक को गिरफ्तार किया था, जिसे खुलासा किया था कि केस में अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का हाथ है। उस समय टुंडा पाकिस्तान के कराची शहर में रह रहा था। लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों ने अब्दुल करीम का इंतजार किया। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने नेपाल बॉर्डर से भारत में घुसते समय अब्दुल करीम को गिरफ्तार कर लिया था। उसे रोहतक पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। बाद में उसे गाजियाबाद की डासना जेल में भेज दिया गया। तभी से सिटी थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में अब्दुल करीम के खिलाफ सुनवाई चल रही है। अदालत ने तीन गवाहों को शुक्रवार को हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किए थे, लेकिन अदालत को रिपोर्ट दी गई कि तीनों गवाह संबंधित पत्ते पर नहीं मिले। ऐसे में अदालत ने निर्देश दिए हैं कि तीनों गवाहों को बिना देरी के सही पते पर समन भेजे जाएंगे। साथ ही अन्य बचे गवाहों को भी अगली तारीख के लिए नोटिस दिए जाएं।
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मामले के अनुसार 1997 में पुरानी सब्जी मंडी में फड़ी के पास अचानक धमाका हुआ। धमाके में गई लोग घायल हो गए। थोड़ी देर बाद किला रोड बाजार में एक रेहड़ी पर धमाका हुआ। घायलों को पीजीआईएमएस में दाखिल कराया गया। मामले में पुलिस ने दिल्ली के एक युवक को गिरफ्तार किया था, जिसे खुलासा किया था कि केस में अब्दुल करीम उर्फ टुंडा का हाथ है। उस समय टुंडा पाकिस्तान के कराची शहर में रह रहा था। लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों ने अब्दुल करीम का इंतजार किया। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने नेपाल बॉर्डर से भारत में घुसते समय अब्दुल करीम को गिरफ्तार कर लिया था। उसे रोहतक पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई। बाद में उसे गाजियाबाद की डासना जेल में भेज दिया गया। तभी से सिटी थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में अब्दुल करीम के खिलाफ सुनवाई चल रही है। अदालत ने तीन गवाहों को शुक्रवार को हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किए थे, लेकिन अदालत को रिपोर्ट दी गई कि तीनों गवाह संबंधित पत्ते पर नहीं मिले। ऐसे में अदालत ने निर्देश दिए हैं कि तीनों गवाहों को बिना देरी के सही पते पर समन भेजे जाएंगे। साथ ही अन्य बचे गवाहों को भी अगली तारीख के लिए नोटिस दिए जाएं।
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