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बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान विभाग की एक अनूठी पहल : सुभाष भारद्वाज
Fri, 19 Apr 2024 05:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 19 Apr 2024 05:51 AM IST
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18jjrp09 झज्जर में प्रशिक्षण शिविर में चार्ट तैयार करते हुए शिक्षक।स्त्रोत स्वयं
झज्जर। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहादुरगढ़ में निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षकों के लिए चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज, प्राचार्य डायट मछरौली बीपी राणा और खंड शिक्षा अधिकारी मुन्नी सहारण ने किया।
जिला एफएलएन संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले एफएलएन कार्यक्रम बालवाटिका से तीसरी कक्षा तक चल रहा था। वर्तमान सत्र से कक्षा चौथी और पांचवीं में भी लागू किया गया है। उन्होंने अध्यापकों से आह्वान किया कि अभिभावकों का विश्वास हासिल करके ही राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। इसके लिए शैक्षणिक के साथ साथ दूसरे पहलू जैसे बच्चों की भाषा, अनुशासन, वर्दी, आचरण आदि पर भी ध्यान देना पड़ेगा।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान विभाग की एक अनूठी पहल है और हमें इसे सहर्ष मन से स्वीकार करके शिक्षा विभाग द्वारा चलाई गई इस मुहिम को सफल करना है। बीपी राणा ने कहा कि बाल मन को समझते हुए अध्यापक कार्य करें ताकि समाज पुन: राजकीय विद्यालयों के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए अपने बच्चों को विद्यालय भेजें। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रशिक्षु अध्यापकों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सभी गतिविधियां कक्षा में लागू करें और मॉनिटरिंग के दौरान इनका पर्यवेक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर सुमन सहवाग, सविता, दीपिका शर्मा, नीलम, सुमन, विद्यालय प्राचार्य सुरेश सेनी, कर्मबीर तहलान, कविता, समीर, खुशबू और प्रिया उपस्थित रहे।
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जिला एफएलएन संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले एफएलएन कार्यक्रम बालवाटिका से तीसरी कक्षा तक चल रहा था। वर्तमान सत्र से कक्षा चौथी और पांचवीं में भी लागू किया गया है। उन्होंने अध्यापकों से आह्वान किया कि अभिभावकों का विश्वास हासिल करके ही राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है। इसके लिए शैक्षणिक के साथ साथ दूसरे पहलू जैसे बच्चों की भाषा, अनुशासन, वर्दी, आचरण आदि पर भी ध्यान देना पड़ेगा।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज ने कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान विभाग की एक अनूठी पहल है और हमें इसे सहर्ष मन से स्वीकार करके शिक्षा विभाग द्वारा चलाई गई इस मुहिम को सफल करना है। बीपी राणा ने कहा कि बाल मन को समझते हुए अध्यापक कार्य करें ताकि समाज पुन: राजकीय विद्यालयों के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए अपने बच्चों को विद्यालय भेजें। खंड शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रशिक्षु अध्यापकों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सभी गतिविधियां कक्षा में लागू करें और मॉनिटरिंग के दौरान इनका पर्यवेक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर सुमन सहवाग, सविता, दीपिका शर्मा, नीलम, सुमन, विद्यालय प्राचार्य सुरेश सेनी, कर्मबीर तहलान, कविता, समीर, खुशबू और प्रिया उपस्थित रहे।
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