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शराब पीने के आदी बेटे ने किया माता-पिता पर चाकू हमला

Fri, 23 Sep 2022 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2022 12:33 AM IST
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A son addicted to alcohol attacked his parents with a knife
रोहतक। पितृ पक्ष में एक तरफ लोग अपने पूर्वजों की आत्म की शांति के लिए श्राद्ध कर रहे हैं, दूसरी तरफ ऐसे लोग भी हैं जो जिंदा पितरा यानी अपने माता-पिता का सम्मान नहीं करते। आलम यह है कि अकेले रोहतक शहर में 55 बुजुर्ग अपना हक लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, बुधवार को लाखनमाजरा खंड के एक गांव में एक युवक ने अपने माता-पिता पर चाकू से हमला कर दिया। मजबूर होकर पिता ने थाने में बेटे के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बुजुर्ग पिता ने शिकायत दी है कि उसके दो बेटे हैं। दोनों शादीशुदा हैं। छोटा बेटा शराब पीने का आदी है। शराब पीने से परेशान होकर उसका परिवार रोहतक शहर में रहने लगा। बुधवार रात 1 बजकर 40 मिनट पर बेटा घर पर आया। आते ही गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। साथ ही में हाथ में लिए सब्जी काटने वाले चाकू से गर्दन पर वार कर दिया। उसने शोर मचाया तो पत्नी आई और उसे छुड़वाया। इसके बाद आरोपी बेटे ने अपनी मां पर भी चाकू से हमला किया। उसके हाथ व गले पर चोट आई। आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चला गया। बुजुर्ग को दो व उसकी पत्नी को तीन जगह चोट आई है। लाखनमाजरा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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55 बुजुर्ग पहुंचे कोर्ट, मांग रहे अपना हक
उधर, रोहतक शहर के अंदर 55 बुजुर्ग ऐसे हैं, जो अपनों से अपना हक लेने के लिए एसडीएम कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। किसी ने प्रॉपर्टी मिलने के बाद माता-पिता को घर से बेघर कर दिया, तो कोई देखभाल नहीं कर रहा है। ऐसे में कानूनी तरीके से बुजुर्ग अपना हक वापस लेने के लिए अदालत में लड़ाई लड़ रहे हैं।
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वर्जन-
हर रोज 20 से 25 बुजुर्ग कर रहे एनजीओ को कॉल
शहर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है। किसी के बेटा व बेटी बाहर नौकरी करते हैं तो कोई विदेश चला गया है। पीछे से बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उनको मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के लिए एनजीओ चलाता हूं। हर रोज 20 से 25 बुजुर्ग अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस बुलाने के लिए कॉल करते हैं।

- सुमित भ्याना, संचालक आरएसडीबीएम ट्रस्ट
अगर किसी बुजुर्ग को परेशानी है तो वह एसडीएम कार्यालय में आकर सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत शिकायत दे सकता है। उसकी शिकायत पर एसडीएम कोर्ट में केस चलाया जाता है। अब भी 55 से ज्यादा केस चल रहे हैं। जिला समाज कल्याण विभाग केसों की जांच करता है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कानून के तहत निर्णय सुनाया जाता है।
- राकेश कुमार, एसडीएम रोहतक
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