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Rohtak News: 1857 की क्रांति के गुमनाम नायक उदमी राम के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन 10 और 11 को
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सुपवा में आयोजित नाटक में प्रस्तुति देते कलाकार । विज्ञप्ति
रोहतक। पीएलसी सुपवा में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों में से एक उदमी राम के जीवन और चरित्र पर आधारित नाटक की स्क्रीनिंग की तैयारी चल रही है। स्क्रीनिंग 10 और 11 मई को विश्वविद्यालय के मिनी सभागार में होगी।
उदमी राम सोनीपत जिले के लिबासपुर गांव के बहादुर नौजवान थे। जब उन्होंने गांव के अपने साथी लोगों को अंग्रेजों के गंभीर अत्याचारों का शिकार होते देखा, तो उन्होंने किसानों के एक प्रेरित समूह को संगठित किया और ब्रिटिश सैनिकों पर व्यवस्थित हमला किया। वह आखिरकार पकड़ा गया और अंग्रेज़ों ने उसे फांसी दे दी। उन्होंने अपनी मातृभूमि और उसके लोगों के सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी कहानी देश के लिए वीरता और प्रेम की एक गौरवशाली गाथा है।
कुलपति गजेंद्र चौहान हरियाणा के भूले-बिसरे नायकों पर एक नाटक का आयोजन करना चाहते थे। आजादी के लिए अपने प्राण कुर्बान करने वाले महान सपूत को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किया जा रहा है। यह 80 मिनट का नाटक, फिल्म और टीवी संकाय में अभिनय के प्रोफेसर विभांशु वैभव की ओर से लिखित और निर्देशित है। शाम 6 बजे से आम जनता भी विश्वविद्यालय आकर यह नाटक देख सकती है।
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उदमी राम सोनीपत जिले के लिबासपुर गांव के बहादुर नौजवान थे। जब उन्होंने गांव के अपने साथी लोगों को अंग्रेजों के गंभीर अत्याचारों का शिकार होते देखा, तो उन्होंने किसानों के एक प्रेरित समूह को संगठित किया और ब्रिटिश सैनिकों पर व्यवस्थित हमला किया। वह आखिरकार पकड़ा गया और अंग्रेज़ों ने उसे फांसी दे दी। उन्होंने अपनी मातृभूमि और उसके लोगों के सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनकी कहानी देश के लिए वीरता और प्रेम की एक गौरवशाली गाथा है।
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कुलपति गजेंद्र चौहान हरियाणा के भूले-बिसरे नायकों पर एक नाटक का आयोजन करना चाहते थे। आजादी के लिए अपने प्राण कुर्बान करने वाले महान सपूत को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किया जा रहा है। यह 80 मिनट का नाटक, फिल्म और टीवी संकाय में अभिनय के प्रोफेसर विभांशु वैभव की ओर से लिखित और निर्देशित है। शाम 6 बजे से आम जनता भी विश्वविद्यालय आकर यह नाटक देख सकती है।
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