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Rohtak News: स्कूल की छुट्टी के बाद खतरे का सफर
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स्कूल की छुट्टी होते ही एक मोटरसाइकिल पर तीन विद्यार्थियों को बैठाकर घर ले जाता अभिभावक। संवाद
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सौरभ जायसवाल
रेवाड़ी। स्कूलों की छुट्टी की घंटी बजते ही विद्यार्थियों के सुरक्षित घर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। दोपहर में स्कूलों के बाहर और मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा की संख्या बढ़ते ही यातायात नियमों की अनदेखी साफ दिखाई देती है। अधिक सवारियां बैठाने की होड़ में कई ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा बच्चे ठूंस दिए जाते हैं। सीटें भरने के बाद बच्चों को खड़ा कर दिया जाता है और जगह न बचने पर वे पीछे लटककर सफर करते नजर आते हैं। तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाने और अचानक ब्रेक लगने जैसी स्थिति में गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, दोपहिया वाहनों पर भी चालक के अलावा दो या उससे अधिक बच्चों के बैठने के मामले सामने आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्कूल छुट्टी के समय विशेष जांच अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत है।
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वर्जन :
स्कूलों की छुट्टी के समय विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ओवरलोड ई-रिक्शा में विद्यार्थियों को ले जाने की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग से नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले वाहनों का प्रयोग न करें।
-दुष्यंत सिंह, बीईओ रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। स्कूलों की छुट्टी की घंटी बजते ही विद्यार्थियों के सुरक्षित घर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। दोपहर में स्कूलों के बाहर और मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा की संख्या बढ़ते ही यातायात नियमों की अनदेखी साफ दिखाई देती है। अधिक सवारियां बैठाने की होड़ में कई ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा बच्चे ठूंस दिए जाते हैं। सीटें भरने के बाद बच्चों को खड़ा कर दिया जाता है और जगह न बचने पर वे पीछे लटककर सफर करते नजर आते हैं। तेज गति, गलत दिशा में वाहन चलाने और अचानक ब्रेक लगने जैसी स्थिति में गंभीर हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं, दोपहिया वाहनों पर भी चालक के अलावा दो या उससे अधिक बच्चों के बैठने के मामले सामने आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्कूल छुट्टी के समय विशेष जांच अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत है।
वर्जन :
स्कूलों की छुट्टी के समय विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ओवरलोड ई-रिक्शा में विद्यार्थियों को ले जाने की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग से नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाले वाहनों का प्रयोग न करें।
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-दुष्यंत सिंह, बीईओ रेवाड़ी।

स्कूल की छुट्टी होते ही एक मोटरसाइकिल पर तीन विद्यार्थियों को बैठाकर घर ले जाता अभिभावक। संवाद
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