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Rohtak News: नैन फाउंडेशन का पूर्व कर्मी बोला- कोई और खा गया कुत्तों के हिस्से के अंडे

Mon, 19 Jan 2026 02:29 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:29 AM IST
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A former employee of the Nain Foundation said, "Someone else ate the eggs meant for the dogs."
रोहतक। जेल रोड पर 13 जनवरी को मृत मिले 29 कुत्तों के मामले में पुलिस व प्रशासनिक जांच के बीच सोशल मीडिया पर एक युवक सामने आया है। जो खुद को नैन फाउंडेशन का पूर्व कर्मी बता रहा है और आरोप लगाए हैं कि फाउंडेशन के एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में कुत्तों को अंडे नहीं खिलाए जाते थे बल्कि काेई और खाता था।
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उन्होंने फाउंडेशन पर उनका वेतन नहीं देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने जान का खतरा भी बताया है और दावा किया है कि सेंटर में कुत्तों की मौत होने पर सतप्रकाश के कहने पर जोगेंद्र व साबिर उन्हें रात को लगभग साढ़े 11 बजे तक बाहर डालने के लिए ले जाते थे।
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करीब 15 मृत कुत्तों को फेंका गया है। कुत्तों के साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जाता। कुत्तों को अंडे व सोयाबीन की बजाय चावल खिलाते थे।
वहीं कुत्तों की मौत की वास्तविक वजह को लेकर अब पुलिस की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। 13 जनवरी को जेल रोड पर 29 कुत्ते मृत अवस्था में मिले थे। इसके बाद निगम व पुलिस ने मौका मुआयना किया और पशु चिकित्सकों की टीम से पोस्टमार्टम करा शवों को मिटटी में दबा दिया था।
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इस मामले में शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने पशु प्रेमी अरविंद वर्मा की शिकायत पर नैन फाउंडेशन के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया हुआ है। निगम की ओर से नैन फाउंडेशन को जुलाई 2025 में दिया गया ठेका इस साल जून 2026 में पूरा होगा। निगम की ओर से फाउंडेशन को प्रति कुत्ता बधियाकरण के लिए 1150 रुपये दिए जाते हैं।
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कुत्तों को बिना ट्रेनिंग पकड़ा
युवक ने आरोप लगाया है कि नैन फाउंडेशन की ओर से कुत्तों को पकड़ने के लिए किसी प्रकार की ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। जहां से कुत्तों को बधियाकरण के लिए पकड़ा जाता है, उनको उसी जगह पर छोड़ना भी होता है। इस दौरान मौके पर लोगों से बातचीत भी करनी होती है लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

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आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। युवक ने केवल साढ़े तीन दिन कार्य किया है। उसे नौकरी से निकाला भी नहीं है। -सतप्रकाश, नैन फाउंडेशन के संचालक ।
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कमेटी ने जांच पड़ताल कर ली है जिसकी रिपार्ट तैयार की जा रही है। मंगलवार को निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। -आशीष कुमार, एसडीएम, रोहतक।
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