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25 आदमियों पर एक फूड सेफ्टी सुपरवाइजर अनिवार्य ः सागर

Mon, 09 Dec 2019 01:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 01:45 AM IST
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A food safety supervisor compulsory for 25 men
फूड बिजनेस से जुडे़ व्यवसाय वालों के लिए जरूरी है कि उनके पास खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण सर्टिफिकेट हो। यदि मालिक सहित 25 आदमियों का स्टाफ है तो एक व्यक्ति को फूड सेफ्टी सुपरवाइजर नियुक्त करना अनिवार्य होता है। इस व्यक्ति के पास खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण अनिवार्य होता है, यदि ऐसा नहीं है तो संबंधित व्यवसायी का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। एक्ट के अनुसार व्यवसायी को जुर्माना और जेल दोनों हो सकती हैं। यह जानकारी दिल्ली से आए फूड सेफ्टी ट्रेनर एवं असिस्टेंट मैनेजर सागर सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में दी। वे रविवार को फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया के निर्देशानुसार फोस्टेक योजना के तहत रोहतक में प्रशिक्षण देने पहुंचे थे। इस दौरान 47 लोगों ने प्रशिक्षण लिया।
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उन्होंने बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ को चार बडे़ खतरे होते हैं, जो किसी भी व्यक्ति की सेहत को बिगाड़ सकते हैं। यदि लापरवाही अधिक हो तो व्यक्ति की जान तक जा सकती है। इस समस्या से बचाने के लिए फूड सेफ्टी ट्रेनिंग ऐंड सर्टिफिकेशन (फोस्टेक) कोर्स कराया जाता है। इसमें जरूरी है कि व्यवसायी स्वयं यह कोर्स करें या अपने किसी स्टाफ को यह कोर्स कराए। यह कोर्स खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाले, कैटरिंग, ट्रांसपोर्टर, रिटेलर, डिस्ट्रिब्यूटर के लिए अनिवार्य है। इसमें पहला कोर्स बेसिक है, जोकि तीन से चार घंटे का है। दूसरा एडवांस कोर्स है जोकि आठ घंटे का है। इसके बाद तीसरा स्पेशल कोर्स है जोकि 12 से 16 घंटे में होता है। यह मीट, मिल्क, वाटर मैन्यूफैक्चरर के लिए होता है। 12 लाख से कम का बिजनेस करने वाले को बेसिक कोर्स अनिवार्य होता है। इसका एफएसएसएआई पंजीकरण करता है। दूसरे 12 लाखा से 20 करोड़ तक का बिजनेस करने वाले को स्टेट लाइसेंस देती है, इनके लिए एडवांस कोर्स अनिवार्य है। तीसरा 20 करोड़ से अधिक का बिजनेस करने वाले हैं, इसका लाइसेंस सेंटर से जारी होता है। फिलहाल जिले में बेसिक कोर्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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एक्सपर्ट ने बताए फूड सेफ्टी के चार बडे़ खतरे
फिजिकल : इन्हें देखा जा सकता है और छू भी सकते हैं। इसमें खाद्य पदार्थ में किसी चीज का गिरा मिलना है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसमें बाल, कोई तार-पिन या कोई अन्य चीज।
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केमिकल : खाद्य पदार्थ में रसायन मिल हुआ होता है। इसे जांच के बाद बताया जा सकता है। इसमें क्लीनिंग केमिकल, प्रिंटिंग केमिकल, लुब्रीकेंट, मशीनों का तेल, प्रेस्टिसाइड को शामिल किया गया है। कई बार ध्यान न देने के कारण इनकी मात्रा खाद्य पदार्थ में मिल जाती है।
माइक्रो बायोलॉजिकल : इसमें बैक्टीरिया, वायरस, फंगस आदि खाद्य पदार्थ में मिलते हैं। यह खुले में रखने या उचित पैकिंग न होने व सही तापमान में न रखने के कारण यह समस्या खाद्य पदार्थ में आ जाती है।
एलरजैन : इसमें एलर्जी करने वाले प्रोटीन होते हैं। कुछ व्यक्तियों को किन्ही चीजों से एलर्जी होती है। जैसे ही व्यक्ति इन चीजों को खाता है, उसे समस्या शुरू हो जाती है। कुछ केस में तो संक्रमण के चलते मौत तक हो जाती है। इसमें गेहूं में मिलने वाला ग्लूटन, अंडे में मिलने वाला एलब्यूमिन व सोयाबीन में मिलने वाला प्रोटीन शामिल है।
इन बातों का ध्यान रखना जरूरी
- जहां खाद्य पदार्थ बन रहा है, पैक हो रहा, स्टाक किया जा रहा है, भेजा जा रहा है या सर्व किया जा रहा है, वहां सफाई जरूरी है। हवा में बैक्टीरिया अपने आप खाद्य पदार्थ को दूषित कर देते हैं। इसलिए इन सभी स्थानों पर व आसपास सफाई जरूरी है।

- खाद्य पदार्थ खेत से लेकर खाने की टेबल पर निवाला बनने तक सभी को सफाई को ध्यान में रखना होगा।
- स्टोर का ले आउट किसी रसायनिक इंडस्ट्री के पास नहीं होना चाहिए।
- साल में एक बार काम करने वाले कर्मचारियों का हेल्थ चैकअप अनिवार्य, ताकि उनकी बीमारी खाद्य पदार्थ में न मिले।
- खाद्य पदार्थ रखने के लिए 316 स्टेनलेस स्टील का प्रयोग करें और जमीन पर रखने की बजाए प्लास्टिक पर रखें।
708 रुपये फीस देकर करा सकते हैं कोर्स के लिए पंजीकरण
फूड ऐंड ड्रग विभाग के डेजिग्नेटिड अधिकारी पृथ्वी सिंह व सुनील राठी ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद सभी को सर्टिफिकेट दिया गया है। खाद्य पदार्थ निर्माता व विक्रेता कार्यालय में इस कोर्स के लिए अपना पंजीकरण करवाकर अपनी प्रशिक्षण की तिथि ले सकता है। इसके लिए आवेदक को 708 रुपये देने होंगे। इसमें उम्मीदवार को एफएसएसएआई की ओर से हैड मास्क, एप्रेन, माउथ मास्क, डायरी, स्टडी मैटेरियल दिया जाता है। शुरुआत में इसमें हलवाई व खाद्य कारोबारियों को जोड़ा जाएगा बाद में इसका दायरा बढ़ा कर मिड डे मिल, गुरुद्वारों में लंगर तैयार करने वालों को भी शामिल किया जाएगा।
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