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मुआवजा न मिलने पर डीसी से मिले किसान
Rohtak
Updated Fri, 22 Nov 2013 05:46 AM IST
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रोहतक। अत्यधिक बारिश से खराब हुई गेहूं के फसल के मुआवजे को लेकर कान्ही और धामड़ के ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मुआवजे की मंाग की। किसानों ने कहा कि उनके गांव में 11 नवंबर को मुआवजा बांटा गया था, परंतु उन्हें मुआवजा नहीं मिला। किसानों ने गिरदावरी करने वाले पटवारी पर भी भेदभाव के आरोप लगाए। उपायुक्त ने इस बारे में आश्वासन दिया कि इस बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
वीरवार को गांव कान्ही व धामड़ के काफी संख्या में ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त से मिले। ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि पिछले दिनों अत्यधिक बारिश होने की वजह से उनकी फसल खराब हो गई थी। उस वक्त गांव धामड़ में फसल की गिरदावरी पटवारी विजय राठी ने की थी। पटवारी ने गिरदावरी करने में भेदभाव बरता है। यहां तक कि जिन किसानों की फसल खराब नहीं हुई थी उन्हें तो मुआवजा दिलवा दिया गया है, परंतु जिन किसानों की फसल खराब हुई थी उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीण दलेल सिंह, रणबीर सिंह, राज सिंह और नरेंद्र ने बताया कि उन्हें खराब फसल का मुआवजा दिया जाए और गलत तरीके से गिरदावरी करने वाले पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। इसी तरह गांव कान्ही के फतेह, राजपाल, मोन्हा और मुंशीराम आदि ने बताया कि 11 नवंबर को गांव में मुआवजा बांटा गया था, परंतु उनकी खराब फसल होने के बावजूद भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
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वीरवार को गांव कान्ही व धामड़ के काफी संख्या में ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त से मिले। ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि पिछले दिनों अत्यधिक बारिश होने की वजह से उनकी फसल खराब हो गई थी। उस वक्त गांव धामड़ में फसल की गिरदावरी पटवारी विजय राठी ने की थी। पटवारी ने गिरदावरी करने में भेदभाव बरता है। यहां तक कि जिन किसानों की फसल खराब नहीं हुई थी उन्हें तो मुआवजा दिलवा दिया गया है, परंतु जिन किसानों की फसल खराब हुई थी उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीण दलेल सिंह, रणबीर सिंह, राज सिंह और नरेंद्र ने बताया कि उन्हें खराब फसल का मुआवजा दिया जाए और गलत तरीके से गिरदावरी करने वाले पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। इसी तरह गांव कान्ही के फतेह, राजपाल, मोन्हा और मुंशीराम आदि ने बताया कि 11 नवंबर को गांव में मुआवजा बांटा गया था, परंतु उनकी खराब फसल होने के बावजूद भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
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