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अब पात्रता अध्यापकों ने दी आंदोलन की धमकी
Rohtak
Updated Mon, 07 Oct 2013 05:41 AM IST
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रोहतक। अनुबंध पर सेवानिवृत्त अध्यापकों की भर्ती करने की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल की घोषणा के बाद इसे लेकर प्रदेश के पात्र अध्यापकों में गहरा रोष है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय के विरोध में पात्र अध्यापक संघ ने 13 अक्तूबर को छोटूराम धर्मशाला में एक प्रदेशस्तरीय बैठक बुलाई है।
यह निर्णय रविवार को छोटूराम पार्क में पात्र अध्यापक संघ की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार अनुबंध पर रिटायर्ड टीचर्स को भर्ती करके उनके साथ अन्याय करेगी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि प्रदेश में अस्थायी की बजाय स्थायी भर्ती की जाए। अस्थायी भर्ती करनी भी है तो पात्रता परीक्षा पास करने वाले बेरोजगार युवाओं को मौका मिले। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पात्र अध्यापक संघ भुक्कल से मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने इस निर्णय को वापिस नहीं लिया तो वे जनआंदोलन चलाएंगे।
महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने कहा कि 2008 से लेकर अब तक 5 बार पात्रता परीक्षा आयोजित करवाई जा चुकी है। प्रदेश में इस समय सवा लाख बेरोजगार पात्र अध्यापक स्कूलों में अध्यापक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में 50 हजार अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन सरकार नियमित भर्ती को लेकर गंभीर नहीं है। पीजीटी और पीआरटी की भर्ती में पात्र अध्यापकों के साथ-साथ चार वर्ष के अनुभव वाले शिक्षकों व अतिथि अध्यापकों को शामिल करके पात्र अध्यापकों के हकों पर कुठाराघात किया है। गौरतलब है कि गेस्ट टीचर्स भी उन्हें स्थायी करने के लिए आंदोलन पर डटे हुए हैं।
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यह निर्णय रविवार को छोटूराम पार्क में पात्र अध्यापक संघ की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार अनुबंध पर रिटायर्ड टीचर्स को भर्ती करके उनके साथ अन्याय करेगी। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश हैं कि प्रदेश में अस्थायी की बजाय स्थायी भर्ती की जाए। अस्थायी भर्ती करनी भी है तो पात्रता परीक्षा पास करने वाले बेरोजगार युवाओं को मौका मिले। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पात्र अध्यापक संघ भुक्कल से मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने इस निर्णय को वापिस नहीं लिया तो वे जनआंदोलन चलाएंगे।
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महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना सुहासिनी ने कहा कि 2008 से लेकर अब तक 5 बार पात्रता परीक्षा आयोजित करवाई जा चुकी है। प्रदेश में इस समय सवा लाख बेरोजगार पात्र अध्यापक स्कूलों में अध्यापक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में 50 हजार अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन सरकार नियमित भर्ती को लेकर गंभीर नहीं है। पीजीटी और पीआरटी की भर्ती में पात्र अध्यापकों के साथ-साथ चार वर्ष के अनुभव वाले शिक्षकों व अतिथि अध्यापकों को शामिल करके पात्र अध्यापकों के हकों पर कुठाराघात किया है। गौरतलब है कि गेस्ट टीचर्स भी उन्हें स्थायी करने के लिए आंदोलन पर डटे हुए हैं।
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