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आंगनबाड़ी वर्करों का शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन
Rohtak
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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झज्जर। अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के निवास पर रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और राज्य सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी नायब तहसीलदार संकल्प कुमार के माध्यम से शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल शिक्षा मंत्री के निवास पर तैनात था। डीएसपी सुुखबीर फोगाट, थाना प्रभारी सोमबीर स्वंय सुरक्षा की जिम्मेवारी संभाले रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शिक्षा मंत्री के निवास से पहले ही बेरिकेटस लगाकर रोक दिया और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। इससे पूर्व राज्य भर से आईं आंगनबाड़ी वर्कर स्थानीय इनेलो कार्यालय में एकत्रित हुई और प्रदर्शन को लेकर मंथन किया। बाद में आंगनबाड़ी वर्कर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुई शिक्षा मंत्री के निवास पर पहुंची हालांकि आंगनबाड़ी वर्करों ने शांति से प्रदर्शन करने की बात कही, फिर भी शिक्षा मंत्री के निवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष बिमला नेन ने कहा कि यूनियन ने अपना मांग पत्र 9 नवंबर को पंचकूला में निदेशक महिला व बाल विकास हरियाणा को दिया था। आज उन्हीं मांगों को प्रत्यक्ष रूप से विभागीय मंत्री को अवगत करवाने के लिए और आंगनबाड़ी वर्करों से हो रहे भेदभाव से अवगत करवाने के लिए शिक्षा मंत्री के निवास पर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। तब तक कार्यकर्ताओं को 15000 रुपये और सहायिकाओं को 7500 रुपये मासिक मानदेय भत्ता दिया जाए। उन्होंने रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष किए जाने, सरकारी कर्मचारियों के समान छुट्टियां देने व प्रसूति अवकाश देने, टीए-डीए देने और ग्रैच्युटी व जीवन बीमा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आगामी चुनाव में सरकार का बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन की प्रदेश महासचिव पुष्पा दलाल ने आंगनबाड़ी कर्मियों के उत्पीड़न व उनसे गैर आंगनबाड़ी कार्य कराने व पोषाहार अच्छी क्वालिटी का ना देने पर भी रोष जताया।
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इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल शिक्षा मंत्री के निवास पर तैनात था। डीएसपी सुुखबीर फोगाट, थाना प्रभारी सोमबीर स्वंय सुरक्षा की जिम्मेवारी संभाले रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शिक्षा मंत्री के निवास से पहले ही बेरिकेटस लगाकर रोक दिया और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। इससे पूर्व राज्य भर से आईं आंगनबाड़ी वर्कर स्थानीय इनेलो कार्यालय में एकत्रित हुई और प्रदर्शन को लेकर मंथन किया। बाद में आंगनबाड़ी वर्कर जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुई शिक्षा मंत्री के निवास पर पहुंची हालांकि आंगनबाड़ी वर्करों ने शांति से प्रदर्शन करने की बात कही, फिर भी शिक्षा मंत्री के निवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन की प्रदेश अध्यक्ष बिमला नेन ने कहा कि यूनियन ने अपना मांग पत्र 9 नवंबर को पंचकूला में निदेशक महिला व बाल विकास हरियाणा को दिया था। आज उन्हीं मांगों को प्रत्यक्ष रूप से विभागीय मंत्री को अवगत करवाने के लिए और आंगनबाड़ी वर्करों से हो रहे भेदभाव से अवगत करवाने के लिए शिक्षा मंत्री के निवास पर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। तब तक कार्यकर्ताओं को 15000 रुपये और सहायिकाओं को 7500 रुपये मासिक मानदेय भत्ता दिया जाए। उन्होंने रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष किए जाने, सरकारी कर्मचारियों के समान छुट्टियां देने व प्रसूति अवकाश देने, टीए-डीए देने और ग्रैच्युटी व जीवन बीमा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आगामी चुनाव में सरकार का बहिष्कार किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन की प्रदेश महासचिव पुष्पा दलाल ने आंगनबाड़ी कर्मियों के उत्पीड़न व उनसे गैर आंगनबाड़ी कार्य कराने व पोषाहार अच्छी क्वालिटी का ना देने पर भी रोष जताया।
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