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दो मोबाइल कंपनियों के टावर सील
Rohtak
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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नारनौल। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित फीस जमा कराए बिना चल रहे दूरसंचार टावरों पर कार्रर्वाई करते हुए रविवार को दौंगड़ा अहीर में दो मोबाइल कंपनियों के टावर सील किए गए। इन कंपनियों ने चेतावनी के बावजूद भी फीस जमा नहीं कराई र्गई थी।
उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने बताया किपिछले सप्ताह जिलेके ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे दूरसंचार टावर संचालकों को निर्धारित फीस जमा करानेके लिए आगाह किया गया था। इसके बावजूद गांव दोंगड़ा अहीर स्थित दो मोबाइल कंपनियों ने ने फीस जमा नहीं कर्राई। फीस जमा न कराने पर प्रशासन ने इन दोनों कंपनियोंके टावरों को सील किया है। दोनों कपंनियों को इसकी सूचना भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि गांवों में दूरसंचार कंपनी को टावर स्थापित करने के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त फीस देनी होती है। इसमें से 75 हजार ग्राम पंचायत के खाते में जाती है। इसके अलावा हर वर्ष 10 हजार रुपये देने होते हैं। उन्होंने बताया कि फीस जमा न कराने वाले दूरसंचार टावरों का पता लगानेके लिए प्रशासन की ओर से जिले के सभी गांवों में एक सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में ऐसे टावर चल रहे हैं उन कंपनियों को जिला परिषद नारनौल में निर्धारित फीस जमा करवानी होगी। ऐसा नहीं करने पर टावरों को पहले सील किया जाएगा तथा बाद में अन्य कार्रवाई भी की जा सकती हैं। इस मौके पर एबीपीओ हेतराम, सरपंच दलीप सिंह, ग्राम सचिव अनुराग पूनिया और रतिराम चौकीदार मौजूद रहे।
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उपायुक्त डा. साकेत कुमार ने बताया किपिछले सप्ताह जिलेके ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे दूरसंचार टावर संचालकों को निर्धारित फीस जमा करानेके लिए आगाह किया गया था। इसके बावजूद गांव दोंगड़ा अहीर स्थित दो मोबाइल कंपनियों ने ने फीस जमा नहीं कर्राई। फीस जमा न कराने पर प्रशासन ने इन दोनों कंपनियोंके टावरों को सील किया है। दोनों कपंनियों को इसकी सूचना भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि गांवों में दूरसंचार कंपनी को टावर स्थापित करने के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त फीस देनी होती है। इसमें से 75 हजार ग्राम पंचायत के खाते में जाती है। इसके अलावा हर वर्ष 10 हजार रुपये देने होते हैं। उन्होंने बताया कि फीस जमा न कराने वाले दूरसंचार टावरों का पता लगानेके लिए प्रशासन की ओर से जिले के सभी गांवों में एक सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में ऐसे टावर चल रहे हैं उन कंपनियों को जिला परिषद नारनौल में निर्धारित फीस जमा करवानी होगी। ऐसा नहीं करने पर टावरों को पहले सील किया जाएगा तथा बाद में अन्य कार्रवाई भी की जा सकती हैं। इस मौके पर एबीपीओ हेतराम, सरपंच दलीप सिंह, ग्राम सचिव अनुराग पूनिया और रतिराम चौकीदार मौजूद रहे।
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