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वेतन के लिए सड़क पर उतरे कंप्यूटर अध्यापक
Rohtak
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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रोहतक। कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायकों ने शहर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और विधायक के निवास पर पहुंचकर इस बारे में ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है।
तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में प्रदेश भर से कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। मानसरोवर पार्क में संबोधित करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत ने कहा कि हरियाणा सरकार कंप्यूटर अध्यापकों और लैब सहायकों को प्राइवेट कंपनी के माध्यम से वेतन देकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन तक नहीं मिल रहा है। जो वेतन मिलता है वह मजदूर से भी की है। उन्हें 120 रुपये के हिसाब से प्राइवेट कंपनियां भुगतान कर रही है। उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश श्रम विभाग द्वारा निर्देशानुसार वेतन का भुगतान चेक द्वारा या बैंकों के माध्यम से कराया जाना चाहिए। सुरेंद्र ने कहा कि एक तरह से अध्यापकों और लैब सहायकों का शोषण किया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटे बैठक के बाद कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक विधायक के निवास स्थान पर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
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तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में प्रदेश भर से कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। मानसरोवर पार्क में संबोधित करते हुए संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत ने कहा कि हरियाणा सरकार कंप्यूटर अध्यापकों और लैब सहायकों को प्राइवेट कंपनी के माध्यम से वेतन देकर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले छह माह से उन्हें वेतन तक नहीं मिल रहा है। जो वेतन मिलता है वह मजदूर से भी की है। उन्हें 120 रुपये के हिसाब से प्राइवेट कंपनियां भुगतान कर रही है। उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश श्रम विभाग द्वारा निर्देशानुसार वेतन का भुगतान चेक द्वारा या बैंकों के माध्यम से कराया जाना चाहिए। सुरेंद्र ने कहा कि एक तरह से अध्यापकों और लैब सहायकों का शोषण किया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटे बैठक के बाद कंप्यूटर अध्यापक और लैब सहायक विधायक के निवास स्थान पर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
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