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कॉलेज समस्याओं के समाधान को लेकर एसएफआई ने किया कक्षाओं का बहिष्कार

Sat, 24 Feb 2018 03:28 AM IST
Updated Sat, 24 Feb 2018 03:28 AM IST
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कॉलेज समस्याओं के समाधान को लेकर एसएफआई ने किया कक्षाओं का बहिष्कार
फोटो समेत
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एएनएम, जीएनएम व अन्य विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर एमडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की राज्य कमेटी के आह्वान पर नेकीराम शर्मा, महिला महाविद्यालय व एएनएम जीएनएम ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज समस्याओं के समाधान को लेकर विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर रोष प्रकट किया। समस्याओं के समाधान के लिए सड़क पर विरोध प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
शुक्रवार सुबह पंडित नेकीराम के एसएफआई सदस्यों ने कॉलेज में हड़ताल के पर्चे बांटे। इसके बाद हड़ताल कर विद्यार्थी सड़क पर प्रदर्शन करते हुए डीसी ऑफिस पहुंचे। यहां राजकीय महिला महाविद्यालय व एएनएम जीएनएम के विद्यार्थी भी पहुंचे। विद्यार्थियों ने साझा प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों के लिए विरोध जताया। मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के नाम एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हड़ताल करना विद्यार्थियों का शौक नहीं है। ऐसा कदम मजबूरी में उठाना पड़ता है। सरकार विद्यार्थियों हितों का ध्यान रखे व उनकी सुनवाई करे तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होगी।
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एसएफआई जिला सचिव प्रवीण ने कहा कि सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन व्यवहार में सबसे अधिक तंग उन्हें ही किया जा रहा है। एएनएम जीएनएम की परीक्षा तक नहीं कराई जा रही है। साढे़ तीन साल के कोर्स को पांच साल हो चुके हैं। इसके बावजूद कोर्स पूरा नहीं हो रहा है। यही हाल परिवहन सेवा का है। अब तक रूटों पर सरकारी बसों का प्रबंध नहीं हुआ है। इस कारण विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्राइवेट बसों में बस पास लागू होने के बाद भी मान्य नहीं है। इस कारण अनेक छात्राओं को पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। इन मुद्दों को लेकर एसएफआई ने प्रदेश के कॉलेजों में सात मुख्य मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया था।
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जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं करेगी तो एसएफआई मार्च में बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन चलाएगी। उन्होने कहा कि सभी समस्याओं की जड़ शिक्षा बजट में कमी है। इसलिए बजट का 30 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च किया जाए। इस मौके पर प्रवीण, गुरदीप, गौरव, नीतिका, दीपिका, अनुप्रिया, मनित, आशीष, मिनाक्षी, राखी, मोनिका, सविता, प्रशांत, आशीष, पंकज मौजूद रहे।

ये हैं मुख्य मांगें
- एससी बीसी व आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का तुरंत भुगतान किया जाए। सभी प्रकार की छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाई जाए।
- सभी ग्रामीण रूटों पर सरकारी बसों का प्रबंध किया जाए। प्राईवेट बसों में भी बस पास को सख्ती से लागू कराया जाए।
- प्रदेश में छात्राओं की तरह छात्रों के लिए फ्री बस पास की सुविधा लागू हो।
- खाली पदों पर स्थायी भर्ती की जाए। बेरोजगारों को बिना शर्त बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
- शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छेड़खानी, गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए। सभी संस्थानों में यौन उत्पीड़न विरोधी कमेटी गठित की जाएं।
एएनएम, जीएनएम की मुख्य मांगें
- एएनएम -जीएनएम कोर्स की सभी वर्षों की परीक्षाओं की डेट शीट जल्द जारी करते हुए कोर्स पूरा कराया जाए। - वर्ष 2013 व उसके बाद की सभी री-अपीयर परीक्षाएं नियमित कोर्स के साथ जल्द करवाई जाए।
- सभी परीक्षाओं की मार्क शीट तुरंत प्रभाव से जारी की जाए।
- एएनएम -जीएनएम कोर्स संचालित करने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
- सभी परीक्षा परिणाम जारी किए जाएं।
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