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Rohtak News: कपास की 90 और बाजरे की 50 फीसदी फसल नष्ट होने की आशंका
Tue, 02 Sep 2025 02:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 02 Sep 2025 02:01 AM IST
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फोटो संख्या:76- खेत में पड़े सिरटों में शुरू हुई जमवार--स्रोत- ग्रामीण
- फोटो : leh news
महेंद्रगढ़। लगातार हो रही बारिश से कपास की 90 तो बाजरे की 50 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका किसानों ने जताई है। महेंद्रगढ़ जिले में अभी क्षतिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया है जिससे किसान क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने प्रशासन और सरकार से जिले में क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने की मांग की है।
महेंद्रगढ़ जिले में इस बार बरसाती सीजन में सामान्य से 112 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। एक जून से एक सितंबर तक जिले में इस बार कुल 718 एमएम बारिश हुई है जबकि सामान्य बारिश 338.9 एमएम होती है।
सामान्य से अधिक बारिश के मामले में महेंद्रगढ़ जिला प्रदेशभर में पहले पायदान पर है। वहीं अगस्त माह के दौरान कुल 198 एमएम बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक है जिसके कारण करीब 50 हजार एकड़ में खड़ी कपास व तीन लाख एकड़ में खड़ी बाजरे की फसलों में 50 से 90 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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पहाड़ी क्षेत्र से गांवों में करीब 50 एकड़ फसलों में दो से ढाई फुट पानी जमा होने से कपास व बाजरे की दोनों फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने अभी तक जिले के लिए पोर्टल नहीं खोला है। ऐसे में किसान नुकसान का विवरण दर्ज कर पा रहे हैं। - रामनारायण, किसान गांव जांजड़ियावास
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कपास की फसल पहली चुगाई के लिए तैयार हो चुकी है। बारिश से फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। रूई भीगने से खराब हो चुकी है, टिंडे भी गल चुके हैं। कपास की फसल में तो 80 से 90 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। दो-तीन दिन यह दौर जारी रहा तो पूरी तरह फसल खराब हो जाएगी।- धर्मवीर, निवासी कनीना
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पांच एकड़ में बाजरे की तैयार फसल को खुले मौसम में काटकर सूखने के लिए एकत्रित की थी। बारिश के कारण 50 प्रतिशत बाजरे के सिरटों में जमवार हो चुका है। नमी की अधिकता के चलते फफूंद लगने से गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। बाजरा काला पड़ना शुरू हो गया है।-- - किसान जय सिंह, गांव अगिहार
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- वर्जन:
कपास की फसल में लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। काटी गई फसल में अंकुरण शुरू हो चुका है। 20 से 25 गांवों का दौरा किया जहां पछेती बिजाई है वहां अभी नुकसान कम है। अभी सर्वे का आदेश नहीं आया है। सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल कब खोलेगी, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।-- - डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़
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महेंद्रगढ़ जिले में इस बार बरसाती सीजन में सामान्य से 112 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। एक जून से एक सितंबर तक जिले में इस बार कुल 718 एमएम बारिश हुई है जबकि सामान्य बारिश 338.9 एमएम होती है।
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सामान्य से अधिक बारिश के मामले में महेंद्रगढ़ जिला प्रदेशभर में पहले पायदान पर है। वहीं अगस्त माह के दौरान कुल 198 एमएम बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक है जिसके कारण करीब 50 हजार एकड़ में खड़ी कपास व तीन लाख एकड़ में खड़ी बाजरे की फसलों में 50 से 90 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
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पहाड़ी क्षेत्र से गांवों में करीब 50 एकड़ फसलों में दो से ढाई फुट पानी जमा होने से कपास व बाजरे की दोनों फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने अभी तक जिले के लिए पोर्टल नहीं खोला है। ऐसे में किसान नुकसान का विवरण दर्ज कर पा रहे हैं। - रामनारायण, किसान गांव जांजड़ियावास
कपास की फसल पहली चुगाई के लिए तैयार हो चुकी है। बारिश से फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। रूई भीगने से खराब हो चुकी है, टिंडे भी गल चुके हैं। कपास की फसल में तो 80 से 90 प्रतिशत नुकसान हो चुका है। दो-तीन दिन यह दौर जारी रहा तो पूरी तरह फसल खराब हो जाएगी।- धर्मवीर, निवासी कनीना
पांच एकड़ में बाजरे की तैयार फसल को खुले मौसम में काटकर सूखने के लिए एकत्रित की थी। बारिश के कारण 50 प्रतिशत बाजरे के सिरटों में जमवार हो चुका है। नमी की अधिकता के चलते फफूंद लगने से गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। बाजरा काला पड़ना शुरू हो गया है।
- वर्जन:
कपास की फसल में लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। काटी गई फसल में अंकुरण शुरू हो चुका है। 20 से 25 गांवों का दौरा किया जहां पछेती बिजाई है वहां अभी नुकसान कम है। अभी सर्वे का आदेश नहीं आया है। सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल कब खोलेगी, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।