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जीएसटी: बाजार में पुरानी कीमतों पर बिका सामान
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:59 AM IST
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जीएसटी: पुरानी कीमतों पर बिका सामान
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी
जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स के पहले ही दिन मार्केट वीरान नजर आई। न साफ्टवेयर अपडेट हुए और न ही दुकानदार। जीएसटी से सस्ते हुए सामान का कोई लाभ भी जनता को नहीं मिला। लगभग सभी दुकानदारों ने पुराने कीमतों ही सामान की बिक्री की। अधिकतर दुकानदार सामान बेचने को लेकर असमंजस की स्थिति में रहे। माल मंगवाने के लिए दुकानदार व व्यापारी सिर्फ इंतजार कर रहे है। कुछ दुकानदारों ने जीएसटी में महंगे हुए सामान घी आदि के तो दाम बढ़ा दिए, मगर जीएसटी में सस्ते हुए सामान के दाम नहीं घटाए। वहीं काफी दुकानदारों खासकर कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जानकारी लेकर जीएसटी नंबर के लिए आवेदन किया। अधिकतर दुकानदारों का कहना है कि जीएसटी नए माल पर ही लागू होगा और मार्केट के दुकानदार, व्यापारी अभी नया माल मंगवा ही नहीं रहे।
दो जुलाई को सीजन का बड़ा शादी मुुहूर्त है। इसके बाद नवंबर में ही शादी मुहूर्त है। एक दिन पहले जहां खरीददारों के भीड़ उमड़ने की संभावना थी वहीं जीएसटी के फेर में पहले दिन बाजार सुनसान रहे। मार्केट में पुराने पैटर्न पर खरीद-फरोख्त हुई। कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के लिए आवेदन किया तो बाकी दुकानदार सॉफ्टवेयर अपडेट होने का ही इंतजार करते रहे। कुछ दुकानदार जीएसटी लागू होने के कारण सामान के कोड पूछने के लिए कंपनियों के फोन घनघनाते रहे। कुछ ने खरीद व बिक्री का काम बंद रखा। काफी दुकानदारों ने जीएसटी के अनुसार नई रसीद बुक बनवाने का काम भी शुरू कर दिया है।
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सस्तों का लाभ नहीं, महंगों की मार
जीएसटी में कई आइटम सस्ते हुए तो कई महंगे भी हुए। देसी घी की हालांकि बिक्री न के बराबर हुई, लेकिन कुछ ब्रांड के दामों में तेजी दर्ज की गई। मधु घी का 15 किलो का टीन परसों 6400 रुपये में बिका था, आज दाम 6600 रुपये पर पहुंच गए। बंसल ट्रेडिंग कंपनी के वेदप्रकाश बंसल ने बताया कि मधु घी के दामों में आज तेजी आई, लेकिन वीटा समेत कई ब्रांड के रेट आज नहीं आए। अब सोमवार को स्थिति साफ हो सकेगी। जीएसटी के पहले दिन दुकानदारों ने पुराने दामों पर ही सामान बेचा, मगर जीएसटी में जो सामान महंगा हुआ, उनमें कुछ आइटम के दाम बढ़ा दिए। घी के दाम भी बढ़ाकर बेचा गया। इसके अलावा जीएसटी में टूथपेस्ट, चाय-कॉफी, मसाला, बालों के तेल, जूते आदि सस्ते हुए है, मगर दुकानदारों ने पुराने रेट भी ही यह सामान बेचा।
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कोड पूछकर लगा रहे जीएसटी
सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। फिलहाल जीएसटी लागू करके सामान की बिक्री की जा रही है। कंपनी से कोड पूछकर जीएसटी लगाया जा रहा है। मार्केट बिल्कुल मंदी है।
आनंद बासिया, दुकानदार
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जीएसटी नंबर के लिए आवेदन कर रहे है
कपड़ा व्यापारियों ने तीन दिन हड़ताल कर जीएसटी के सरलीकरण की मांग की। जीएसटी का नंबर तो लेना ही है और आवेदन कर दिया है। अन्य दुकानदार भी आवेदन कर रहे है।
रितेश मित्तल, कपड़ा व्यापारी
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जीएसटी लागू कर दिया है और रसीद बुक बनवा ली है। सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है। फिलहाल तो आज मार्केट बिल्कुल मंदी है।
विजय कुमार, इलेक्ट्रोनिक दुकानदार
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दुकानदारों में जीएसटी को लेकर असमंजस है। अब पांच सौ रुपये वाले सामान पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेेगा। हम चार सौ रुपये का लाकर छह सौ में बेचे तो जीएसटी लगेगा या नहीं। ऐसे सवालों के जवाब किसी के पास नहीं है। अभी साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है और पुराने पैटर्न पर सामान बेचा जा रहा है। दुकानदार नया माल ही नहीं मंगवा रहे सिर्फ स्टॉक में रखा माल ही बेच रहे है।
सुमित गुप्ता, दुकानदार
जूते-चप्पल विक्रेता
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी
जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स के पहले ही दिन मार्केट वीरान नजर आई। न साफ्टवेयर अपडेट हुए और न ही दुकानदार। जीएसटी से सस्ते हुए सामान का कोई लाभ भी जनता को नहीं मिला। लगभग सभी दुकानदारों ने पुराने कीमतों ही सामान की बिक्री की। अधिकतर दुकानदार सामान बेचने को लेकर असमंजस की स्थिति में रहे। माल मंगवाने के लिए दुकानदार व व्यापारी सिर्फ इंतजार कर रहे है। कुछ दुकानदारों ने जीएसटी में महंगे हुए सामान घी आदि के तो दाम बढ़ा दिए, मगर जीएसटी में सस्ते हुए सामान के दाम नहीं घटाए। वहीं काफी दुकानदारों खासकर कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन की जानकारी लेकर जीएसटी नंबर के लिए आवेदन किया। अधिकतर दुकानदारों का कहना है कि जीएसटी नए माल पर ही लागू होगा और मार्केट के दुकानदार, व्यापारी अभी नया माल मंगवा ही नहीं रहे।
दो जुलाई को सीजन का बड़ा शादी मुुहूर्त है। इसके बाद नवंबर में ही शादी मुहूर्त है। एक दिन पहले जहां खरीददारों के भीड़ उमड़ने की संभावना थी वहीं जीएसटी के फेर में पहले दिन बाजार सुनसान रहे। मार्केट में पुराने पैटर्न पर खरीद-फरोख्त हुई। कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के लिए आवेदन किया तो बाकी दुकानदार सॉफ्टवेयर अपडेट होने का ही इंतजार करते रहे। कुछ दुकानदार जीएसटी लागू होने के कारण सामान के कोड पूछने के लिए कंपनियों के फोन घनघनाते रहे। कुछ ने खरीद व बिक्री का काम बंद रखा। काफी दुकानदारों ने जीएसटी के अनुसार नई रसीद बुक बनवाने का काम भी शुरू कर दिया है।
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सस्तों का लाभ नहीं, महंगों की मार
जीएसटी में कई आइटम सस्ते हुए तो कई महंगे भी हुए। देसी घी की हालांकि बिक्री न के बराबर हुई, लेकिन कुछ ब्रांड के दामों में तेजी दर्ज की गई। मधु घी का 15 किलो का टीन परसों 6400 रुपये में बिका था, आज दाम 6600 रुपये पर पहुंच गए। बंसल ट्रेडिंग कंपनी के वेदप्रकाश बंसल ने बताया कि मधु घी के दामों में आज तेजी आई, लेकिन वीटा समेत कई ब्रांड के रेट आज नहीं आए। अब सोमवार को स्थिति साफ हो सकेगी। जीएसटी के पहले दिन दुकानदारों ने पुराने दामों पर ही सामान बेचा, मगर जीएसटी में जो सामान महंगा हुआ, उनमें कुछ आइटम के दाम बढ़ा दिए। घी के दाम भी बढ़ाकर बेचा गया। इसके अलावा जीएसटी में टूथपेस्ट, चाय-कॉफी, मसाला, बालों के तेल, जूते आदि सस्ते हुए है, मगर दुकानदारों ने पुराने रेट भी ही यह सामान बेचा।
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कोड पूछकर लगा रहे जीएसटी
सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा रहा है। फिलहाल जीएसटी लागू करके सामान की बिक्री की जा रही है। कंपनी से कोड पूछकर जीएसटी लगाया जा रहा है। मार्केट बिल्कुल मंदी है।
आनंद बासिया, दुकानदार
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जीएसटी नंबर के लिए आवेदन कर रहे है
कपड़ा व्यापारियों ने तीन दिन हड़ताल कर जीएसटी के सरलीकरण की मांग की। जीएसटी का नंबर तो लेना ही है और आवेदन कर दिया है। अन्य दुकानदार भी आवेदन कर रहे है।
रितेश मित्तल, कपड़ा व्यापारी
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जीएसटी लागू कर दिया है और रसीद बुक बनवा ली है। सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है। फिलहाल तो आज मार्केट बिल्कुल मंदी है।
विजय कुमार, इलेक्ट्रोनिक दुकानदार
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दुकानदारों में जीएसटी को लेकर असमंजस है। अब पांच सौ रुपये वाले सामान पर पांच प्रतिशत टैक्स लगेेगा। हम चार सौ रुपये का लाकर छह सौ में बेचे तो जीएसटी लगेगा या नहीं। ऐसे सवालों के जवाब किसी के पास नहीं है। अभी साफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है और पुराने पैटर्न पर सामान बेचा जा रहा है। दुकानदार नया माल ही नहीं मंगवा रहे सिर्फ स्टॉक में रखा माल ही बेच रहे है।
सुमित गुप्ता, दुकानदार
जूते-चप्पल विक्रेता