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12 दिन में हरियाणा में आठ बार भूकंप, छह का केंद्र रोहतक
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रोहतक। पिछले 12 दिनों में हरियाणा की धरती आठ बार हिल चुकी है। लगातार दूसरे दिन सोमवार दोपहर एक बार फिर एक बजकर 34 सेकेंड पर भूकंप आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.1 मापी गई। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की साइट के अनुसार भूकंप का केंद्र रोहतक शहर से 15 किलोमीटर दूर गांव अटायल और कसरेंटी के बीच रहा। दो सप्ताह के भीतर आए आठ भूकंपों में से छह बार केंद्र रोहतक में रहे हैं। दो बार फरीदाबाद के पास भूकंप का केंद्र रहा। हालांकि इन से किसी प्रकार की कोई जान माल की हानि नहीं हुई है। रोहतक के छह में से तीन भूकंपों का केंद्र चुलियाना, दो का केंद्र रोहतक से 23 किलोमीटर दूर कुल्ताना से आगे छारा बाईपास पास रहा। रोहतक में आए सभी भूकंपों का केंद्र महेंद्रगढ़-देहरादून फॉल्ट लाइन के नजदीक ही रहा है।
एमडीयू रोहतक के जियोग्राफी डिपार्टमेंट कें प्रोफेसर ऐंड हेड डॉ. केवी चमार ने बताया कि यह जो भूकंप के झटके आ रहे हैं वो हल्के से मध्यम सत्र के हैं जो हमें महसूस तक नहीं होते। 29 मई को आया भूकंप का झटका थोड़ा तेज था जिसे ऊपर की श्रेणी में रखा जाता है। जमीन की अंदरूनी प्लेटों के टकराने पर यह कंपन पैदा होता है। जमीन के अंदर टैक्टॉनिक प्लेटें जब हल्की भी आपस मेें टच होती है तो उससे कंपन पैदा होता है। तीन की तीव्रता से कम के भूकंप लोगों को महसूस नहीं होते। इनका रिक्टर स्केल से ही पता चलता है। भूकंप की कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। इससे बचने के लिए पिलर बेस भूकंप रोधी तकनीक से घरों का निर्माण करना चाहिए।
दिनांक स्थान भूकंप की तीव्रता
28 मई फरीदाबाद 2.8
29 मई रोहतक 4.5 और 2.9
1 जून रोहतक 1.8 और 3.0
3 जून फरीदाबाद 3.0
7 जून रोहतक 1.8
8 जून रोहतक 2.1
चुलियाना गांव के नजदीक आए भूकंपों की तीव्रता रही अधिक
रोहतक में जो छह भूकंप के केंद्र रहे हैं उनमें तीन का केंद्र चुलियाना गांव के नजदीक और दो का केंद्र रोहतक से 23 किलोमीटर दूर कुल्ताना से आगे छारा बायपास के पास रहा है। चुलियाना गांव के पास आए भूकंपों की तीव्रता अधिक रही है। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की साइट के अनुसार चुलियाना में पहला भूकंप का तेज झटका 29 मई को आया जिसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। फिर एक घंटे के अंदर ही दूसरा भूकंप आया। जिसकी तीव्रता 2.9 मापी गई। उसके बाद एक जून को चुलियाना के पास ही उसी केंद्र पर 3.0 की तीव्रता का भूकंप आया। वहीं छारा बाईपास के पास 7 जून और एक जून को 1.8 की तीव्रता का भूकंप आया।
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जोन तीन और चार में आता है रोहतक
भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार रोहतक जोन तीन और जोन चार में आता है। भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।
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एमडीयू रोहतक के जियोग्राफी डिपार्टमेंट कें प्रोफेसर ऐंड हेड डॉ. केवी चमार ने बताया कि यह जो भूकंप के झटके आ रहे हैं वो हल्के से मध्यम सत्र के हैं जो हमें महसूस तक नहीं होते। 29 मई को आया भूकंप का झटका थोड़ा तेज था जिसे ऊपर की श्रेणी में रखा जाता है। जमीन की अंदरूनी प्लेटों के टकराने पर यह कंपन पैदा होता है। जमीन के अंदर टैक्टॉनिक प्लेटें जब हल्की भी आपस मेें टच होती है तो उससे कंपन पैदा होता है। तीन की तीव्रता से कम के भूकंप लोगों को महसूस नहीं होते। इनका रिक्टर स्केल से ही पता चलता है। भूकंप की कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। इससे बचने के लिए पिलर बेस भूकंप रोधी तकनीक से घरों का निर्माण करना चाहिए।
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दिनांक स्थान भूकंप की तीव्रता
28 मई फरीदाबाद 2.8
29 मई रोहतक 4.5 और 2.9
1 जून रोहतक 1.8 और 3.0
3 जून फरीदाबाद 3.0
7 जून रोहतक 1.8
8 जून रोहतक 2.1
चुलियाना गांव के नजदीक आए भूकंपों की तीव्रता रही अधिक
रोहतक में जो छह भूकंप के केंद्र रहे हैं उनमें तीन का केंद्र चुलियाना गांव के नजदीक और दो का केंद्र रोहतक से 23 किलोमीटर दूर कुल्ताना से आगे छारा बायपास के पास रहा है। चुलियाना गांव के पास आए भूकंपों की तीव्रता अधिक रही है। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी की साइट के अनुसार चुलियाना में पहला भूकंप का तेज झटका 29 मई को आया जिसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। फिर एक घंटे के अंदर ही दूसरा भूकंप आया। जिसकी तीव्रता 2.9 मापी गई। उसके बाद एक जून को चुलियाना के पास ही उसी केंद्र पर 3.0 की तीव्रता का भूकंप आया। वहीं छारा बाईपास के पास 7 जून और एक जून को 1.8 की तीव्रता का भूकंप आया।
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जोन तीन और चार में आता है रोहतक
भूकंपीय जोनिंग मैप के अनुसार रोहतक जोन तीन और जोन चार में आता है। भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।