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Rohtak News: निदेशक की दौड़ में पीजीआईएमएस से 8 एचओडी, सेवानिवृत्त होने से पहले खेला आखिरी दांव
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रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआईएमएस में निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके तहत डीएमईआर को 26 नवंबर तक निदेशक बनने के इच्छुक अनुभवी चिकित्सक अपने आवेदन भेज चुके हैं। निदेशक बनने की दौड़ में संस्थान के आठ एचओडी भी शामिल हैं। इन विभागाध्यक्षों ने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले निदेशक बनने का आखिरी दाव खेला है। बाहर के आवेदन अलग हैं।
पीजीआईएमएस में एक बार फिर बदलाव की लहर आई है। सरकार के निदेशक से त्याग पत्र लेने के बाद रिक्त हुए पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके तहत 26 नवंबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए। डीएमईआर को आठ आवेदन पीजीआई से मिले हैं। ये सभी चिकित्सक विभिन्न विभागों के अध्यक्ष हैं। इनमें से लगभग आधे अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाएंगे। जबकि कुछ के पास निदेशक का तीन वर्ष का टेनयोर पूरा करने का अवसर है। कुछ आवेदन पीजीआई से बाहर से भी हुए हैं। इन सभी की छंटनी होनी शेष है। डीएमईआर की आवेदनों की छंटनी के बाद ही साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू होगी। साक्षात्कार के बाद नए निदेशक की ताजपोशी का फैसला होगा। तब तक के लिए डॉ. एसके सिंगला को निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आवेदकों ने शुरू किया जोड़ तोड़
निदेशक बनने के लिए आवेदकों ने जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है। किसी ने संघ का दामन थामा है तो किसी ने सत्ताधारी नेता का। कुछ अपनी पहचान व रिश्तेदारी का भी जुगाड़ लगा रहे हैं। राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावनाओं के चलते आवेदकों का रुख भाजपा के बड़े नेताओं की ओर भी होने लगा है।
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संस्था से हैं ये दावेदार पीजीआई से निदेशक पद के आठ दावेदार हैं। इसमें पल्मोनरी एडं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी, एनेस्थीसिया विभाग डॉ. एसके सिंगला, पिकू विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन मित्तल, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया, रेडियोथेरेपी एवं कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. आरएस चौहान, सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. एमजी वशिष्ठ, हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रूप सिंह शामिल हैं। सेवानिवृत्ति के नजदीक पहुंचे चिकित्सकों ने आवेदन करने से परहेज बरता है। पूर्व निदेशक ने भी इस आवेदन करने में रुचि नहीं दिखाई।
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पीजीआईएमएस में एक बार फिर बदलाव की लहर आई है। सरकार के निदेशक से त्याग पत्र लेने के बाद रिक्त हुए पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके तहत 26 नवंबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए। डीएमईआर को आठ आवेदन पीजीआई से मिले हैं। ये सभी चिकित्सक विभिन्न विभागों के अध्यक्ष हैं। इनमें से लगभग आधे अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो जाएंगे। जबकि कुछ के पास निदेशक का तीन वर्ष का टेनयोर पूरा करने का अवसर है। कुछ आवेदन पीजीआई से बाहर से भी हुए हैं। इन सभी की छंटनी होनी शेष है। डीएमईआर की आवेदनों की छंटनी के बाद ही साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू होगी। साक्षात्कार के बाद नए निदेशक की ताजपोशी का फैसला होगा। तब तक के लिए डॉ. एसके सिंगला को निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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आवेदकों ने शुरू किया जोड़ तोड़
निदेशक बनने के लिए आवेदकों ने जोड़-तोड़ शुरू कर दिया है। किसी ने संघ का दामन थामा है तो किसी ने सत्ताधारी नेता का। कुछ अपनी पहचान व रिश्तेदारी का भी जुगाड़ लगा रहे हैं। राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावनाओं के चलते आवेदकों का रुख भाजपा के बड़े नेताओं की ओर भी होने लगा है।
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संस्था से हैं ये दावेदार पीजीआई से निदेशक पद के आठ दावेदार हैं। इसमें पल्मोनरी एडं क्रिटिकल केयर विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी, एनेस्थीसिया विभाग डॉ. एसके सिंगला, पिकू विभागाध्यक्ष डॉ. कुंदन मित्तल, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया, रेडियोथेरेपी एवं कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. आरएस चौहान, सर्जरी विभागाध्यक्ष डाॅ. एमजी वशिष्ठ, हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रूप सिंह शामिल हैं। सेवानिवृत्ति के नजदीक पहुंचे चिकित्सकों ने आवेदन करने से परहेज बरता है। पूर्व निदेशक ने भी इस आवेदन करने में रुचि नहीं दिखाई।