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ट्रेन लेट या रद्द होने पर हर्जाने को छेड़ी जंग
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:44 AM IST
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फोटो परिचय
रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह।
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ट्रेन लेट या रद्द होने पर हर्जाने के लिए रिटायर्ड निरीक्षक ने रेल मंत्रालय को भेजा पत्र
- बोले-ब्रिटिश रेलवे हर्जाना देती थी तो भारतीय रेलवे क्यों नहीं?
- मांग पूरी न होने तक जारी रहेगी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। रिटायर्ड निरीक्षक ने ब्रिटिश रेलवे की तर्ज पर भारतीय रेलवे से भी ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर यात्रियों को हर्जाना देने की मांग की है। इसके लिए रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को इस संबंध में पत्र भेजा है।
रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह ने रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को भेजे पत्र में बताया कि ब्रिटिश रेलवे ने 33 मिनट ट्रेन लेट होने पर 3200 रुपये का हर्जाना एक भारतीय को माफीनामे के साथ भेजा था। भारत में तो आए दिन ट्रेन लेट होने के साथ-साथ रद्द रहती है। बावजूद इसके यात्रियों को हर्जाना नहीं दिया जाता है। जबकि टिकट के रुपये पहले ही काट लिए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व उनके बेटे को ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करवाना पड़ा था। इस पर उसकी मोटी रकम चार्ज के रूप में कट गई थी। जिस पर उन्होंने रेलवे विभाग में आरटीआई लगाई हुई है। उम्मेद सिंह ने रेलवे अधिकारियों से मांग कि है कि ब्रिटिश रेलवे की तरह भारतीय रेलवे को भी यात्रियों को ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर हर्जाना देना चाहिए। यात्रियों की मांग पूरी न होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर भारतीय रेल को हर्जाना जरूर देना चाहिए। कई बार दैनिक रेल यात्री संघ भी इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भेज चुका है। मगर सुनवाई नही की जा रही है। फिर से पत्र भेजा जाएगा। - सतपाल सिंह, प्रवक्ता, दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली और रोहतक
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रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह।
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ट्रेन लेट या रद्द होने पर हर्जाने के लिए रिटायर्ड निरीक्षक ने रेल मंत्रालय को भेजा पत्र
- बोले-ब्रिटिश रेलवे हर्जाना देती थी तो भारतीय रेलवे क्यों नहीं?
- मांग पूरी न होने तक जारी रहेगी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। रिटायर्ड निरीक्षक ने ब्रिटिश रेलवे की तर्ज पर भारतीय रेलवे से भी ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर यात्रियों को हर्जाना देने की मांग की है। इसके लिए रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को इस संबंध में पत्र भेजा है।
रिटायर्ड निरीक्षक उम्मेद सिंह ने रेल मंत्रालय और रेल मंत्री को भेजे पत्र में बताया कि ब्रिटिश रेलवे ने 33 मिनट ट्रेन लेट होने पर 3200 रुपये का हर्जाना एक भारतीय को माफीनामे के साथ भेजा था। भारत में तो आए दिन ट्रेन लेट होने के साथ-साथ रद्द रहती है। बावजूद इसके यात्रियों को हर्जाना नहीं दिया जाता है। जबकि टिकट के रुपये पहले ही काट लिए जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व उनके बेटे को ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करवाना पड़ा था। इस पर उसकी मोटी रकम चार्ज के रूप में कट गई थी। जिस पर उन्होंने रेलवे विभाग में आरटीआई लगाई हुई है। उम्मेद सिंह ने रेलवे अधिकारियों से मांग कि है कि ब्रिटिश रेलवे की तरह भारतीय रेलवे को भी यात्रियों को ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर हर्जाना देना चाहिए। यात्रियों की मांग पूरी न होने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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ट्रेन लेट या फिर रद्द होने पर भारतीय रेल को हर्जाना जरूर देना चाहिए। कई बार दैनिक रेल यात्री संघ भी इस संबंध में अधिकारियों को पत्र भेज चुका है। मगर सुनवाई नही की जा रही है। फिर से पत्र भेजा जाएगा। - सतपाल सिंह, प्रवक्ता, दैनिक रेल यात्री संघ दिल्ली और रोहतक