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पानी निकासी के दावे हवा, शहर में जलभराव
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:14 AM IST
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पानी निकासी के दावे हवा, शहर में जलभराव
चरखी दादरी।
जिले में सोमवार को हुई एक घंटे की बारिश से नगर परिषद के शहर के नालों की सफाई के दावों की पोल खुल गई। सुबह 11 से 12 बजे तक एक घंटे झमाझम बारिश से शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इस दौरान करीब पांच घंटों में 23 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। वहीं पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने से शहर जलमग्न हो गया। शहर की प्रमुख गलियों व सड़कों में दो-दो फुट तक पानी जमा होने से वाहन चालकों को खासी परेशानियां हुई। नालों की सफाई न होने से पानी ओवरफ्लो हो गया और नालों का गंदा पानी सड़कों पर भर गया। बारिश से पहले इन नालों की मरम्मत व नियमित साफ-सफाई के प्रति तो न तो नगर परिषद ने ध्यान दिया और न ही जन स्वास्थ्य विभाग ने।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने बारिश से पहले शहर के नालों की सफाई तो शुरू करवा दी, लेकिन पूरी तरह से सफाई न होने से गंदगी नालों में जमा है। आज झमाझम बरसात के बाद हुई घंटों तक हुई बूंदाबांदी ने गर्मी से कुछ हद तो राहत दिलाई लेकिन जलभराव होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। 30 जून को दादरी में 12 व बाढड़ा में 14 एमएम बरसात हुई थी। इस बारिश से दादरी शहर में हालात विकट बन गए थे। सोमवार को फिर 31 दिन के अंतराल के बाद हुई बारिश से एसडीएम व डीएसपी आवास के बाहर सड़क के दूसरी तरप दो से तीन फुट पानी जमा हो गया। इसके अलावा परशुराम चौक, चरखी दरवाजा, कबीर नगर, वाल्मीकि बस्ती, घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, गांधी नगर, बस स्टैंड के सामने वाली गली, नगर परिषद कार्यालय, बस स्टैंड वर्कशॉप, हरि नगर, तंबाकू फैक्ट्री वाली गली, सैनीपुरा, गांधी नगर से सीसीआई फाटक वाली सड़क पर भी बरसाती पानी जमा होने से आवागमन में काफी दिक्कतें हुई। शहर की सीवरेज व्यवस्था सोमवार को 23 एमएम बरसात भी नहीं झेल पाई। फोरलने पर जमा पानी की निकासी में ही घंटों का समय लग गया। फोरलेन पर शाम आठ बजे तक भी बरसाती पानी जमा था। यही हालात शहर की अन्य सड़कों व प्रमुख गलियों के भी रहे।
पंगू है जन स्वास्थ्य विभाग का पानी निकास सिस्टम
जन स्वास्थ्य विभाग के पास पानी निकासी का कोई खास विकल्प नहीं है। अगर शहर में लगातार दो-तीन दिन 50 से 100 बरसात हो जाए तो हालात बाढ़ जैसे बन जाएंगें। इसका कारण शहर से बाहर पानी निकासी के प्रबंध न होना है। फिलहाल भी जन स्वास्थ्य विभाग एक जगह से दूसरी जगह पानी की निकासी कर काम चला रहा है। किसी ड्रेन में एसटीपी के पानी को डालने की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। व्यवस्थाओं के अभाव में जन स्वास्थ्य विभाग का पानी निकासी सिस्टम पंगू बनकर रह गया है।
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नालों व गली का पानी घुसा दुकानों-मकानों में
परशुराम चौके के समीप बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाया गया नाला ओवरफ्लो हो गया। नाले का पानी दुकानों के अंदर जा पहुंचा और दुकानदार हाथ में बर्तन लेकर खुद ही पानी निकालते नजर आए। वहीं कुछ दुकानदार तो बरसात रूकते ही शटर डालकर घर चलते बने। ऐसा ही माजरा कोर्ट रोड पर भी देखने को मिला। पुरानी गोशाला रोड भी ठप सीवरेज व्यवस्था लोगों पर आफत बनकर टूटी। गली में जमा दूषित पानी निकासी के अभाव में घरों में जा पहुंचा और गोशाला के बैक साइड वाली गली में लोगों के घरों में कमरों व रसोईघर तक दूषित पानी पहुंच गया।
वर्जन:
नालों की साफ-सफाई का काम हमने करवा दिया था। अब अगर फिर भी कही दिक्कत हैं तो हम दोबारा से इनकी सफाई करवा देंगे। हमारे अधीन आने वाले सभी नालों की वर्तमान रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश मैंने कर्मचारियों को दे दिए हैं। जल्द से जल्द काम शुरू करवा दिया जाएगा ताकि लोगों को दिक्कतें न आएं।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद वर्जन:
हमने शहर में अलग-अलग जगह पर पंप सैट व मोटरें लगाकर कर्मचारियों को तैनात कर रखा है। शहर में और कही अगर मोटर या पंप सैट की जरूरत हुई तो उसे भी हम तुरंत पूरा करेंगे। डीजी सैट की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। जल्द से जल्द लोगों को जलभराव संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
रामपाल, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
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चरखी दादरी।
जिले में सोमवार को हुई एक घंटे की बारिश से नगर परिषद के शहर के नालों की सफाई के दावों की पोल खुल गई। सुबह 11 से 12 बजे तक एक घंटे झमाझम बारिश से शहर के कई स्थानों पर जलभराव हो गया। इस दौरान करीब पांच घंटों में 23 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। वहीं पानी निकासी के उचित प्रबंध नहीं होने से शहर जलमग्न हो गया। शहर की प्रमुख गलियों व सड़कों में दो-दो फुट तक पानी जमा होने से वाहन चालकों को खासी परेशानियां हुई। नालों की सफाई न होने से पानी ओवरफ्लो हो गया और नालों का गंदा पानी सड़कों पर भर गया। बारिश से पहले इन नालों की मरम्मत व नियमित साफ-सफाई के प्रति तो न तो नगर परिषद ने ध्यान दिया और न ही जन स्वास्थ्य विभाग ने।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने बारिश से पहले शहर के नालों की सफाई तो शुरू करवा दी, लेकिन पूरी तरह से सफाई न होने से गंदगी नालों में जमा है। आज झमाझम बरसात के बाद हुई घंटों तक हुई बूंदाबांदी ने गर्मी से कुछ हद तो राहत दिलाई लेकिन जलभराव होने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। 30 जून को दादरी में 12 व बाढड़ा में 14 एमएम बरसात हुई थी। इस बारिश से दादरी शहर में हालात विकट बन गए थे। सोमवार को फिर 31 दिन के अंतराल के बाद हुई बारिश से एसडीएम व डीएसपी आवास के बाहर सड़क के दूसरी तरप दो से तीन फुट पानी जमा हो गया। इसके अलावा परशुराम चौक, चरखी दरवाजा, कबीर नगर, वाल्मीकि बस्ती, घिकाड़ा रोड, प्रेम नगर, गांधी नगर, बस स्टैंड के सामने वाली गली, नगर परिषद कार्यालय, बस स्टैंड वर्कशॉप, हरि नगर, तंबाकू फैक्ट्री वाली गली, सैनीपुरा, गांधी नगर से सीसीआई फाटक वाली सड़क पर भी बरसाती पानी जमा होने से आवागमन में काफी दिक्कतें हुई। शहर की सीवरेज व्यवस्था सोमवार को 23 एमएम बरसात भी नहीं झेल पाई। फोरलने पर जमा पानी की निकासी में ही घंटों का समय लग गया। फोरलेन पर शाम आठ बजे तक भी बरसाती पानी जमा था। यही हालात शहर की अन्य सड़कों व प्रमुख गलियों के भी रहे।
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पंगू है जन स्वास्थ्य विभाग का पानी निकास सिस्टम
जन स्वास्थ्य विभाग के पास पानी निकासी का कोई खास विकल्प नहीं है। अगर शहर में लगातार दो-तीन दिन 50 से 100 बरसात हो जाए तो हालात बाढ़ जैसे बन जाएंगें। इसका कारण शहर से बाहर पानी निकासी के प्रबंध न होना है। फिलहाल भी जन स्वास्थ्य विभाग एक जगह से दूसरी जगह पानी की निकासी कर काम चला रहा है। किसी ड्रेन में एसटीपी के पानी को डालने की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। व्यवस्थाओं के अभाव में जन स्वास्थ्य विभाग का पानी निकासी सिस्टम पंगू बनकर रह गया है।
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नालों व गली का पानी घुसा दुकानों-मकानों में
परशुराम चौके के समीप बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाया गया नाला ओवरफ्लो हो गया। नाले का पानी दुकानों के अंदर जा पहुंचा और दुकानदार हाथ में बर्तन लेकर खुद ही पानी निकालते नजर आए। वहीं कुछ दुकानदार तो बरसात रूकते ही शटर डालकर घर चलते बने। ऐसा ही माजरा कोर्ट रोड पर भी देखने को मिला। पुरानी गोशाला रोड भी ठप सीवरेज व्यवस्था लोगों पर आफत बनकर टूटी। गली में जमा दूषित पानी निकासी के अभाव में घरों में जा पहुंचा और गोशाला के बैक साइड वाली गली में लोगों के घरों में कमरों व रसोईघर तक दूषित पानी पहुंच गया।
वर्जन:
नालों की साफ-सफाई का काम हमने करवा दिया था। अब अगर फिर भी कही दिक्कत हैं तो हम दोबारा से इनकी सफाई करवा देंगे। हमारे अधीन आने वाले सभी नालों की वर्तमान रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश मैंने कर्मचारियों को दे दिए हैं। जल्द से जल्द काम शुरू करवा दिया जाएगा ताकि लोगों को दिक्कतें न आएं।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद वर्जन:
हमने शहर में अलग-अलग जगह पर पंप सैट व मोटरें लगाकर कर्मचारियों को तैनात कर रखा है। शहर में और कही अगर मोटर या पंप सैट की जरूरत हुई तो उसे भी हम तुरंत पूरा करेंगे। डीजी सैट की व्यवस्था भी हम कर रहे हैं। जल्द से जल्द लोगों को जलभराव संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
रामपाल, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग