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एनआरएस कालेज में 24 घंटे खुलने वाली लाइब्रेरी खुलती हैं सिर्फ 7 घंटे
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रोहतक। पंडित नेकीराम राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थी लगातार 6 महीने से कैंपस लाइब्रेरी को 24 घंटे खुली रखने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कैंपस में सक्रिय छात्र संगठनों द्वारा भी समय-समय पर लाइब्रेरी का समय बढ़ाने की मांग की गई है। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बताया कि 2 साल पहले लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहती थी। लेकिन, फिलहाल 6 महीने से लाइब्रेरी का टाइम 9 से 4 बजे तक का कर दिया गया है। ऐसे में परीक्षा के समय हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि लाइब्रेरी से एग्जाम टाइम में किताबें इश्यू नहीं करवा सकते। ऐसे में लाइब्रेरी में ही बैठकर पढ़ाई हो सकती है लेकिन कॉलेज प्रशासन लाइब्रेरी का टाइम बढ़ाने को तैयार नहीं।
कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज की छुट्टी वाले दिन उन्हें हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। परीक्षा नजदीक है, ऐसे में छुट्टी वाले दिन भी हम लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाती। छात्राओं ने सुबह 9 बजे लाइब्रेरी में जाने के लिए हॉस्टल से निकलने की कोशिश की लेकिन गार्ड ने उन्हें बाहर नहीं जाने दिया। इसके बाद दोपहर 1 बजे छात्राओं को हॉस्टल से बाहर जाने की अनुमति मिली। हालांकि हॉस्टल वार्डन का कहना है कि यह नियम बहुत पहले से चला आ रहा है। छात्राओं की सिक्योरिटी और अनुशासन को ध्यान में रखकर ही नियम बनाया गया है।
छात्र सचिन ने बताया कि लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहनी चाहिए। परीक्षा के समय भी लाइब्रेरी शाम को 4 बजे बंद कर दी जाती है। जो सरासर गलत है, अगर लाइब्रेरी खुली रहे तो विद्यार्थी अच्छे से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
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नितिन ने बताया कि एक साल पहले तक 24 घंटे लाइब्रेरी खुली रहती थी लेकिन अब 9 से 4 बजे तक का समय कर दिया गया है। पिछले सेमेस्टर में परीक्षा के दौरान भी प्राचार्या से बात करने की कोशिश की थी। लेकिन वह लाइब्रेरी नहीं खोलना चाहती।
सुनील ने कहा कि पहले परीक्षा के समय रात के 2 बजे भी लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर सकते थे लेकिन अब 4 बजे के बाद लाइब्रेरी में नहीं बैठ सकते। कई बार प्राचार्या से बात की लेकिन वह साफ मना कर देती हैं।
छात्र गुरदीप ने बताया कि लाइब्रेरी खुलवाने के लिए तीन बार प्राचार्या से बात करने की कोशिश की है लेकिन वह यह कहकर बात को टाल देते हैं कि कॉलेज में स्टाफ की कमी है। मैडम कहती हैं कि रात को कोई हादसा हो गया तो, कौन जिम्मेदार होगा।
कॉलेज की लाइब्रेरी खुलने का समय 9 से 4 बजे तक का ही है। यह सरकारी कॉलेज है और सरकार के नियम-कायदों से चलता है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की तय समय सीमा है। हम किसी को रात को काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। पूर्व प्राचार्य ने किसी पोलिसी के तहत लाइब्रेरी खोल दी होगी, जिसे पीजीआईएमएस थाना के एसएचओ ने हाथ जोड़कर बंद कराया था। रात के समय लाइब्रेरी में ना कोई लाइब्रेरियन होता है ना ही सिक्योरिटी गार्ड। कालेज के हर हॉस्टल में रीडिंग रूम हैं, जहां बैठकर पढ़ाई हो सकती है।
- डॉ. पूनम मलिक, प्राचार्या, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय
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कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज की छुट्टी वाले दिन उन्हें हॉस्टल से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। परीक्षा नजदीक है, ऐसे में छुट्टी वाले दिन भी हम लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाती। छात्राओं ने सुबह 9 बजे लाइब्रेरी में जाने के लिए हॉस्टल से निकलने की कोशिश की लेकिन गार्ड ने उन्हें बाहर नहीं जाने दिया। इसके बाद दोपहर 1 बजे छात्राओं को हॉस्टल से बाहर जाने की अनुमति मिली। हालांकि हॉस्टल वार्डन का कहना है कि यह नियम बहुत पहले से चला आ रहा है। छात्राओं की सिक्योरिटी और अनुशासन को ध्यान में रखकर ही नियम बनाया गया है।
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छात्र सचिन ने बताया कि लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहनी चाहिए। परीक्षा के समय भी लाइब्रेरी शाम को 4 बजे बंद कर दी जाती है। जो सरासर गलत है, अगर लाइब्रेरी खुली रहे तो विद्यार्थी अच्छे से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
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नितिन ने बताया कि एक साल पहले तक 24 घंटे लाइब्रेरी खुली रहती थी लेकिन अब 9 से 4 बजे तक का समय कर दिया गया है। पिछले सेमेस्टर में परीक्षा के दौरान भी प्राचार्या से बात करने की कोशिश की थी। लेकिन वह लाइब्रेरी नहीं खोलना चाहती।
सुनील ने कहा कि पहले परीक्षा के समय रात के 2 बजे भी लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई कर सकते थे लेकिन अब 4 बजे के बाद लाइब्रेरी में नहीं बैठ सकते। कई बार प्राचार्या से बात की लेकिन वह साफ मना कर देती हैं।
छात्र गुरदीप ने बताया कि लाइब्रेरी खुलवाने के लिए तीन बार प्राचार्या से बात करने की कोशिश की है लेकिन वह यह कहकर बात को टाल देते हैं कि कॉलेज में स्टाफ की कमी है। मैडम कहती हैं कि रात को कोई हादसा हो गया तो, कौन जिम्मेदार होगा।
कॉलेज की लाइब्रेरी खुलने का समय 9 से 4 बजे तक का ही है। यह सरकारी कॉलेज है और सरकार के नियम-कायदों से चलता है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों की तय समय सीमा है। हम किसी को रात को काम करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। पूर्व प्राचार्य ने किसी पोलिसी के तहत लाइब्रेरी खोल दी होगी, जिसे पीजीआईएमएस थाना के एसएचओ ने हाथ जोड़कर बंद कराया था। रात के समय लाइब्रेरी में ना कोई लाइब्रेरियन होता है ना ही सिक्योरिटी गार्ड। कालेज के हर हॉस्टल में रीडिंग रूम हैं, जहां बैठकर पढ़ाई हो सकती है।
- डॉ. पूनम मलिक, प्राचार्या, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय