{"_id":"5c65d332bdec2226154d177a","slug":"61550177074-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम की खबर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओलावृष्टि के साथ 13.2 एमएम बारिश, ठंड बढ़ी
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वीरवार को विभिन्न मैदानी इलाकों में अलसुबह ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। शहर में दोपहर एक बजे तक 13.2 एमएम बरसात हुई। इसके चलते दिन का अधिकतम तापमान 21.5 व न्यूनतम 12.5 दर्ज किया गया। इसके अलावा 18.7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंड हवाओं ने लोगों को कंपकंपाए रखा। हालांकि, दिन में कुछ समय धूप खुलने के चलते लोगों को राहत जरूर मिली।
लाइव वेदर ऑफ इंडिया एनजीओ से नवदीप ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। लेकिन तापमान गिरेगा, इससे ठंडा मौसम रहेगा। दिन में बादल छाए रहेंगे, इसके चलते फिलहाल सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि इन दिनों हो रही बरसात गेहूं के लिए अमृत है। ग्रीन हाउस में उगाई गई सब्जियों पर तो इस बरसात का फर्क नहीं है। लेकिन टमाटर के लिए हुई ओलावृष्टि हानिकारक है। इससे टमाटर की ग्रोथ रुक जाएगी। यही नहीं अगेती फसल में पानी जमा होने पर समस्या हो सकती है। कुछ किसानों ने शिमला मिर्च, खरबूजा व बेल वाली सब्जियां उगा रखी हैं, इन्हें भी यह बरसात नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा जहां सरसों की फसल में चेपा लगा है, वह इस बरसात में वह धूल जाएगा। इससे किसान को लाभ मिलेगा। इसके अलावा अधिक बरसात होने का असर सूरजमुखी की खेती कर रहे किसानों को भी उठाना पडे़गा। इससे फसल देरी से होगी। इसके अलावा तेज बरसात व ओलावृष्टि बरसीम की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
-------
सांपला में बारिश के साथ गिरे ओले, किसानों की चिंता बढ़ी
फोटो- 1 चुलियाणा में गिरे ओले व सरसों की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
सांपला। अचानक मौसम बदलने के साथ बुधवार को इलाके में अच्छी बारिश हुई। बारिश से जहां किसान खुश हैें दूसरी ओर गिरे ओलों ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। इलाके के छह गांवों में ओले गिरने की खबर है। इससे पांच फीसदी फसल के नुकसान की आशंका है। गेहूं, सरसों व सब्जियां उगाने वाले किसानों के चेहराें पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। अगर मौसम इसी तरह से रहा तो फसलों में नुकसान और बढ़ सकता है। बारिश से तापमान भी लुढ़क गया है। सिहरन बढ़ गई, जिससे लोग जल्दी ही अपने घरों में दुबक गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वीरवार को विभिन्न मैदानी इलाकों में अलसुबह ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। शहर में दोपहर एक बजे तक 13.2 एमएम बरसात हुई। इसके चलते दिन का अधिकतम तापमान 21.5 व न्यूनतम 12.5 दर्ज किया गया। इसके अलावा 18.7 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली ठंड हवाओं ने लोगों को कंपकंपाए रखा। हालांकि, दिन में कुछ समय धूप खुलने के चलते लोगों को राहत जरूर मिली।
लाइव वेदर ऑफ इंडिया एनजीओ से नवदीप ने बताया कि शुक्रवार को छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। लेकिन तापमान गिरेगा, इससे ठंडा मौसम रहेगा। दिन में बादल छाए रहेंगे, इसके चलते फिलहाल सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। वहीं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि इन दिनों हो रही बरसात गेहूं के लिए अमृत है। ग्रीन हाउस में उगाई गई सब्जियों पर तो इस बरसात का फर्क नहीं है। लेकिन टमाटर के लिए हुई ओलावृष्टि हानिकारक है। इससे टमाटर की ग्रोथ रुक जाएगी। यही नहीं अगेती फसल में पानी जमा होने पर समस्या हो सकती है। कुछ किसानों ने शिमला मिर्च, खरबूजा व बेल वाली सब्जियां उगा रखी हैं, इन्हें भी यह बरसात नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा जहां सरसों की फसल में चेपा लगा है, वह इस बरसात में वह धूल जाएगा। इससे किसान को लाभ मिलेगा। इसके अलावा अधिक बरसात होने का असर सूरजमुखी की खेती कर रहे किसानों को भी उठाना पडे़गा। इससे फसल देरी से होगी। इसके अलावा तेज बरसात व ओलावृष्टि बरसीम की फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन
-------
सांपला में बारिश के साथ गिरे ओले, किसानों की चिंता बढ़ी
फोटो- 1 चुलियाणा में गिरे ओले व सरसों की फसल
अमर उजाला ब्यूरो
सांपला। अचानक मौसम बदलने के साथ बुधवार को इलाके में अच्छी बारिश हुई। बारिश से जहां किसान खुश हैें दूसरी ओर गिरे ओलों ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। इलाके के छह गांवों में ओले गिरने की खबर है। इससे पांच फीसदी फसल के नुकसान की आशंका है। गेहूं, सरसों व सब्जियां उगाने वाले किसानों के चेहराें पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। अगर मौसम इसी तरह से रहा तो फसलों में नुकसान और बढ़ सकता है। बारिश से तापमान भी लुढ़क गया है। सिहरन बढ़ गई, जिससे लोग जल्दी ही अपने घरों में दुबक गए।
विज्ञापन