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प्रदेश के हर परिवार की होगी यूनीक आईडी, सर्वे शुरू
Updated Wed, 05 Dec 2018 03:07 AM IST
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विकास सैनी
रोहतक। सिर्फ एक यूनीक आईडी और पूरे परिवार का ब्योरा स्क्रीन पर । दरअसल, प्रदेश सरकार ने एक योजना बनाई है। इसके तहत परिवार के सभी सदस्यों की एक यूनीक आईडी में पिरोया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सर्वे शुरू हो गया है। फिलहाल यह काम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर प्रोजेक्ट के फायदे नुकसान के आधार पर आकलन किया जाएगा। सकारात्मक परिणाम मिलने पर इसे दूसरे प्रांतों में भी लागू किया जाएगा। इससे लोगों को राशन कार्ड या दूसरे पहचान पत्र संबंधी दस्तावेज लेकर नहीं घूमना पड़ेेगा। यही नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी इसी फैमिली आईडी के जरिए ही मिलेगा।
56 लाख परिवारों की बनाई जानी है आईडी
प्रदेश में फैमिली आईडी बनाने को लेकर काम शुरू हो गया है। इसके लिए डीआरडीए कार्यालय की टीम घर-घर जा रही है। यही नहीं विभागों में कर्मचारियों को अपने परिवार की सूचना अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे काम आसान होगा। प्रदेश में करीब 56 लाख परिवारों की आईडी बनाई जानी है।
योजनाओं का लाभ किसे मिला, रहेगी नजर
सरकारी योजनाओं का लाभ किसे मिला, किसे नहीं, यह अब स्पष्ट रहेगा। सरकार व अधिकारी इस पर सीधी नजर रख सकेंगे। यहीं नई योजना बनाने व उसे क्रियान्वित करने में भी फैमिली आईडी अहम रहेगी। इसीलिए सभी विभागाें व आम जन से परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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आटोमेटिक अपडेट होगा जन्म मृत्यु का डाटा
फैमिली आईडी के तहत तैयार सॉफ्टवेयर बेहद अपडेट है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि किसी परिवार में व्यक्ति की मौत या जन्म होने पर डाटा अपने आप अपडेट होगा। इसके लिए किसी तरह की छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी। मृत्यु या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आए आवेदन से सॉफ्टवेयर खुद जानकारी लेकर अपना काम करेगा।
जेनरेट होगी यूनीक आईडी, रहेगी सेफ
फैमिली आईडी के तहत डाटा जुटाने के बाद हर परिवार की एक यूनीक आईडी जनरेट होगी। इसे उस परिवार का व्यक्ति ही ओपन कर सकेगा। इसके लिए आईडी व पासवर्ड याद रखना होगा। इससे दूसरा कोई व्यक्ति फैमिली आईडी की सूचना से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा।
सरकार ने फैमिली आईडी तैयार करने की योजना बनाई है। यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसके तहत डाटा जुटाया जा रहा है। इसे आधार कार्ड व मोबाइल नंबर से भी जोड़ा जाएगा। इससे कोई भी व्यक्ति अपनी फैमिली आईडी के जरिए पूरा ब्योरा एक क्लिक पर देख या इस्तेमाल कर सकता है।
- जोगेंद्र लठवाल, जिला योजना अधिकारी।
सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत फैमिली आईडी बनाने का काम शुरू किया है। इसे जल्द पूरा करना है। योजना लागू होने से योजनाओं के बनाने व उन्हें लागू करने के साथ लाभान्वित लोगों की पूरी जानकारी सरकार के पास उपलब्ध रहेगी। इससे वंचितों को भी लाभ दिया जा सकेगा।
- मुनीष बाबू गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी।
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रोहतक। सिर्फ एक यूनीक आईडी और पूरे परिवार का ब्योरा स्क्रीन पर । दरअसल, प्रदेश सरकार ने एक योजना बनाई है। इसके तहत परिवार के सभी सदस्यों की एक यूनीक आईडी में पिरोया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में सर्वे शुरू हो गया है। फिलहाल यह काम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर प्रोजेक्ट के फायदे नुकसान के आधार पर आकलन किया जाएगा। सकारात्मक परिणाम मिलने पर इसे दूसरे प्रांतों में भी लागू किया जाएगा। इससे लोगों को राशन कार्ड या दूसरे पहचान पत्र संबंधी दस्तावेज लेकर नहीं घूमना पड़ेेगा। यही नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी इसी फैमिली आईडी के जरिए ही मिलेगा।
56 लाख परिवारों की बनाई जानी है आईडी
प्रदेश में फैमिली आईडी बनाने को लेकर काम शुरू हो गया है। इसके लिए डीआरडीए कार्यालय की टीम घर-घर जा रही है। यही नहीं विभागों में कर्मचारियों को अपने परिवार की सूचना अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे काम आसान होगा। प्रदेश में करीब 56 लाख परिवारों की आईडी बनाई जानी है।
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योजनाओं का लाभ किसे मिला, रहेगी नजर
सरकारी योजनाओं का लाभ किसे मिला, किसे नहीं, यह अब स्पष्ट रहेगा। सरकार व अधिकारी इस पर सीधी नजर रख सकेंगे। यहीं नई योजना बनाने व उसे क्रियान्वित करने में भी फैमिली आईडी अहम रहेगी। इसीलिए सभी विभागाें व आम जन से परिवारों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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आटोमेटिक अपडेट होगा जन्म मृत्यु का डाटा
फैमिली आईडी के तहत तैयार सॉफ्टवेयर बेहद अपडेट है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि किसी परिवार में व्यक्ति की मौत या जन्म होने पर डाटा अपने आप अपडेट होगा। इसके लिए किसी तरह की छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी। मृत्यु या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आए आवेदन से सॉफ्टवेयर खुद जानकारी लेकर अपना काम करेगा।
जेनरेट होगी यूनीक आईडी, रहेगी सेफ
फैमिली आईडी के तहत डाटा जुटाने के बाद हर परिवार की एक यूनीक आईडी जनरेट होगी। इसे उस परिवार का व्यक्ति ही ओपन कर सकेगा। इसके लिए आईडी व पासवर्ड याद रखना होगा। इससे दूसरा कोई व्यक्ति फैमिली आईडी की सूचना से छेड़छाड़ नहीं कर सकेगा।
सरकार ने फैमिली आईडी तैयार करने की योजना बनाई है। यह पायलट प्रोजेक्ट है। इसके तहत डाटा जुटाया जा रहा है। इसे आधार कार्ड व मोबाइल नंबर से भी जोड़ा जाएगा। इससे कोई भी व्यक्ति अपनी फैमिली आईडी के जरिए पूरा ब्योरा एक क्लिक पर देख या इस्तेमाल कर सकता है।
- जोगेंद्र लठवाल, जिला योजना अधिकारी।
सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत फैमिली आईडी बनाने का काम शुरू किया है। इसे जल्द पूरा करना है। योजना लागू होने से योजनाओं के बनाने व उन्हें लागू करने के साथ लाभान्वित लोगों की पूरी जानकारी सरकार के पास उपलब्ध रहेगी। इससे वंचितों को भी लाभ दिया जा सकेगा।
- मुनीष बाबू गुप्ता, जिला सूचना अधिकारी।