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रिटायर्ड निरीक्षक ने दिलाई पचास हजार की सहायता
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:48 AM IST
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फोटो परिचय
एमए-6
रिटायर्ड निरीक्षक उमेद सिंह खत्री।
एमए-7
विधवा सावित्री
------
रिटायर्ड निरीक्षक ने फौजी की विधवा को पुत्री की शादी के लिए दिलवाए 50 हजार
-जरूरतमंदों की मदद करने को आगे रहते हैं रिटायर्ड निरीक्षक
-हर कोई कर रहा रिटायर्ड निरीक्षक की सराहना
जल्द सामाजिक संगठन करेगा उमेद सिंह को सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। करीब एक साल तक की लड़ाई लड़ने के बाद रोहतक के रिटायर्ड निरीक्षक ने फौजी की विधवा पत्नी को उसकी पुत्री की शादी के लिए पचास हजार की सहायता दिलाने में अहम योगदान दिया। बीस से अधिक बार इसके लिए रिटायर्ड निरीक्षक ने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखे। हर कोई रिटायर्ड निरीक्षक की सराहना कर रहा है। जल्द मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट उमेद सिंह को सम्मानित करेगा।
किलोई निवासी सावित्री ने बताया कि उसके पति धर्मपाल 1 नवंबर 1993 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 25 अगस्त 2010 को उनका देेहांत हो गया था। जिस पर परिवार की जिम्मेदारी सावित्री पर ही आ गई थी। उसकी पुत्री की शादी 17 अप्रैल 2017 को हुई थी। फौजी की विधवा बेटी की शादी के लिए रक्षा मंत्रालय पचास हजार की सहायता देता है। सहायता के लिए कई बार गुहार लगाई, मगर मांग को पूरा नहीं किया गया। जिस पर वह आरटीआई कार्यकर्ता और रिटायर्ड निरीक्षक उमेद सिंह खत्री के पास पहुंची तथा गुहार लगाई। उमेद सिंह खत्री ने आर्थिक मदद के लिए पीएम और रक्षा मंत्रालय को बीस से अधिक बार पत्र भेजा। अब दो दिन पूर्व ही उमेद सिंह के प्रयास से विधवा को बेटी की शादी के लिए पचास हजार की मदद दी गई।
सावित्री ने बताया कि इससे पूर्व में भी उमेद सिंह उसकी पेंशन बढ़वाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा पचास से अधिक जरूरतमंदों को आरटीआई को हथियार बनाकर आर्थिक सहायता दे चुके हैं। मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के संस्थापक तसवीर सिंह का कहना है कि सामाजिक कार्यों में आगे रहने वाले उमेद सिंह को जल्द ही संस्था सम्मानित करेगी।
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सामाजिक कार्य करने से जो खुशी मिलती है उसे शब्दों में बया नहीं किया जा सकता। जब तक शरीर में जान रहेगी, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद की जाती रहेगी।
-उमेद सिंह खत्री, रिटायर्ड निरीक्षक, सहकारिता विभाग
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रिटायर्ड निरीक्षक उमेद सिंह खत्री।
एमए-7
विधवा सावित्री
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रिटायर्ड निरीक्षक ने फौजी की विधवा को पुत्री की शादी के लिए दिलवाए 50 हजार
-जरूरतमंदों की मदद करने को आगे रहते हैं रिटायर्ड निरीक्षक
-हर कोई कर रहा रिटायर्ड निरीक्षक की सराहना
जल्द सामाजिक संगठन करेगा उमेद सिंह को सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। करीब एक साल तक की लड़ाई लड़ने के बाद रोहतक के रिटायर्ड निरीक्षक ने फौजी की विधवा पत्नी को उसकी पुत्री की शादी के लिए पचास हजार की सहायता दिलाने में अहम योगदान दिया। बीस से अधिक बार इसके लिए रिटायर्ड निरीक्षक ने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखे। हर कोई रिटायर्ड निरीक्षक की सराहना कर रहा है। जल्द मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट उमेद सिंह को सम्मानित करेगा।
किलोई निवासी सावित्री ने बताया कि उसके पति धर्मपाल 1 नवंबर 1993 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 25 अगस्त 2010 को उनका देेहांत हो गया था। जिस पर परिवार की जिम्मेदारी सावित्री पर ही आ गई थी। उसकी पुत्री की शादी 17 अप्रैल 2017 को हुई थी। फौजी की विधवा बेटी की शादी के लिए रक्षा मंत्रालय पचास हजार की सहायता देता है। सहायता के लिए कई बार गुहार लगाई, मगर मांग को पूरा नहीं किया गया। जिस पर वह आरटीआई कार्यकर्ता और रिटायर्ड निरीक्षक उमेद सिंह खत्री के पास पहुंची तथा गुहार लगाई। उमेद सिंह खत्री ने आर्थिक मदद के लिए पीएम और रक्षा मंत्रालय को बीस से अधिक बार पत्र भेजा। अब दो दिन पूर्व ही उमेद सिंह के प्रयास से विधवा को बेटी की शादी के लिए पचास हजार की मदद दी गई।
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सावित्री ने बताया कि इससे पूर्व में भी उमेद सिंह उसकी पेंशन बढ़वाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा पचास से अधिक जरूरतमंदों को आरटीआई को हथियार बनाकर आर्थिक सहायता दे चुके हैं। मां दानो देवी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के संस्थापक तसवीर सिंह का कहना है कि सामाजिक कार्यों में आगे रहने वाले उमेद सिंह को जल्द ही संस्था सम्मानित करेगी।
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सामाजिक कार्य करने से जो खुशी मिलती है उसे शब्दों में बया नहीं किया जा सकता। जब तक शरीर में जान रहेगी, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद की जाती रहेगी।
-उमेद सिंह खत्री, रिटायर्ड निरीक्षक, सहकारिता विभाग