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क्यूआर कोड
Updated Mon, 18 Jun 2018 02:52 AM IST
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अब क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत ही उपभोक्ता को दिया जाएगा बिजली बिल
- उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों पर बिजली निगम लगाएगा क्यूआर कोर्ट की स्लिम
- उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिलने की शिकायतों को लेकर बनी योजना
- मीटर रीडर भी नहीं कर सकेंगे लापरवाही, कोड स्कैन होते ही कंप्यूटर पर डेटा होगा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिजली बिल वितरण व मीटर रीडिंग को लेकर उपभोक्ताओं की आ रही परेशानी नहीं होगी। अब हर उपभोक्ता के बिजली मीटर पर क्यूआर (क्विक रेस्पॉन्स) कोड स्लिप लगाई जाएगी, जिसे स्कैन कर तुरंत ही उपभोक्ता को बिजली बिल थमाया जाएगा। इसके साथ ही मीटर रीडर भी लापरवाही नहीं कर सकेंगे। बिना मौके पर जाए बिल नहीं बनाया जा सकेगा, क्योंकि क्यूआर कोड स्कैन करने पर ही बिजली विभाग के कंप्यूटर पर उपभोक्ता का डेटा फीड होगा।
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि जब भी बिल भुगतान को लेकर कार्रवाई की जाती है, तब उपभोक्ता बचाव के लिए तर्क देता है कि बिजली का बिल नहीं मिला है या मीटर रीडिंग गलत फीड करने की बात कही जाती है। वहीं, मीटर रीडर का तर्क होता है कि बिजली का बिल पहुंचाया गया है और मीटर रीडिंग गलत नहीं ली गई है। इससे निजात के लिए बिजली विभाग ने एमआरबीडी (मीटर रीडिंग एंड बिल डिस्ट्रीब्यूशन) योजना बनाई। इसके तहत तय किया गया कि प्रत्येक उपभोक्ता के नंबर बार कोड की तरह क्यूआर कोड स्लिप लगाई जाएगी, जो उपभोक्ता के घर का पता व फोन नंबर बिजली निगम को बताएगी। मीटर रीडर जब उपभोक्ता के घर जाएगा को हैंडबिल मशीन की स्क्रीन क्यूआर कोड के सामने लगाएगा, जिससे हैंडबिल पर उपभोक्ता का पूरा विवरण सामने होगा। इसके बाद मीटर की रीडिंग लेकर मौके पर ही उपभोक्ता का बिल थमा दिया जाएगा। बिल हैंडबिल मशीन से निकलते ही ऑनलाइन बिजली निगम के कंप्यूटर पर बिल जारी करने का ब्योरा दर्ज हो जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता समय पर बिल नहीं मिलने का तर्क नहीं दे सकेगा।
90 फीसदी काम पूरा : एसई
एसई एसके बंसल ने बताया कि विभागीय टीमें बिजली मीटरों पर क्यूआर कोड की स्लिप तेजी से लगा रही है। लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 10 फीसदी काम पूरा होने में दिक्कत आ रही है, जो दो महीने में पूरा होना संभव है। वह बताते हैं कि इसके बाद उपभोक्ता बिल नहीं मिलने अथवा मीटर रीडिंग गलत लेने की बात नहीं कर सकेगा।
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- उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों पर बिजली निगम लगाएगा क्यूआर कोर्ट की स्लिम
- उपभोक्ताओं को बिजली बिल नहीं मिलने की शिकायतों को लेकर बनी योजना
- मीटर रीडर भी नहीं कर सकेंगे लापरवाही, कोड स्कैन होते ही कंप्यूटर पर डेटा होगा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिजली बिल वितरण व मीटर रीडिंग को लेकर उपभोक्ताओं की आ रही परेशानी नहीं होगी। अब हर उपभोक्ता के बिजली मीटर पर क्यूआर (क्विक रेस्पॉन्स) कोड स्लिप लगाई जाएगी, जिसे स्कैन कर तुरंत ही उपभोक्ता को बिजली बिल थमाया जाएगा। इसके साथ ही मीटर रीडर भी लापरवाही नहीं कर सकेंगे। बिना मौके पर जाए बिल नहीं बनाया जा सकेगा, क्योंकि क्यूआर कोड स्कैन करने पर ही बिजली विभाग के कंप्यूटर पर उपभोक्ता का डेटा फीड होगा।
बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि जब भी बिल भुगतान को लेकर कार्रवाई की जाती है, तब उपभोक्ता बचाव के लिए तर्क देता है कि बिजली का बिल नहीं मिला है या मीटर रीडिंग गलत फीड करने की बात कही जाती है। वहीं, मीटर रीडर का तर्क होता है कि बिजली का बिल पहुंचाया गया है और मीटर रीडिंग गलत नहीं ली गई है। इससे निजात के लिए बिजली विभाग ने एमआरबीडी (मीटर रीडिंग एंड बिल डिस्ट्रीब्यूशन) योजना बनाई। इसके तहत तय किया गया कि प्रत्येक उपभोक्ता के नंबर बार कोड की तरह क्यूआर कोड स्लिप लगाई जाएगी, जो उपभोक्ता के घर का पता व फोन नंबर बिजली निगम को बताएगी। मीटर रीडर जब उपभोक्ता के घर जाएगा को हैंडबिल मशीन की स्क्रीन क्यूआर कोड के सामने लगाएगा, जिससे हैंडबिल पर उपभोक्ता का पूरा विवरण सामने होगा। इसके बाद मीटर की रीडिंग लेकर मौके पर ही उपभोक्ता का बिल थमा दिया जाएगा। बिल हैंडबिल मशीन से निकलते ही ऑनलाइन बिजली निगम के कंप्यूटर पर बिल जारी करने का ब्योरा दर्ज हो जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता समय पर बिल नहीं मिलने का तर्क नहीं दे सकेगा।
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90 फीसदी काम पूरा : एसई
एसई एसके बंसल ने बताया कि विभागीय टीमें बिजली मीटरों पर क्यूआर कोड की स्लिप तेजी से लगा रही है। लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 10 फीसदी काम पूरा होने में दिक्कत आ रही है, जो दो महीने में पूरा होना संभव है। वह बताते हैं कि इसके बाद उपभोक्ता बिल नहीं मिलने अथवा मीटर रीडिंग गलत लेने की बात नहीं कर सकेगा।
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