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शुक्रवार को तिलियार के चिड़ियाघर में आएगी दुर्गा
Updated Wed, 28 Mar 2018 03:11 AM IST
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फोटो सहित एसएनजे पांच : पिपली के चिड़िया घर में मादा शावक दुर्गा।
शुक्रवार को तिलियार के चिड़ियाघर में आएगी ‘दुर्गा’
14 माह की मादा तेंदुआ के आने बढ़ेगी पर्यटन स्थल की रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तिलियार पर्यटन स्थल के चिड़िया घर में शुक्रवार को मादा शावक दुर्गा का आना तय हो गया है। लंबे समय से तेंदुए का बाड़ा खाली पड़ा था। चिड़िया घर में आने वाले पर्यटकों को शेडयूल वन का कोई भी जानवर देखने को नहीं मिलता था, तो कई लोगों को काफी निराशा होती थी। लेकिन अब दुर्गा के आने से चिड़िया घर की रौनक बढे़गी।
चिड़िया घर में बच्चों के शेर देखने की इच्छा पूरी होने में अभी समय लगेगा, लेकिन यहां आने वाले बच्चे अब मायूस नहीं लौटेंगे। क्योंकि शुक्रवार से उन्हें मादा तेंदुआ दुर्गा देखने को मिलेगी। 14 माह की दुर्गा को पिपली चिड़िया घर से लाया जा रहा है। उसे वन्य प्राणी विभाग पिंजौर के जंगलों से उपचार के लिए लाया था। दुर्गा को जिस समय विभाग ने अपने कब्जे में लिया वह महज 16 दिन की थी। दुर्गा हाइपोथरमिया और लिंपिंग की बीमारी से ग्रस्त थी, इसका उपचार डॉ. अशोक खासा ने किया था। इसमें सबसे अहम यह है कि दुर्गा को तीन माह एक महिला ने अपना दूध पिला कर बड़ा किया है। इसके बाद मादा शावक को नया जीवन मिला है। महिला के मातृत्व प्रेम और डॉ. खासा की लगन के चलते आज दुर्गा को कोई समस्या नहीं है और वह रोहतक तिलियार के चिड़िया घर की शान बनने जा रही है। डॉ. खासा ने बताया कि जब दुर्गा ढाई वर्ष की वयस्क होगी तो उसके बराबर के नर तेंदुआ को किसी चिड़िया घर से लाया जाएगा। इसके बाद चिड़िया घर में शेडयूल वन के जानवरों की संख्या में इजाफा होगा।
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शुक्रवार को तिलियार के चिड़ियाघर में आएगी ‘दुर्गा’
14 माह की मादा तेंदुआ के आने बढ़ेगी पर्यटन स्थल की रौनक
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रोहतक-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तिलियार पर्यटन स्थल के चिड़िया घर में शुक्रवार को मादा शावक दुर्गा का आना तय हो गया है। लंबे समय से तेंदुए का बाड़ा खाली पड़ा था। चिड़िया घर में आने वाले पर्यटकों को शेडयूल वन का कोई भी जानवर देखने को नहीं मिलता था, तो कई लोगों को काफी निराशा होती थी। लेकिन अब दुर्गा के आने से चिड़िया घर की रौनक बढे़गी।
चिड़िया घर में बच्चों के शेर देखने की इच्छा पूरी होने में अभी समय लगेगा, लेकिन यहां आने वाले बच्चे अब मायूस नहीं लौटेंगे। क्योंकि शुक्रवार से उन्हें मादा तेंदुआ दुर्गा देखने को मिलेगी। 14 माह की दुर्गा को पिपली चिड़िया घर से लाया जा रहा है। उसे वन्य प्राणी विभाग पिंजौर के जंगलों से उपचार के लिए लाया था। दुर्गा को जिस समय विभाग ने अपने कब्जे में लिया वह महज 16 दिन की थी। दुर्गा हाइपोथरमिया और लिंपिंग की बीमारी से ग्रस्त थी, इसका उपचार डॉ. अशोक खासा ने किया था। इसमें सबसे अहम यह है कि दुर्गा को तीन माह एक महिला ने अपना दूध पिला कर बड़ा किया है। इसके बाद मादा शावक को नया जीवन मिला है। महिला के मातृत्व प्रेम और डॉ. खासा की लगन के चलते आज दुर्गा को कोई समस्या नहीं है और वह रोहतक तिलियार के चिड़िया घर की शान बनने जा रही है। डॉ. खासा ने बताया कि जब दुर्गा ढाई वर्ष की वयस्क होगी तो उसके बराबर के नर तेंदुआ को किसी चिड़िया घर से लाया जाएगा। इसके बाद चिड़िया घर में शेडयूल वन के जानवरों की संख्या में इजाफा होगा।
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