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ट्रॉमा की खामियों को लेकर सामने आया आरडीए
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:13 AM IST
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चौधर की जंग तेज, कुलपति की बढ़ी मुसीबत
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के धन्वंतरि अपैक्स ट्रॉमा सेंटर के चौधर की जंग तेज होती जा रही है। कुलपति ने वीरवार को हवन कर एक जनवरी 2018 से ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की घोषणा कर दी है। लेकिन सर्जरी, ऑर्थो विभाग के अलावा कुछ विभाग इसे अभी शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। शुक्रवार तो रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी खुल कर इसके विरोध में सामने आ गया है।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान जंगबीर ग्रेवाल ने कुलपति डॉ. ओपी कालरा को ज्ञापन सौंपते हुए ट्रॉमा सेंटर शुरू करने पर सवाल उठाए हैं। इसमें प्रधान ने कहा है कि 21 दिसंबर की बैठक में हुई चर्चा में कई खामियां सामने आई हैं। इसके चलते इस भवन में मरीजों के उपचार में रेजिडेंट डॉक्टरों को समस्या होगी। सबसे पहले बिंदु में प्रधान ने भवन की अग्नि सुरक्षा के मानकों पर सवाल उठाया है। इसमें कोलकाता और भुवनेश्वर के अस्पतालों में हुए अग्निकांडों का हवाला देते हुए मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है। कहा गया है कि ट्रॉमा में गंभीर मरीज होते हैं वह घटना के दौरान अपनी जान नहीं बचा सकते। इसके अलावा सेंटर में ब्लड बैंक का लाइसेंस न होने पर सवाल उठाया गया है। क्योंकि सड़क दुर्घटना में घायल होकर आने वालों को रक्त की जरूरत होती है। इसके साथ ही भवन में सीटी स्कैन मशीन, सीसीटीवी कैमरे, मेडिसन, पीडियाट्रिक्स और महिला रोग विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों का न होना भी मुद्दा बनाया गया है। आरडीए ने अपने ज्ञापन की कापी सर्जरी विभागाध्यक्ष, डीएन पीजीआईएमएस और संस्थान के एमएस को भेजी है।
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रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के धन्वंतरि अपैक्स ट्रॉमा सेंटर के चौधर की जंग तेज होती जा रही है। कुलपति ने वीरवार को हवन कर एक जनवरी 2018 से ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की घोषणा कर दी है। लेकिन सर्जरी, ऑर्थो विभाग के अलावा कुछ विभाग इसे अभी शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं। शुक्रवार तो रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी खुल कर इसके विरोध में सामने आ गया है।
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान जंगबीर ग्रेवाल ने कुलपति डॉ. ओपी कालरा को ज्ञापन सौंपते हुए ट्रॉमा सेंटर शुरू करने पर सवाल उठाए हैं। इसमें प्रधान ने कहा है कि 21 दिसंबर की बैठक में हुई चर्चा में कई खामियां सामने आई हैं। इसके चलते इस भवन में मरीजों के उपचार में रेजिडेंट डॉक्टरों को समस्या होगी। सबसे पहले बिंदु में प्रधान ने भवन की अग्नि सुरक्षा के मानकों पर सवाल उठाया है। इसमें कोलकाता और भुवनेश्वर के अस्पतालों में हुए अग्निकांडों का हवाला देते हुए मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है। कहा गया है कि ट्रॉमा में गंभीर मरीज होते हैं वह घटना के दौरान अपनी जान नहीं बचा सकते। इसके अलावा सेंटर में ब्लड बैंक का लाइसेंस न होने पर सवाल उठाया गया है। क्योंकि सड़क दुर्घटना में घायल होकर आने वालों को रक्त की जरूरत होती है। इसके साथ ही भवन में सीटी स्कैन मशीन, सीसीटीवी कैमरे, मेडिसन, पीडियाट्रिक्स और महिला रोग विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों का न होना भी मुद्दा बनाया गया है। आरडीए ने अपने ज्ञापन की कापी सर्जरी विभागाध्यक्ष, डीएन पीजीआईएमएस और संस्थान के एमएस को भेजी है।
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